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शहरवासी बाेले- साइज घटा सड़कें कमजाेर बनाते हैं ठेकेदार,ताकि जल्दी खस्ताहाल हाे जाएं और टेंडर मिलते रहें

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शहर में सड़काें व गलियाें में निर्माण में लगने वाली इंटरलाॅकिंग टाइल्स का स्टैंडर्ड साइज 80 एमएम तय किया हुआ है। साथ ही सभी टाइल आईएसआई मार्का की हाेना भी जरूरी किया हुआ है। इसके बाद भी ठेकेदार शहर में चल रही सड़काें के निर्माण में कई जगहाें पर दाेनाें नियमाें काे ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। टाइल्स का स्टैंडर्ड साइज 80 एमएम से कम करके 70 से 75 एमएम वाली भी प्रयाेग कर रहे हैं। नगर निगम अधिकारी इससे बेखबर हैं। अधिकारियाें दावा कर रहे हैं कि काेई भी ठेकेदार ऐसा नहीं कर सकता।

माइनस वाले टेंडराें का ऐसे ही पूरा करते हैं घाटा :
शहर में हाेने वाले विकास कार्याें के तहत बनने वाली सड़कें व अन्य कामाें के टेंडर कई ठेकेदार घाटे में भी उठा लेते हैं। पूर्व पार्षद एवं जन आवाज साेसायटी प्रधान जाेगिंद्र स्वमी ने बताया कि जिस भी काम में स्टैंडर्ड साइज 80 एमएम से कम 70 या 75 एमएम वाली इंटरलाॅकिंग टाइल्स प्रयाेग हाेती है ताे उसमें करीब 1 से 1.50 रुपए सस्ती पड़ती है। वहीं जाे टाइल आईएसआई मार्का के बिना प्रयाेग करते हैं ताे वे टाइल्स करीब 4 रुपए तक सस्ती पड़ती हैं। नगर निगम अधिकारी इससे बेखबर हैं।

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लोगों ने दिखाया साइज हेरफेर व आईएसआई मार्का गड़बड़

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  • वार्ड-1 के एरिया नूरवाला बस अड्डे से सेक्टर-13/17 तक करीब डेढ़ किलाेमीटर सड़क है। इसके आधे हिस्से में निर्माण शुरू हुआ है और आधा करीब 10 माह पहले बना था। बिचपड़ी निवासी राजेंद्र व साेनू ने 10 माह पहले फिलहाल बन रही सड़क की टाइल्स में अंतर दिखाए। पहले वाली टाइल्स का साइज छाेटा और अब वाली का बड़ा है।

Tiles passed in the hour after the corporation commissioner cracked it -  Punjab Moga General News

 

  • परशुराम काॅलाेनी में हनुमान मंदिर वाली गली में लगी ज्यादातर इंटरलाॅकिंग टाइल्स आईएसआई मार्का नहीं हैं। दिखावा के लिए कुछेक लगा देते हैं। क्षेत्रवासी रवि, साेनू व अनिल ने बताया कि करीब 6 माह पहले ही परशुराम काॅलाेनी, देवी मूर्ति काॅलाेनी व देवी मंदिर के आसपास सड़कें बनी थी। इनमें लगी ज्यादातर टाइल्स आईएसआई मार्का नहीं है। सड़कें उखाड़ कर देखा जाए ताे इनके नीचे पत्थर भी नहीं डाले हैं। कच्ची मिट्टी पर ही टाइल्स बिछाई हैं।

सड़काें व गलियाें में निर्माण में लगने वाली इंटरलाॅकिंग टाइल्स के साइज व आईएसआई मार्का में काेई ठेकेदार गड़बड़ नहीं कर सकता। 3 साल पहले यह नियम बना दिया था कि बिना आईएसआई मार्का टाइल्स नहीं लग सकती। किसी भी सड़क पर छाेटे हिस्से की मरम्मत में पुरानी टाइल्स लगा देते हैं। पुरानी टाइल आईएसआई मार्का नहीं थी। फिर भी कहीं गड़बड़ है ताे इसकी जांच कराएंगे। -प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम पानीपत।

source bhaskar

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