महज 13 से 17 साल की उम्र, जिसमें अक्सर किशोर बाहर की दुनिया का कोई मतलब नहीं रखता और वह अपने व परिवार तक ही सिमटा रहता है, लेकिन शहर के ऐसे पांच किशोर सामने आए है जिन्होंने शातिराना दिमाग से चाकुओं की नोक पर डकैती की ऐसी सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया, जिसे देखकर हर कोई सोचने के लिए मजबूर हो गया। सेक्टर नो में बुजुर्ग पूर्व सैन्यकर्मी सुदेश कुमार सोनी व उसकी पत्नी के साथ की गई इस वारदात का पर्दाफाश हुआ तो छोटी उम्र के इन बच्चों के शैतानी दिमाग व साहस को देख पुलिस भी सन्न रह गई। फिलहाल चार आरोपितों को पुलिस ने अपने सरंक्षण में ले लिया है तो एक अभी फरार है।

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बता दें कि 11 सितंबर रात को सेक्टर 9 स्थित मकान नंबर 1702 में पूर्व सैन्यकर्मी सुदेश कुमार सोनी व उसकी पत्नी को चाकू की नोक पर लेकर करीब 85 हजार की नकदी, मोबाइल, ज्वैलरी आदी की लूट की वारदात सामने आई थी। जिसके बाद सेक्टर 9 चौकी पुलिस ने जांच शुरू की तो आराेपित शहर के हांसी रोड क्षेत्र व अन्य कालोनी के साथ-साथ झुग्गी में रहने वाले पाए गए, जिनमें से चार को सेक्टर 9 क्षेत्र से ही काबू कर लिया गया। फरार आरोपितों की तलाश के लिए भी पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपित किशोर नशा करने के आदि है और इसी की पूर्ति के लिए ही इस वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। सरंक्षण में लिए गए आरोपितों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया जबकि अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है। आरोपितों से 9600 रुपये की नकदी, पांच घड़ी, चार चाकू, एक मोबाइल व कुछ आर्टिफिशिल ज्वैलरी बरामद की गई है।

करनाल में डकैती की वारदात का पर्दाफाश।

इस तरह दिया था वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक एक आरोपित किशोर की मां उक्त मकान में नौकरानी के तौर पर काम करने आती थी, जिसके साथ वह भी कई बार आता था। वह बुजुर्ग दंपत्ती व इस घर के बारे में सब कुछ जानता था। उसने अन्य आरोपित अपने साथियों को यहां वारदात करने का आइडिया दिया और फिर उसने पहले रेकी की तो बाद में चाकूओं से लैस होकर रात को मेन गेट का ताला तोडकर घर के अंदर घुस गए। इन्हें एक कमरे में बुजुर्ग सैन्यकर्मी सुदेश कुमार सोनी मिले, जिनके साथ मारपीट करते हुए घर का सारा कीमती सामान निकालने को कहा। उसे पांचों ने चाकू की नोक पर ले लिया।

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शोर सुनकर पत्नी उठी तो फिर उसे भी चाकू की नोक पर ले लिया और मारपीट की। इन्होंने उनसे 85 हजार रुपये निकलवा लिए तो पांच घड़ी, दो मोबाइल व कुछ ज्वैलरी भी निकलवाई। जाने लगे तो उन्हें बुजुर्ग महिला के कानों में सोने की बालिया दिखी। उन्हें निकाल नहीं पाए तो कान चाकू से काटने लगे, इसके बावजूद वे बालिया नहीं निकाल पाए और दोनों को घायल अवस्था में अलग-अलग कमरे में बंद कर उक्त सामान लेकर फरार हो गए। वे कोर्ट परिसर के पीछे पहुंचे, जहां नकदी व सामान आपस में बांट लिया। फिर वे रेलवे रोड पर पहुंचे, जहां एक ढाबे पर खाना खाया और फिर एक आटो से रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और अलग-अलग ट्रेनों में सवार होकर फरार हो गए। बाद में वे वापस खुद ही करनाल भी लौट आए और पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पकड़े गए आरोपितों ने माना कि वारदात में उनके साथ एक और आरोपित था जबकि छठे आरोपित ने उन्हें इस घर के बारे में पूरी जानकारी दी थी।

इस तरह खुला राज

इंचार्ज एएसआई सलेंद्र कुमार का कहना है कि कुछ दिनों पहले ही सेक्टर 9 पुलिस चौकी क्षेत्र में स्थित एक मंदिर से दान पात्र चोरी कर लिया गया था। उसमें एक आरोपित किशोर को सरंक्षण में लिया गया था। जब डकैती की उक्त वारदात के संबंध में सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो एक आरोपित उक्त आरोपित की तरह ही चलता हुआ दिखाई दिया। उन्हें कुछ शक हुआ और उससे पूछताछ की तो पूरा राज खुल गया, जिसके बाद आरोपित सरंक्षण में ले लिए गए। उन्होंने माना कि डकैती से तीन-चार दिन पहले भी वे इसी घर में चाेरी की नीयत से गए थे, लेकिन लाइट जलती देख वे लौट गए थे। ज्वैलरी असल समझकर ले गए, जो बाद में आर्टिफिशियल पाई गई। सभी आरोपित 13 से 17 साल के आयु के हैं।

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