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पानीपत

मशहूर ब्रांड की नक़ली रम बनाकर तस्करी, कई राज्यों में बिक रही होगी ये फ़र्ज़ी रम

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मशहूर ब्रांड की नक़ली रम बनाकर तस्करी, कई राज्यों में बिक रही होगी ये फ़र्ज़ी रम

 

 

अंबाला शहर के मंडोर गांव में गैर कानूनी ढंग से दो गोदामों में हजारों पेटी शराब मिलने की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां एक कंपनी की रम बनाकर दूसरे राज्यों में सप्लाई की जाती रही। गोदाम से 5 हजार 183 खाली बोतलें मिलने से नकली रम बनाने की गुत्थी सुलझ गई है। गोदाम से बरामद की 9630 बोतलों में से कुछ को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसमें किस केमिकल को मिलाकर रम बनाया गया, इसकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

रम के अलावा दूसरे ब्रांड की 44 पेटी की भी पेटियां मिली हैं। जांच में इनके तार करनाल, समालखा, पंजाब के डेराबस्सी, चंडीगढ़ से जुड़ रहे हैं। अंग्रेजी शराब की बोतलों पर उक्त स्थानों की शराब फैक्टरी का मार्का लगा मिला है। इन फैक्टरियों में जांच के बाद पता चलेगा कि मंडोर से बरामद शराब यहां से सप्लाई की गई या फिर नकली मार्का लगा हुआ है।

बड़े-बड़े ड्रमों में होती रही शराब की तस्करी 

गोदाम से बड़े-बड़े ड्रम मिले हैं। इनमें शराब की बोतलों को छिपाकर गुजरात और बिहार भेजा जाता था। तस्करी के दौरान ड्रमों के ऊपर एलोवेरा जूस डाल दिया जाता था जबकि नीचे शराब की बोतलें होती थीं। अंबाला में यह खेल चलता रहा, लेकिन अफसरशाही पूरी तरह से बेखबर रही। मामला उजागर हुआ तो पुलिस और प्रशासन ने अपनी-अपनी एसआइटी बना दी है।

नकली आधार कार्ड पर किराए पर लिए गोदाम

एसआइटी की जांच में पाया गया कि गुजरात के निखिल पटेल के नाम से पहले नकली आधार कार्ड बनाया गया। इस आधार कार्ड के माध्यम से रिटायर्ड ट्रैफिक एसएचओ से किराए पर गोदाम लिया गया। 23 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से 11 महीने का एग्रीमेंट 20 अगस्त 2020 को हुआ था। पंजोखरा पुलिस ने निखिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया लेकिन अब पता चला कि इस नाम का कोई व्यक्ति है ही नहीं।