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करनाल में आलौकिक घटना, अचानक आसमान से 70 किलो का पत्थर गिरा

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करनाल में आलौकिक घटना, अचानक आसमान से 70 किलो का पत्थर गिरा

करनाल में गाड़ी में 70 किलो का पत्‍थर गिरा। दिल्‍ली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर चल रही स्कार्पियो गाड़ी पर अचानक पत्‍थर गिरने से सब हैरान रह गए। आसपास लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस भी हैरान है कि आखिरी पत्‍थर कहां से आया। चालक का कहना है कि आसमान से पत्‍थर गिरता दिखाई दिया। इस वजह से गाड़ी पहले ही रोक दी थी, इससे गाड़ी का अगला हिस्‍सा ही क्षतिग्रस्‍त हुआ और बड़ा हादसा टल गया।

गाड़ी पर गिरा पत्थर, पत्थर गिरने से क्षतिग्रस्त हुई स्कार्पियो की जांच करते हुए पुलिस कर्मी।

चालक ने कहा, आसमान में 25 से 30 फुट की ऊंचाई पर दिखा था पत्थर

चालक का दावा है कि उसने 25 से 30 फुट की ऊंचाई पर पत्थर को अपनी ओर आते देखा और उसने तुरंत ब्रेक लगा दिए। जिससे पत्थर गाड़ी पर गिरने की बजाए बोनट के अगले हिस्से से टकराया और गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि गाड़ी में चालक के अलावा चार महिलाएं भी सवार थी। गनीमत रही घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

पुलिस भी हैरान

चालक ने मामले की सूचना पुलिस को दी तो पुलिस को भी बात पर विश्वास नहीं हुआ। गाड़ी चालक पत्थर को लेकर घरौंडा थाने में पहुंच गए और जांच की मांग की। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े पहलूओं को लेकर जांच पड़ताल कर रही है।

शादी समारोह में जा रहा था परिवार

मंगलवार की दोपहर कोहंड गांव के पूर्व सरपंच सुभाष शर्मा पानीपत में एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। गाड़ी में उनके परिवार की चार महिलाएं भी सवार थी। सुभाष शर्मा की गाड़ी जैसे ही ओवरब्रिज से होती हुई घरौंडा बस स्टैंड के सामने पहुंची तो एक भारी कंक्रीट का पत्थर गिरा। सुभाष का दावा है कि उसने करीब 25 से 30 फुट की ऊंचाई पर आसमान से पत्थर को अपनी ओर आते हुए देखा। जिसे देख उसने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए। ब्रेक लगाते ही पत्थर उसकी गाड़ी के अगले हिस्से से टकरा चुका था।

सामने आए लोगों के ये तर्क

गाड़ी में मौजूद महिलाओं में हड़कंप मच गया। गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था। घटना के बाद मौके पर अन्य वाहन चालक भी एकत्रित हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची और ड्राइवर की बात सुनकर हैरान रह गई। ड्राइवर की बात सुनकर लोगों ने भी अपने तर्क देने शुरू कर दिए। किसी ने कहा कि किसी गाड़ी से कंक्रीट का पत्थर गिरा होगा और गाड़ी से टकरा गया तो किसी ने कहा कि पत्थर डिवाइडर की साइड में रखा होगा और किसी कारणवश लुढककर सड़क पर आ गया होगा और गाड़ी उससे टकरा गई होगी। पुलिस भी इस घटना को इत्तिफाकिया बता रही है। घटना इत्तिफाकियां है या आलौकिक इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। पुलिस भी घटना को लेकर हैरान है। हालांकि ड्राइवर की तरफ से कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं पहुंची है।

थाने में छोड़ गया पत्‍थर

ड्राइवर पत्थर को थाने में छोड़कर चला गया है और घटना को लेकर जांच की मांग कर रहा है। ड्राइवर के मुताबिक, अगर ब्रेक लगाने में जरा सी भी देरी हुई होती तो 70 किलो का पत्थर गाड़ी के अंदर गिरता और एक बड़े हादसे का कारण बन सकता था। फ्लाईओवर पर गाड़ी के आसपास कोई वाहन भी नहीं था कि उसी से पत्थर गिरा हो या फिर कोई निर्माण कार्य भी फ्लाईओवर पर नहीं चल रहा था। फिर भी पत्थर गिरा और गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर गया। फिलहाल यह गुत्थी सुलझ नहीं पाई है।

एनएच-44 पर स्कॉर्पियों गाड़ी पर पत्थर गिरने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पीसीआर को मौके पर भेजा गया था। ड्राइवर ने जो बात कहीं है वह हैरान करने वाली है, लेकिन इस संबंध में ड्राइवर की तरफ से कोई लिखित शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि विषय जांच का है। शिकायत मिलने के बाद ही आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।

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