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पानीपत

सास को पीटते रहे दामाद और उसके 2 दोस्त, युमना में पानी कम था तो तालाब में फेंका शव

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सास को पीटते रहे दामाद और उसके 2 दोस्त, युमना में पानी कम था तो तालाब में फेंका शव

 

 

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रिसालू गांव की 60 वर्षीय रोशनी देवी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। अपहृत साले दीपक और सास रोशनी पर दामाद राकेश ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर खूब जुल्म ढहाए थे। 12 घंटे तक भूखे-प्यासे रखकर वे सास को थर्ड-डिग्री देते रहे। मौत होने पर उसे यमुना में फेंकने गए थे, लेकिन पानी कम था। तब वे शव को रिसालू जोहड़ में फेंक गए थे। तब दीपक भी साथ था। उसे जुबान खोलने पर मारकर मां के साथ जमीन में दफनाने की धमकी दी। बेटे के सामने ही पीटकर मां की हत्या की थी, इसलिए वह सहम गया। लेकिन अब दीपक खुलकर जुल्मों की दास्तां बता रहा है।

फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

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दीपक ने पुलिस को बताया कि उसकी बड़ी बहन अनीता और अंजू की शादी करनाल के फुरलक गांव निवासी राकेश और वेदा के साथ हुई है। अंजू वर्तमान में सरपंच है। सरपंची जेठ राकेश संभालता है। करीब 6 माह पहले राकेश ने 9 बीघा बिजना गांव में जमीन खरीदी थी। राकेश को डर था कि सरपंच के कारण जमीन उसके नाम हुई तो उसकी सरकार जांच करा देगी। तब उसने जमीन दीपक के नाम करा दी थी। दीपक से किसी और ने धोखे से जमीन खरीद ली। इसका राकेश काे बाद में पता चला। तब वह जमीन बेचने से मिली 25 लाख रुपए रकम मांग रहा था। रास्ता नहीं मिला तो 1 मार्च को जीजा राकेश घर आया और बोला कि जिस व्यक्ति ने धोखाधड़ी की है, उसके खिलाफ थाने में केस कराएंगे। वह दीपक को अपने साथ ले गया। थाने की वजह वह दीपक को गांव में बने मुर्गी फार्म पर ले गया। वहीं राकेश, उसके दोस्त करनाल के झिमरेड़ी गांव निवासी गुरमीत और बिचपड़ी के रवि ने दीपक को बुरी तरह पीटा। 3 मार्च की शाम को रोशनी देवी को उठाकर फार्म हाउस पर ले गए।

अस्पताल ले गए, मौत होने के बाद बचने की रची थी साजिश

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फार्म हाउस में तीनों आरोपियों ने रोशनी को बुरी तरह पीटा और जमीन बेचने से मिली रकम के बारे में पूछते रहे। 12 घंटे तक वे उस पर जुल्म ढहाते रहे। देर रात 2 बजे रोशनी ने बताया कि घर पर रुपए रखे हैं। तब राकेश, बेटे व अन्य को लेकर रिसालु आया। ताले तोड़े, लेकिन 25 लाख रुपए नहीं मिले। तब वे गहने व डेढ़ लाख रुपए लेकर वापस सुबह 5 बजे फार्महाउस पर पहुंचे। तब रोशनी ठंडी पड़ चुकी थी। उसे मघुबन के अर्चना हॉस्पिटल में ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया। तब वे उसे वापस फार्महाउस पर ले गए। इसके बाद बचने के लिए साजिश रची। रात को वे शव फेंकने के लिए यमुना पर गए, लेकिन वहां पानी कम था। तब वे शव लेकर रिसालू पहुंचे और जोहड़ में डालकर भाग गए।

जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही मिलेगी उन पर भी होगी कार्रवाई

एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि हत्या केस में लापरवाही सामने आने पर सेक्टर-29 थाना के एसएचओ राजबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया है। जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच एएसपी पूजा वशिष्ट को दी गई।

 

 

 

Source : Bhaskar

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