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करनाल में पंजाब नेशनल बैंक में डकैतों का धावा, सुरंग बनाकर घुसे अंदर, नहीं तोड़ सके स्ट्रॉन्ग रूम

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करनाल में पंजाब नेशनल बैंक में डकैतों का धावा, सुरंग बनाकर घुसे अंदर, नहीं तोड़ सके स्ट्रॉन्ग रूम

हरियाणा (Haryana) के करनालजिले में बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में डकैती का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि घरौंडा कस्बे के कोहंड गांव स्थित पीएनबी बैंक की पिछली दीवार के नीचे से सुरंग बनाकर बदमाश अंदर दाखिल हुए, लेकिन स्ट्रॉन्ग रूम को नहीं तोड़ सके. सूचना मिलते ही घरौंडा एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. बदमाशों की तलाश के लिए आस-पास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं. फिलहाल अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है.

बैंक मैनेजर कुलदीप कुमार के मुताबिक, जब बैंक का शटर खुला तो मंजर देख सभी के होश उड़ गए. दीवार में सेंध लगी थी और स्ट्रॉन्ग रूम को भी तोड़ने का प्रयास किया गया था. तुंरत पुलिस को सूचना दी गई. हालांकि, बैंक का कैश व डॉक्यूमेंट सुरक्षित है

आसपास के सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसएचओ इंस्पेक्टर दीपक ने बताया कि बैंक मैनेजर से डकैती के प्रयास की सूचना मिली थी. पूरे बैंक में सीसीटीवी लगे हैं, मगर पीछे की साइड जहां सुरंग बनाई गई उधर सीसीटीवी नहीं थे, इसलिए बैंक के आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं. मामले की जांच की जा रही है.

8 साल पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

बता दें, 26 अक्टूबर 2014 में सोनीपत के गोहाना स्थित पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में ऐसा ही मामला सामने आया था. उस दौरान 125 फीट लंबी सुरंग खोदकर चोरों ने पुराने बस स्टैंड स्थित पीएनबी के करीब 90 लॉकरों पर हाथ साफ कर दिया था. सुरंग के रास्ते बैंक के लॉकर रूम तक पहुंचे चोरों करोड़ों रुपये के आभूषण, नकदी और दस्तावेज गायब कर दिए थे. जिसका पता अगले दिन यानी 27 अक्टूबर को बैंक के खुलने के बाद चला था. चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. फिल्मी स्टाइल में की गई सेंधमारी के केस में दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए थे.

कितनी सुरक्षित है आपकी जमा-पूंजी?

बैंकों के लॉकर में रखी आपकी जमा-पूंजी तभी तक पूरी तरह सुरक्षित है जब तक लॉकर सुरक्षित हैं. हरियाणा की तरह लॉकर से चोरी की घटना होते ही बैंक हाथ खड़े कर देता है. वजह यह है कि बैंक लॉकर्स में रखी चीजों का बैंक के पास कोई रिकॉर्ड नहीं होता है और न ही इनका इंश्योरेंस बैक-अप होता है. अधिकारियों का कहना है कि चोरी आदि हो जाने पर कोर्ट जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है. कोर्ट जाकर साबित करना होगा कि लॉकर में आपका क्या सामान रखा था. यह साबित करना टेढ़ी खीर है. नकद पैसे का तो कोई सुबूत ही नहीं हो सकता.

 

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