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पानीपत में सनसनी, ददलाना को गुंडों ने घेरा, जो दिखा उसे चाकू घोंपा

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रिफाइनरी के साथ लगते ददलाना गांव को मंगलवार देर शाम को बदमाशों ने घेर लिया। हाथों में चाकू, डंडे और गंडासी लिए दस से ज्यादा बदमाश कुछ घरों में घुस गए। जो दिखा, उसे चाकू घोंप दिया। एकाएक हुए हमले से हर कोई सन्न रह गया। महिलाओं के बीच चीख-पुकार मच गई। इस हमले में एक युवक की मौत हो गई, चार लोग घायल हो गए।

इतना ही नहीं, आरोपितों में सिविल अस्पताल में पहुंचकर भी मारपीट का प्रयास किया। पानीपत के सिविल अस्पताल, प्रेम अस्पताल और ददलाना में पुलिसबल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की पांच टीमें आरोपितों की तलाश कर रही हैं। मामला कंपनी से रुपये के लेनदेन और ठेके का है।

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पानीपत के ददलाना में गुंडागर्दी के दौरान मारा गया संजीव। (फाइल फोटो)

घटनाक्रम रिफाइनरी में काम करने वाले शिल्पी कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़ा है। इस कंपनी में यशपाल राणा का गाड़ियों का ठेका था। यशपाल राणा ने जागरण को बताया कि कंपनी से उन्होंने पांच से छह लाख रुपये लेने थे। कंपनी समय पर रुपये नहीं दे रही थी। इस वजह से उन्होंने काम छोड़ दिया। अपने रुपये लेने के लिए गांव में कई बार पंचायत हुई। पंचायत में कंपनी की ओर से बंटी और बिरजू ने रुपये लौटाने की जिम्मेदारी ली थी। बंटी और बिरजू ने रुपये नहीं लौटाए तो उनका बेटा विक्रांत मंगलवार को कंपनी के कार्यालय में पहुंचा। कंपनी प्रबंधकों से कहा कि जमानती रुपये नहीं दे रहे, अब आप ही हिसाब करो। यह कहकर विक्रांत लौट आया।

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पानीपत के ददलाना में तैनात भारी पुलिसबल।

चारों ओर से घेरकर किया हमला

शाम को बंटू, बिरजू, पवन, रणधीर उसके तीन लड़के और कई युवक गांव में उनके मुहल्ले में घुस आए। चारों ओर से इन्होंने घेर लिया। ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। ये कहने लगे कि कंपनी में क्यों गए थे। जिसे देखा, उसे चाकू मारने लगे। इस हमले में संजीव का खून बेहद ज्यादा बह गया। इसके अलावा विक्रांत, सुंदर और जोनी भी घायल हो गए। संजीव को जब तक अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो गई।

बेटे-बेटी के सिर से उठा पिता का साया

यशपाल राणा अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के महासचिव हैं। वह भी घायल हुए। महिलाओं ने किसी तरह उन्हें बचाया। हमले में 32 वर्षीय संजीव की मौत हो गई। संजीव उनके ताऊ का बेटा था। संजीव की एक बेटी और एक बेटा है। बदमाशों ने उनके सिर से पिता का साया छीन लिया। संजीव एक कंपनी में सुपरवाइजर था। तीन बहन और एक बड़ा भाई है। पिता खखिला सिंह फौज से रिटायर हुए हैं।

Source Jagran

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