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पानीपत

रेमडेसिविर-बार्सिक्टिनिब दवा नहीं मिली, स्वजनों ने खाए धक्के

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रेमडेसिविर-बार्सिक्टिनिब दवा नहीं मिली, स्वजनों ने खाए धक्के

 

कोरोना संक्रमितों के इलाज में इस्तेमाल की जा रही दवा रेमडेसिविर, फैबिफ्लू टोसिलिजुमैब, एनोक्सैरिन के बाद अब बार्सिक्टिनिब भी बाजार से गायब हो गई है। भाजपा मंडली ने वीरवार को अपने हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे। उन नंबरों से भी मरीजों के स्वजनों को मदद नहीं मिली। भाजपा के शहर विधायक के सहायक ने भी तीमारदारों को सिविल अस्पताल ही भेज दिया।

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रेमडेसिविर-बार्सिक्टिनिब दवा नहीं मिली, स्वजनों ने खाए धक्के

शांतिनगर निवासी सुरजीत ने बताया कि मेरे पिता मस्तान सिंह (68 वर्ष) कोरोना संक्रमित हैं। फिलहाल वह बिशनस्वरूप कालोनी स्थित अस्पताल की आइसीयू (गहन चिकित्सा यूनिट) में भर्ती हैं। पर्चे पर चिकित्सक ने बार्सिक्टिनिब दवा लिखी है। अस्पताल में खुले मेडिकल स्टोर पर दवा नहीं है। वहां के अलावा आसपास के स्टोर्स पर भी दवा नहीं मिली। समाचार पत्रों में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन नंबर, बतौर हेल्पलाइन प्रकाशित हैं। उन नंबरों पर कॉल की तो कहा कि एक-दो दिन में समाधान हो जाएगा। इसके बाद शहर विधायक के कार्यालय पहुंचे। विधायक के निजी सहायक ने सिविल अस्पताल भेज दिया। सिविल अस्तपाल में पर्चा दिखाया तो बोले यह दवा अस्पताल में नहीं मिलती। माडल टाउन निवासी अतुल ने बताया कि उनका मरीज जगजीत (33 वर्ष) भी निजी अस्पताल में भर्ती है। रेमडेसिविर दवा नहीं मिल रही है। अतुल की बाकी कहानी सुरजीत सिंह जैसी है। दोनों ने आरोप लगाया कि दस गुना कीमत चुकाएं तो दलाल पांच मिनट में दवा उपलब्ध करा रहे हैं

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Source : Jagran

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