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बर्खास्‍त पीटीआई के समर्थन में धमतान तपा के पूर्व प्रधान ने की आत्‍मदाह की कोशिश, लाठीचार्ज

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बर्खास्‍त पीटीआई के समर्थन में धमतान तपा के पूर्व प्रधान ने की आत्‍मदाह की कोशिश, लाठीचार्ज

 

जींद में धरना दे रहे बर्खास्‍त शिक्षकों पर लाठीचार्ज कर दिया गया। शिक्षकों के समर्थन में धमतान तपा के पूर्व प्रधान ने आत्‍मदाह की कोशिश की। पुलिस ने उन्‍हें पकड़ लिया। वहीं शिक्षकों ने विरोध करते हुए पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया।

बर्खास्‍त पीटीआई के समर्थन में धमतान तपा के पूर्व प्रधान ने की आत्‍मदाह की कोशिश, लाठीचार्ज

दरअसल, लघु सचिवालय के बाहर बर्खास्त पीटीआइ के समर्थन में धरने पर बैठे धमतान तपा के पूर्व प्रधान रंगीराम ने शुक्रवार दोपहर बाद आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे अपने शरीर पर तेल छिड़कते समय ही काबू कर हिरासत में ले लिया। इस दौरान रंगीराम के बचाव में आए पीटीआइ व दूसरे कर्मचारी संगठनों के लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

रंगीराम ने सरकार को बर्खास्त पीटीआइ शिक्षकों को बहाल नहीं करने पर आत्मदाह करने का अल्टीमेटम दिया हुआ था। रंगीराम के अल्टीमेटम को देखते हुए पुलिस पहले से ही धरना स्थल पर तैनात थी। दोपहर बाद रंगीराम धरना स्थल पर पहुंचे और गाड़ी से उतरते ही तेल निकाल कर अपने ऊपर डालने लगे। तभी मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी ने उसे पकड़ लिया।

वहीं डीएसपी कप्‍तान ने बताया कि धमतान तपा के पूर्व प्रधान रंगीराम ने बर्खास्त पीटीआई के समर्थन में शुक्रवार को धरना स्थल पर आत्मदाह का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही पकड़ लिया। उन्‍होंने बताया कि रोहतक में रंगीराम ने आत्‍मदाह की चेतावनी दी थी। इसके बाद वह जींद आ गया। वह गाड़ी से उतरा और तेल डालकर आत्‍मदाह करने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे बचाया। वहीं रंगीराम को हिरासत में ले लिया गया। अभी भी शिक्षक पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं।

पुलिस पर लगाया तेल छिड़कने का आरोप

वहीं बर्खास्त पीटीआई शिक्षकों ने पुलिस पर ही रंगीराम के ऊपर जान बूझकर तेल छिड़क कर उनका आंदोलन खराब करने के आरोप लगाए। पीटीआई शिक्षकों के समर्थन में धरने पर बैठे रिटायर्ड कर्मचारी नेता कलीराम ने आरोप लगाया कि धमतान तपा के रंगीराम ने पहले ही अल्टीमेटम दिया हुआ था। धरना स्थल पर पहले ही तय किया गया था कि रंगीराम को समझा कर आत्मदाह करने से रोका जाएगा। लेकिन पुलिस ने रंगीराम को पकड़ कर उस पर तेल डाला। शिक्षक बचाव के लिए पहुंचे थे, ताकि कोई गलत काम ना हो। लेकिन पुलिस ने बचाव करने गए शिक्षकों पर ही लाठीचार्ज कर दिया। जिससे शिक्षकों में रोष है और प्रदेश स्तर कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा।

अध्यापक संघ ने की जांच की मांग

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने इस मामले की निंदा करते हुए जांच की मांग की है। जिला प्रधान साधुराम ने कहा कि पीटीआई धरना स्थल पर धमतान तपा के पूर्व प्रधान पर पुलिस प्रशासन द्वारा तेल डालने, अध्यापकों पर लाठीचार्ज और महिला अध्यापिकाओं के साथ बदसलूकी करने की कड़ी ङ्क्षनदा करता है। इस घटना की सही तरीके से न्यायिक जांच नहीं हुई और रंगीराम को मान सम्मान के साथ सुरक्षित रिहा नहीं किया गया, तो हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पीटीआई शिक्षकों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगा।

बता दें कि हरियाणा में बर्खास्त पीटीआई अध्यापकों की बहाली की मांग को लेकर जींद में सर्वजातीय सर्वखाप महापंचायत भी हुई थी। इसमें बर्खास्त पीटीआई अध्यापकों के साथ अन्य कर्मचारी तथा छात्र संगठन तथा खापों ने भी भाग लिया। इसके बाद एकमत से सरकार से जल्‍द से जल्‍द बहाली की मांग की।

जींद में पीटीआइ अध्यापकों पर लाठीचार्ज पर कैथल में कर्मचारी संघ ने की निंदा

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सदस्यों ने पीटीआइ अध्यापकों पर लाठीचार्ज, महिला अध्यापिकाओं के साथ बदसलूकी और धमतान तपा के प्रधान रंगीराम पर पुलिस द्वारा तेल डालने और गिरफ्तार करने की शर्मनाक घटना की ङ्क्षनदा करता है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान विजेंद्र मोर सचिव रामपाल शर्मा  राज्य सचिव सतबीर गोयत ने कहा कि रंगीराम पर पुलिस प्रशासन द्वारा तेल डालने, अध्यापकों पर लाठीचार्ज और महिला अध्यापिकाओं के साथ बदसलूकी करके सरकार अपने और से अधिक अंडे अपना कर इस आंदोलन को खत्म नहीं करवा सकती है। अध्यापक संघ इस घटना की न्यायिक जांच की मांग करता है। अगर सही तरीके से न्यायिक जांच नहीं हुई और रंगी राम को मान सम्मान से सुरक्षित रिहा नहीं किया गया तो हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ पीटीआइ अध्यापकों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

पहले भी हुआ हंगामा 

बता दें कि जींद में उप मुख्‍यमंत्री के पहुंचने से पहले पुलिस के साथ पीटीआई शिक्षकों की धक्‍कमुक्‍की हुई थी।

कैथल में शिक्षामंत्री के घेराव के दौरान शिक्षकों से पुलिस की धक्‍कमुक्‍की हुई थी।