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पानीपत

15 दिन तक ऑक्सीजन पर रहा, वेंटिलेटर भी नहीं मिला, पर काेराेना को हरा दिया

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15 दिन तक ऑक्सीजन पर रहा, वेंटिलेटर भी नहीं मिला, पर काेराेना को हरा दिया

 

 

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पॉजिटिव सोच के साथ हौसला बनाए रखना। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में यही अचूक हथियार है। दवा के साथ-साथ पॉजिटिव सोच भी जल्द से जल्द रिकवरी में आपकी मदद करती है। हौसला और परिवार का साथ, यही दो ताकतें थीं, जिनके बूते 15 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने के बाद मैंने कोरोना को हरा दिया।

शुरुआत में मुझे बुखार और गले में खराश हुई। घर पर ही दवा लेता रहा, लेकिन आठवें दिन अचानक तबीयत बिगड़ गई। भाई डॉ. शोभित गोयल ने दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया। यह ऐसा वक्त था, जब मन पर नकारात्मकता हावी हो गई। बुरे-बुरे ख्यालात आने लगे। 7 दिन यहां ऑक्सीजन पर रहा, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई।

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सोनम गोयल | कोरोना वॉरियर - Dainik Bhaskar

फिर, दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वेंटिलेटर की जरूरत थी, लेकिन वेंटिलेटर नहीं मिला। ऐसी स्थिति में परिवार ही मेरे लिए वेंटिलेटर बन गया। भाई रोज वीडियो कॉल करके हौसला बढ़ाता। कहता- कुछ नहीं होगा। तुम्हारा शरीर सब झेल लेगा। सिर्फ हौसला रखो। ऐसी बातों से मन को मजबूती मिलती है। फिर, दिल्ली के एक अनजान व्यक्ति ने मुझे प्लाज्मा दिया।

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इसके बाद तो जैसे चमत्कार ही हो गया। 15 दिन ऑक्सीजन पर रहने के बाद मैं स्वस्थ होकर घर लौट आया। काेरोना के इस संकट ने मुझे जो कुछ सिखाया है, वह मैं आपके साथ भी शेयर कर रहा हूं।

  • पहला, बीमार हैं तो परिवार से बात करते रहें। कोराेना मरीज के पास अटेंडेंट को नहीं जाने दिया जाता। वीडियो कॉलिंग करके अपने आपको परिवार के साथ जोड़े रखा। खुद को समझाया कि परिवार के लिए मुझे कोरोना को हराना ही होगा।
  • हमेशा पॉजिटिव सोचेंगे तो आपका शरीर भी साथ देगा। पहले सात दिन मैं निगेटिविटी से भरा था, इसलिए मैं गंभीर संकट में फंस गया।
  • वेंटिलेटर नहीं मिला तो मैं बहुत चिंतित हो गया, पर भाई ने कहा कि चिंता मत करो। ऐसे ही ठीक हो जाओगे। बस खुद को मजबूत करें।
  • कोरोना को हरा चुके लोग प्लाज्मा डोनेट करने के लिए भी आगे आएं। मुझे भी किसी ने प्लाज्मा दिया। सब एक-दूसरे का साथ देंगे तो हम इस कोरोना को हरा पाएंगे।
  • (जैसा कि सोनम गोयल ने सुभाष राय को बताया। उनके भाई डॉ. शोभित गोयल का पानीपत में अस्पताल है। उनकी बीमारी के वक्त वहां कोविड के इलाज की इजाजत नहीं थी।).

 

 

Source : Bhaskar

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