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रेप व हत्या का आरोपी बरी

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रेप व हत्या का आरोपी बरी, कोर्ट ने कहा- अगर आईओ ने जरा भी दर्द लिया होता तो केस का परिणाम कुछ और होता

 

किला थाना एरिया के बहुचर्चित केस- रेप के बाद युवती की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में भारी कमी के कारण काेर्ट ने आराेपी राॅकी शर्मा काे बरी कर दिया। जांच में बरती लापरवाही काे लेकर एडिशनल सेशन जज डाॅ. गगनदीप मित्तल ने बेहद गंभीर टिप्पणी की। कहा- ‘आईओ (इंवेस्टीगेशन ऑफिसर) ने बहुत ही लापरवाह तरीके से जांच की। अगर उन्हाेंने जरा-सा दर्द लिया हाेता ताे केस का परिणाम कुछ और हाेता। जजमेंट की कॉपी एसपी को भेजकर सूचित किया जाए कि उनके अधीनस्थ पुलिस ने किस तरह की जांच की। उम्मीद करते हैं कि वह इस पर संज्ञान लेंगे और सुनश्चित करेंगे कि भविष्य में इस तरह की चूक न हो।’ 26 जुलाई काे सुनाए गए इस फैसले के बाद दाे दिन पहले डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने जांच शुरू की। उन्हाेंने कहा कि जांच में आईओ के अलावा जिसकी लापरवाही मिली, कार्रवाई हाेगी।

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काेर्ट ने कहा- ‘फैसला पूर्ण करने से पहले हम दुख के साथ कहना चाहते हैं कि केस में बहुत ही खराब तरीके से जांच हुई है। हत्या या रेप घिनाैना अपराध है। अपराधियों काे निश्चित रूप से सख्त सजा मिलनी चाहिए और यह तभी हाे सकता है, जब जांच सही तरीके से हाे। आईओ का धर्म है कि वे ईमानदारी व स्वच्छ तरीके से जांच करें। इसका एक ही मकसद है कि दाेषी बचे नहीं और निर्दाेष फंसे नहीं, पर इस केस में आईओ ने लापरवाह तरीके से जांच की।’

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इसलिए शहर का चर्चित केस था…

पुलिस जांच में कहा गया कि राजीव काॅलाेनी निवासी राॅकी शर्मा पुत्र नफेसिंह की कलंदर चाैक पर काॅस्मेटिक की शाॅप थी। उसकी एक युवक से दाेस्ती थी। इस कारण राॅकी का उसके घर पर आना-जाना था। आराेप था कि 13 मई 2018 काे राॅकी दाेस्त की 22 वर्षीय बहन काे शादी की नीयत से भगाकर ले गया। बाइक से वह उसे गुड़गांव के टिंगड़ा गांव ले गया और वहीं रहने लगा। पुलिस ने भगाकर ले जाने का केस किया, लेकिन ढूंढने में नाकाम रही। इसी दाैरान आराेप लगा कि लड़की के भाई का साथ दे रहे दाेस्त महेंद्र की जिम में 5 जुलाई काे राॅकी ने आग लगा दी। फिर, 11 जुलाई काे महेंद्र के दाेस्त राजन तनेजा काे गाेली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद तीसरे दाेस्त गाेपाल काे धमकी दी। पुलिस जांच में कहा गया कि दाे माह गुड़गांव में रहने के बाद राॅकी पानीपत में रहना चाहता था, लेकिन युवती तैयार नहीं थी। 13 जुलाई 2018 काे वह बाइक से लड़की काे साेनीपत के नाहरी गांव लाया। सिर में गाेली मारकर हत्या की और युवती के शव काे कुएं में डाल दिया। 14 जुलाई काे नाैल्था में पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने गिरफ्तार कर बाइक, पिस्तौल और जिंदा व खाली कारतूस बरामद किए थे। हालांकि, 13 जुलाई काे ही साेनीपत पुलिस ने शव बरामद कर पाेस्टमार्टम करा दिया था। 15 जुलाई काे पिता ने साेनीपत जाकर शव की पहचान की थी।

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काेर्ट ने उपन्यास में लिखे वाक्य का भी जिक्र किया

फैसले में काेर्ट ने फाेयाेडाेर डाेस्टाेवस्की के क्राइम एंड पनिशमेंट उपन्यास में लिखे वाक्य का भी जिक्र किया कि- “100 चूहाें से आप घाेड़ा नहीं बना सकते और 100 शकाें से एक सबूत नहीं बनता।’ अभियाेजन पक्ष काेई भी आराेप साबित करने में फेल रहा। रेप का आराेप भी हवा में है।

 

 

 

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