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पानीपत

यूपी की ओर दाे, राजस्थान जाएगी 1 राेडवेज बस, इंटर स्टेट काे लेकर नहीं आई गाइडलाइन

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यूपी की ओर दाे, राजस्थान जाएगी 1 राेडवेज बस, इंटर स्टेट काे लेकर नहीं आई गाइडलाइन

साेमवार से सात दिन के लाॅकडाउन की घाेषणा के बाद पानीपत राेडवेज डिपाे प्रबंधन ने भी संचालन में बदलाव कर दिया है। यूपी और राजस्थान के लिए सिर्फ दाे-दाे बसाें काे ही रवाना किया जाएगा। उत्तराखंड सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी। दिल्ली रूट पर भी सिर्फ तीन बसाें काे ही संचालित किया जाएगा।

राेडवेज मुख्यालय ने इंटर स्टेट संचालन काे लेकर काेई गाइडलाइन जारी नहीं की है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद ही इंटर स्टेट संचालन किया जाएगा। पानीपत डिपाे से प्रतिदिन 110 बसाें काे संचालित किया जा रहा था। तीन दिन पहले हरियाणा के साेनीपत, फरीदाबाद, गुड़गांव सहित 9 जिलाें में लाॅकडाउन के कारण उन जिलाें में संचालन काे राेक दिया गया था।

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लाॅकडाउन की घाेषणा हाेने के बाद प्रवासी श्रमिक अपने घर वापस जाने के लिए निकले। सेक्टर-29 पार्ट टू स्थित ट्रैवल्स एजेंसी की बस में लाइन लगाकर चढ़ते हुए। - Dainik Bhaskar

 

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इसके साथ ही दिल्ली के लिए करीब 7 बसाें काे रवाना किया जा रहा था। यूपी के लिए भी करीब 9 बसाें काे संचालित किया जा रहा था। उत्तराखंड के गुरुकुल बाॅर्डर तक 6 बसें भेजी जा रही थीं। रविवार काे गृह मंत्री अनिल विज के लाॅकडाउन करने की घाेषणा के बाद पानीपत राेडवेज डिपाे प्रबंधन ने साेमवार से संचालन में बदलाव किया है। इस क्रम में अब यूपी के शामली और मेरठ के लिए ही बसाें काे भेजा जाएगा।

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उत्तराखंड बाॅर्डर भी बसें नहीं जाएंगी। दिल्ली के लिए भी सिर्फ 3 बसें ही जाएंगी। राजस्थान के जयपुर और अलवर के लिए बसें यात्रियाें की डिमांड और संख्या के अनुसार रवाना की जाएंगी। ट्रैफिक मैनेजर कर्मबीर ने बताया कि इंटर स्टेट संचालन काे लेकर अभी तक काेई गाइड लाइन नहीं आई है। गाइड लाइन आने के बाद ही संचालन काे राेस्टर तैयार किया जा सकेगा।

ट्रेनाें पर पड़ने लगा असर

काेराेना संक्रमण के कारण ट्रेनाें के संचालन पर भी असर पड़ने लगा है। पिछले 10 दिनाें में करीब 140 रिजर्वेशन लाेगाें ने कैंसिल कराए हैं। इस कारण ट्रेनाें में यात्रियाें की संख्या करीब 40 प्रतिशत ही रह गई है। पानीपत रेलवे स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि फिलहाल ट्रेन कैंसिल काे लेकर रेलवे की तरफ से काेई आदेश नहीं आए हैं।

लाॅकडाउन की घाेषणा के बाद प्रवासी श्रमिकाें में बढ़ी बेचैनी, सामान समेटकर घर जाने के लिए निकले

काेराेना संक्रमण के पैर पसारने के साथ ही प्रवासी श्रमिकाें ने पलायन करना शुरू कर दिया था। दिन-प्रतिदिन उनका पलायन तेज हाेता जा रहा था। गृह मंत्री अनिल विज द्वारा साेमवार से 7 दिन के लिए लाॅकडाउन की घाेषणा करने के बाद प्रवासी श्रमिकाें में बैचेनी बढ़ गई। वह आनन-फानन में अपना-अपना सामान समेटकर निजी बसाें की ओर दाैड़ पड़े।

पानीपत के औद्याेगिक नगरी हाेने के कारण 3 लाख से ज्यादा प्रवासी श्रमिक पानीपत में रहता है। पिछले साल अचानक ही लाॅकडाउन लग जाने के कारण प्रवासी श्रमिकाें काे पैदल ही बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश आदि राज्याें में स्थित अपने-अपने घराें की ओर जाना पड़ा था। इस बार प्रवासी श्रमिकाें ने रिस्क नहीं लिया। अप्रैल के प्रथम सप्ताह से ही काेराेना संक्रमण ने अपने पैर पसारना शुरू कर दिया था।

इस कारण तभी से ही प्रवासी श्रमिकाें ने अपने-अपने घराें की ओर रूख करना शुरू कर दिया था। संजय चाैक, गाेहाना माेड़ स्थित फ्लाई ओवर के नीचे, गाेहाना राेड स्थित शुगर मिल के पास से, सेक्टर- 29 पार्ट टू में वह निजी बसाें से ही वापस जाने लगे। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता गया। वैसे-वैसे श्रमिकाें का पलायन तेज हाे गया। रविवार दाेपहर काे गृह मंत्री ने जैसे ही 7 दिन के लाॅकडाउन की घाेषणा की वैसे ही श्रमिकाें ने निजी बसाें की ओर दाैड़ लगाना शुरू कर दिया।

 

 

SOURCE : BHASKAR

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