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लैबाें पर बढ़ते दबाव काे लेकर आईसीएमआर ने कहा- पाॅजिटिव आने के बाद दाेबारा सैंपल न लें

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लैबाें पर बढ़ते दबाव काे लेकर आईसीएमआर ने कहा- पाॅजिटिव आने के बाद दाेबारा सैंपल न लें

 

पानीपत में काेराेना के बढ़ते केसाें के बाद दिन-ब-दिन टेस्टिंग भी बढ़ रही है। लोग अब ज्यादा तादाद में टेस्ट करवा रहे हैं। इससे लैबाें पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात देखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने मंगलवार को कोरोना टेस्टिंग पर पूरे देश के लिए नई एडवाइजरी जारी की है।

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इसमें लैब पर दबाव कम करने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट घटाने और रैपिड एंटीजन टेस्ट बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। आईसीएमआर का कहना है कि संक्रमण की दूसरी लहर में टेस्टिंग लैब्स पर भारी दबाव है। ऐसे में जांच का टारगेट पूरा करने में परेशानी हो रही है। लैब के कर्मचारी भी लगातार संक्रमित हो रहे हैं।

आईसीएमआर ने मंगलवार को कोरोना टेस्टिंग पर पूरे देश के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। - Dainik Bhaskar

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एडवाइजरी में कहा कि रैपिड एंटीजन टेस्ट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसे 2020 में मान्य किया गया था। अब इसका उपयोग कम किया जा रहा है। इसे बढ़ावा देने से लैब्स पर दबाव कम होगा। पानीपत की ही बात करें ताे सिविल अस्पताल की काेराेना जांच लैब में 4700 से ज्यादा रिपाेर्ट पेंडिंग वहीं इतने ही सैंपलाें की टेस्टिंग प्राइवेट लैब में भी पेंडिंग हैं। पानीपत में 21 प्राइवेट लैब सैंपल कलेक्ट करने का काम कर रही हैं।

पानीपत में अब भी साढ़े 4 हजार सैंपल की रिपाेर्ट पेंडिंग, इतनी ही प्राइवेट लैबाें में भी

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ये दिए गए हैं सुझाव

  • एक बार पॉजिटव आने पर किसी भी व्यक्ति का दोबारा आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्‍ट न किया जाए।
  • कोरोना से ठीक होने वाले मरीज का डिस्चार्ज होते समय टेस्ट जरूरी नहीं है।
  • एक स्वस्थ्य व्यक्ति अगर इंटर स्टेट ट्रैवल कर रहा है तो उसे टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। इससे लैब पर दबाव कम होगा।
  • जिन्हें कोरोना के लक्षण हैं, उन्हें गैर जरूरी ट्रैवल करने से बचना चाहिए।
  • जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं, उन्हें भी ट्रैवलिंग के दौरान कोविड गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।
  • मोबाइल सिस्टम के जरिए आरटी-पीसीआर टेस्‍ट बढ़ाने पर जोर देना चाहिए।
  • पानीपत में पिछले एक महीने औसतन 1300 सैंपल लिए जा रहे हैं
  • पानीपत में टेस्टिंग का ओवरऑल पॉजिटिव रेट 8.20% से ज्यादा है। मौतें काफी ज्यादा हो रही हैं। इस पर नियंत्रण हासिल करने के लिए आइसोलेशन और होम बेस्ड ट्रीटमेंट पर ध्यान देना जरूरी है।
  • पानीपत में एक सरकारी और 21 प्राइवेट लैब से टाइअप भी हैं।

रैपिड टेस्ट पर आईसीएमआर ने दिए ये निर्देश

  • शहरों और ग्रामीण इलाकाें में कई जगहों पर रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए बूथ की व्यवस्था की जाए।
  • इन बूथों में सातों दिन और 24 घंटे टेस्टिंग की जाए।
  • स्कूल-कॉलेज और कम्युनिटी सेंटर में भी रैपिड एंटीजन टेस्ट की व्यवस्था की जा सकती हैं।
  • निजी और सरकारी हेल्थकेयर फैसिलिटी में रैपिड टेस्ट को शामिल किया जाए।

 

 

Source : Bhaskar

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