Connect with us

विशेष

‘साहब सिर्फ अपने मजे के लिए करता हूं लोगों के कत्ल, हरियाणा के इस जिले से पकड़ा गया सीरियल किलर

Published

on

Advertisement

‘साहब सिर्फ अपने मजे के लिए करता हूं लोगों के कत्ल, हरियाणा के इस जिले से पकड़ा गया सीरियल किलर

 

यह जानते हुए कि कानून की गिरफ्त से आजतक कोई बच नहीं पाया है, कुछ लोग क्राइम करने का अजीब शौक भी रखते हैं। एक ऐसा ही शख्स है जिसने तीन महीने में 20 हत्याएं कर डाली। इस आरोपी मोहम्मद रजी है जिसकी उम्र 22 वर्षीय है। गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा किया कि रजी गुरुग्राम, बहादुरगढ़, दिल्ली और बिहार में कम से कम 20  हत्याओं में शामिल रहा हो। पुलिस ने कहा कि उसे गुरुग्राम के इफ्को चौक से गिरफ्तार किया गया। इससे एक हफ्ते पहले उसने सेक्टर 29 और सेक्टर 47 में लगातार तीन दिन में  तीन लोगों की हत्या की थी। इस मामले में जांच जारी है और राज्य के बाहर कथित हत्याओं के अभी तक सबूत नहीं मिले हैं।

Advertisement

लेकिन सबकुछ वैसा नहीं होता जैसा लोग सोचते हैं उसे इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि वह पुलिस की गिरफ्त में आ जाएगा। किसी भी जुर्म को अंजाम देने के बाद वह मौके पर कोई सबूत नहीं छोड़ता था। प्रारंभिक पूछताछ के मुताबिक आरोपी के घर वाले उसे ‘सनकी रजी’ कहते हैं। बचपन से ही वह देखने में शारीरिक रूप से काफी कमजोर है। इस वजह से उसके परिवार के लोग ही नहीं बल्कि जानकार भी उसे चिढाते थे। परिवार के लोग उससे कहा करते थे कि वह किसी काम का नहीं है। यह बात उसे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी।

Advertisement

एक महीने पहले दिल्ली से वह गुरुग्राम पहुंचा था। फुटपाथ पर कहीं भी सो जाता था। इसी बीच उसके दिमाग में अपराध की दुनिया में पहचान बनाने की बात आई। उसने सोचा कि अब समाज में उसका भी वजूद होना चाहिए। उसके नाम से लोग खौफ खाएं, ऐसा सोचकर ही उसने लूटपाट के इरादे से हत्या करने का सिलसिला शुरू किया। उसे खुद कुछ बनने की इच्छा थी। वह दुनिया को यह दिखाना चाहता था कि वह कुछ हासिल कर सकता है जिसके बाद उसने लोगों को मारना शुरू कर दिया।

बिहार के अररिया जिले के खलीलाबाद गांव का निवासी रजी गुरुग्राम में मजदूर के तौर पर काम करता था। सितंबर में गुरुग्राम जाने से पहले उसने एक छोटे होटल और जामा मस्जिद के पास एक गेस्ट हाउस में काम किया। गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर केके राव ने कहा कि जुलाई में दिल्ली आने से पहले वह नेपाल में काम करता था। पुलिस सहायक आयुक्त प्रीत पाल सांगवान ने कहा कि रजी हर हत्या के पहले पीड़ितों के साथ एक ही किस्म का काम करता था।

Advertisement

वह पीड़ितों के साथ शराब पीता फिर उन्हें छुरा घोंपता था और कुछ मामलों में शव को क्षत-विक्षत कर देता था। कमिश्नर ने कहा कि उसका इन हत्याओं के पीछे कोई मकसद नहीं था, लेकिन उसे लगा कि लोगों को मारने से वह प्रसिद्ध हो सकता है। हत्या के करने के बाद वह लोगों के जेब और बैग भी टटोलता था। अगर कुछ पैसे मिले तो वह उससे ड्रग्स खरीद लेता था।

