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Panipat

SDVM प्रबंधन समिति ने 25 लाख रुपए और पेंशन का वादा किया

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सेक्टर-12 स्थित शहर के सबसे बड़े स्कूल एसडीवीएम की लिफ्ट में फंसने से जान गंवाने वाले 34 साल के अंकित गुप्ता के परिजनों को करीब 25 लाख रुपए और पेंशन दिलाने का भरोसा देकर एसडीवीएम प्रबंधन समिति बच गई। सिविल अस्पताल की नाकाम सरकारी व्यवस्था ने भी पीड़ितों की लड़ाई कमजोर कर दी। फ्रिजर खराब होने से तीन दिनों से शवगृह में पड़ा शव फूलने लगा तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

Lab assistant dies after getting stuck in sdvm school lift at panipat

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पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के सेक्टर-25 स्थित ऑफिस में रविवार को करीब 5 घंटे की चली मीटिंग के बाद समझौते पर सहमति बनी। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे सभी सिविल अस्पताल गए। जहां से शव लेकर देसराज कॉलोनी स्थित बनियों वाले श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

Haryana: Stuck In School Lift For Five Hours Lab Attendant Dies In Panipat

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रविवार सुबह 10 बजे पूर्व मेयर भूपेंद्र सिंह के घर मीटिंग शुरू हुई, जिसमें बार एसोसिएशन के उप प्रधान अनिल सिंगला व कैशियर मनोज शर्मा, मृतक अंकित के जीजा रविंद्र कुमार जैन, बहन मनीषा, भाई अमित आदि के साथ ही एसडीवीएम की ओर से नरेश सिंगला व एक अन्य स्टाफ शामिल हुए। दोपहर 1 बजे तक चली मीटिंग में फैसला नहीं हुआ। दोपहर 3 बजे फिर सभी जमा हुए। शाम 5 बजे तक बातचीत के बाद समझौते का फाॅर्मूला बना।

पानीपत. अंकित गुप्ता का शव लेने पहुंचे परिजन। - Dainik Bhaskar

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पूर्व मेयर ने लिखकर दिया तब माने परिजन… समझौता इस पर हुआ कि 15 लाख की मदद स्कूल देगा। अंकित का नौकरी के हिसाब से जो भी पीएफ-ग्रेच्युटी आदि बनती होती वह दिलाई जाएगी। यह 10 लाख के आसपास की बताई गई। पीएफ आदि के हिसाब से जो पेंशन बनेगी वह दी जाएगी। यह बातें लिखकर दी तब वे माने।

किसके नाम से चेक बनेगा, यह बताएंगे परिजन… अंकित के परिवार में पत्नी है। पत्नी के अलावा बुजुर्ग माता-पिता हैं। इसलिए, परिजनों को बताना है कि चेक किसके नाम से बनेगा। यह स्कूल प्रबंधन समिति को बताएंगे, उसके बाद चेक बनेगा।

स्कूल प्रबंधन पर दर्ज हुआ था लापरवाही का केस

अंकित के भाई अमित की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन पर केस दर्ज हुआ था। आराेप है कि चेयरमैन और प्रिंसिपल काे मदद के लिए बुलाया, लेकिन वे स्कूल से ही भाग गए। लिफ्ट खराब थी, जिसे ठीक नहीं करवाया। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से ही अंकित की माैत हुई है।

बहन बोलीं- 15 लाख की बात नहीं हुई, मदद का भरोसा दिया

अंकित की बहन मनीषा ने कहा कि स्कूल वाले अपनी ओर से 15 लाख रुपए देंगे, यह नहीं कहा है। सिर्फ इतना कहा है कि जो बन सकेगा मदद करेंगे। यह भी कहा कि पीएफ आदि की जो राशि बनेगी वह दिलाएंगे। इसके अलावा पेंशन का भरोसा दिया है।

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