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1 बजे तक जाम रहा रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे

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DC कार्यालय के घेराव का था प्रोग्राम, किसानों ने बंद कर दिया NH; वजह- CM मनोहर लाल के बयान, लखीमपुर प्रकरण का विरोध

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुए घटनाक्रम के विरोध में किसानों ने रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे जाम कर दिया। संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को आह्वान किया था कि सोमवार को सभी जिलों के डीसी कार्यालय और ड्यूटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सांकेतिक धरना दिया जाएगा। मगर रोहतक मकड़ौली टोल पर धरने पर ‌बैठे किसानों के साथ आसपास के गांवों की तीन खापों ने सोमवार सुबह मीटिंग करके नेशनल हाईवे जाम करने का फैसला लिया और इसके बाद किसानों ने विभिन्न तरह के अवरोधक लगाकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। रोहतक चढूनी गुट जिलाध्यक्ष राजू मकड़ौली ने बताया कि नेशनल हाईवे जाम करने का फैसला खापों द्वारा लिया गया है।

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यह है हरियाणा सीएम मनोहर लाल का बयान

मुख्यमंत्री ने वीडियो जारी करके कहा कि कुछ नए किसानों के संगठन उभर रहे हैं, उनको अब प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे लाना पड़ेगा। खासकर उत्तर और पश्चिमी हरियाणा में, दक्षिण हरियाणा में यह समस्या ज्यादा नहीं है, लेकिन उत्तर पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने 500 या 700 किसान या फिर एक हजार लोग खड़े करो, उनको वॉलंटियर बनाओ। फिर जगह-जगह शठे शाठयम समाचरेत… की बात कहते हुए सीएम ने सामने बैठे लोगों से पूछा इसका क्या मतलब है। जिसके बाद भीड़ से आवाज आती है कि जैसे को तैसा। यहां यह भी कहा गया है कि उठा लो डंडे। जब डंडे उठाओगे तो जेल जाने की परवाह मत करो, दो चार महीने रह आओगे तो बड़े लीडर अपने आप बन जाओगे।

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यह था लखीमपुर खीरी प्रकरण

लखीमपुर में कई सरकारी योजनाओं के शिलान्यास के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कार्यक्रम होना था। इसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को भी शामिल होना था। अजय मिश्र लखीमपुर खीरी के ही रहने वाले हैं और यहीं से सांसद हैं। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही सुबह 8 बजे के करीब 200 किसान अजय मिश्र के गांव बेनीपुर पहुंच गए। यहां केशव मौर्य का हेलीकॉप्टर उतरना था। लेकिन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने हैलिपैड को पूरी तरह से घेर लिया और बीच में बैठ गए। प्रशासनिक अफसरों ने करीब दो घंटे तक किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं हटा।

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आनन-फानन में डिप्टी सीएम का कार्यक्रम बदला गया और उन्हें सड़क मार्ग से लखीमपुर लाया गया। यहां उन्होंने करीब 12 बजे एक गेस्ट हाउस में कई सरकारी योजनाओं का शिलान्यास किया। डिप्टी सीएम ने करीब एक बजे भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से तिकुनिया के लिए निकले। यहां उन्हें एक दंगल के कार्यक्रम में शामिल होना था। डिप्टी सीएम के तिकुनिया जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किसान तिकुनिया की सड़कों पर जुट गए। जब डिप्टी सीएम और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र का काफिला गुजरा तो किसान उन्हें काले झंडे दिखाने लगे।

आरोप है कि काले झंडे दिखा रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष ने गाड़ी चढ़ा दी। इसमें दो किसानों की मौत हो गई। इसके बाद गाड़ी पलटने से चार और किसानों की जान चली गई। इस तरह से हादसे में 8 किसानों की जान चली गई। हादसे से आक्रोशित किसानों ने आशीष की गाड़ी पर हमला कर दिया। किसी तरह आशीष गन्ने के खेत से होकर भाग निकला, जबकि उसके ड्राइवर को भीड़ ने पीटकर मार डाला। किसानों की मौत से उग्र भीड़ ने मौके पर तीन गाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस पर पथराव करने की सूचना रही।

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