पूछताछ के दौरान रजी ने कहा कि ‘साहब सिर्फ अपने मजे के लिए करता हूं लोगों के कत्ल, खून देख अच्छा लगता है’ । उसने शराब पीने के बाद अक्टूबर में गुरुग्राम और आस-पास के इलाकों में लोगों को ‘मजे’ के लिए मारना शुरू कर दिया। इसके बाद वह उन्हें लूटने भी लगा था। उनके निशाने पर पार्क और दूसरे कम भीड़भाड़ वाले इलाके के लोग थे। पीड़ितों में से ज्यादातर उसके लिए अजनबी थे। पुलिस ने तीनों हत्या वाली जगहों के सीसीटीवी फुटेज का मुआयना किया। इन आठ कैमरों के फुटेज में एक शख्स जो हर जगह मिला, वो था- रज़ी, जिसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरु की और आखिरकार गुरुवार को वह गिरफ्तार हुआ।

तीन रात में तीन हत्याओं के बारे में बताते हुए रजी ने कहा कि 23 नवंबर को वह लेजर वैली पार्क में गया और कुछ लोगों से बातचीत की। लेकिन ऐसा कोई नहीं मिला जिसको वह मार सके। कुछ देर बाद उसकी मुलाकात 20 वर्षीय एक मजदूर से हुई। रजी ने उससे कहा कि वह भी साथ शराब पिए। पुलिस अधिकारी सांगवान ने कहा, ‘दोनों ने व्हिस्की की एक बोतल खत्म की और रजी ने फिर से नाटक करना शुरू कर दिया कि वह शराब के नशे में था और उस आदमी की गर्दन, छाती और पेट में चाकू घोंप दिया। पीड़ित को बहुत सारा खून बह चुका था। इसके बाद वह पार्क के बाहर आ गया।’ पुलिस ने बताया कि अभी तक शव की पहचान नहीं हो सकी है।

लोगों को मारने के बाद अपने हाथों को धोने के लिए रज़ी हर जगह अपने साथ एक पानी की बोतल भी रखता था। पुलिस ने कहा कि वह हत्या वाली जगह फिर से देखने आता था। वहीं 24 नवंबर को रजी ने सेक्टर 40 में एक सुरक्षा गार्ड से मुलाकात की। उससे दोस्ती की और उसे शराब पीने की पेशकश की। कई ड्रिंक्स के बाद रजी ने गार्ड को सीने और पेट में चाकू मार दिया। उसने गार्ड का वॉलेट, मोबाइल फोन और जूते निकाले और भाग गया। मृतक की पहचान सेक्टर 40 में तैनात एक निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड अखिलेश कुमार के रूप में की गई।

25 नवंबर को रजी अपने अगले शिकार की तलाश में सेक्टर 47 गया। वहां उसने देखा कि पाइप जमा करने वाला एक शख्स खुले मैदान में सोता था। पुलिस ने कहा कि सेक्टर 47 में राज्य सतर्कता कार्यालय के ठीक सामने का यह मामला है। सांगवान ने कहा कि दोनों ने साथ जॉइन्ट पिया। शख्स के पास शराब भी थी, जिसे पीकर रजी ने उस आदमी को पांच बार चाकू मारा, सिर को शरीर से अलग किया और सिर के साथ कन्हाई गांव चला गया।

उसने पुलिस को बताया कि वह हत्या के लिए अपने एक दोस्त को फंसाना चाहता था। रजी ने कहा- ‘इसके लिए मैंने उसके कमरे के पास सिर फेंक दिया और सेक्टर 29 में लौट आया और उस रात सो गया।’ पुलिस कंट्रोल रूम को एक बिना सिर वाले शरीर के बारे में एक कॉल मिली। जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी राकेश कुमार के तौर पर हुई। पीड़ित का आधार कार्ड शव के पास पड़ा मिला था।

इन हत्याओं के दोषी को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस आयुक्त केके राव ने कहा कि पिछले तीन महीनों में कम से कम 20 हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से कुछ अभी तक अनसुलझे हैं उन्होंने कहा, ‘वह दिल्ली के कुछ मामलों में शामिल रहा है, लेकिन अभी तक कोई भी विवरण नहीं मिला है। हम दिल्ली पुलिस के साथ कोआर्डिनेट कर रहे हैं और एक टीम को उसके बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने के लिए भेजा जाएगा जहां उसने काम किया था।

 

 

Source : IBN 24

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *