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कोरोना को हराकर 8 साल का तारुष 5 साल की अनाया पहुंची घर, मां बोली- बस एक बार दिखा दो

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कोरोना को हराकर बंसल कॉलोनी निवासी आठ साल का तारुष और पांच साल की अनाया घर लौट आए। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अस्पताल से दोनों को मंगलवार को छुट्टी दे दी गई। दोपहर बाद दोनों पिता के साथ दो बजे अपने घर पहुंचे। इससे पहले अस्पताल में स्टाफ ने दोनों भाई-बहन को विदा करते समय तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया और गिफ्ट देकर उन्हें भेजा। पिता अमित मक्कड़ के साथ 14 दिन बाद घर पहुंचते ही दोनों भाई-बहन सबसे पहले दादा रमेश पाल मक्कड़ और दादी आदर्श बाला से गले मिले। चाचा संदीप मक्कड़ और चाची मोइना मक्कड़ ने भी उनका वीरों जैसा स्वागत किया।
डॉक्टर की सलाह पर समय पर दवा लेकर स्वस्थ हुए बच्चे

घर में लूडो खेलतेदोनों बच्चे।
सीएमओ सुरेंद्र नैन ने बताया कि मंगलवार का दिन राहत भरा रहा। दोनों बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई। जिले में कोरोना संक्रमित चार मरीजों में से दो ने रिकवर कर लिया है। उनकी पहली दो रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, उसके बाद लगातार दो रिपोर्ट निगेटिव आई। तभी दोनों को छुट्टी दे दी गई। जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या अब दो रह गई है। सबसे अच्छी बात यह कि दोनों बच्चे डॉक्टर की हर सलाह मानकर समय पर दवाई लेते थे। दोनों की इच्छाशक्ति काफी मजबूत है, तभी जल्दी ठीक हो गए। दोनों दिनभर मोबाइल में तरह-तरह के गेम खेल कर मस्त रहते थे।

जब तीन में से दो मछलियां देख मायूस हुए बच्चे…
राहत की बात यह भी रही कि बच्चों के पारिवारिक सदस्य भी जेसीडी अस्पताल से क्वारंटीन होकर अपने घर पहुंचे। घर पहुंचते ही दोनों बच्चे फिश पोर्ट को देखने लग गए। एक बार तो तारुष और अनाया फिश पोर्ट में तीन की बजाय दो ही मछलियां देखकर मायूस हो गए। दोनों को लगा कि भूख के कारण शायद एक मछली मर गई है, लेकिन जब उन्होंने गौर से उन्हें देखा तो तीनों मछलियां आपस में चिपकर बैठी थीं। तीनों को जिंदा देखकर वे खुश हो उठे। इसके बाद तारुष ने फिश पोर्ट में रंजीत द्वारा ज्यादा दाना डालने पर नाराजगी जताई। तारूष ने फिश पोर्ट से दाना निकाला।
डॉक्टर अंकल ने कहा- बाहर नहीं निकलना
तारुष ने कहा कि सोमवार रात को वह पूरी तरह सो नहीं पाया। क्योंकि डॉक्टर अंकल ने कहा था कि जल्दी ही तुम्हें घर भेज देंगे। इसलिए वह सो नहीं पाया। घर पर आया तो पापा के साथ अपने कमरों की सफाई की। तारुष ने बताया कि अब बुधवार को अपनी अलमारी सेट करूंगा और क्योंकि सारे कपड़े ठीक करने हैं। तारुष ने फोन पर बताया कि अस्पताल से निकलने से पहले डॉक्टर अंकल ने कहा था कि अब कुछ दिन घर पर ही रहना है। बाहर नहीं निकलना। घर में बने ग्राउंड में ही खेलना है। मैं डॉक्टर अंकल की बात को पूरा फॉलो करूंगा। घर पर ही एक्सरसाइज करूंगा।

अनाया बोली- मम्मी ने सुबह कहा कि दो दिन बाद आ जाऊंगी
अनाया बड़ी मासूमियत में बोली कि अस्पताल में हमें डॉक्टर अंकल ने चॉकलेट, पेडी, पेन और गिफ्ट दिए। घर आने पर दादा दादी से मिल्ली मिल्ली की। घर पर आते ही मैंने जैम खाया, फिर फोन देखा। फिर कार्टून। आज मम्मी से फोन पर बात हुई थी, मम्मी ने हमारा दोनों का हाल चाल पूछा। मैंने मम्मी से पूछा कि कब आओगे। मम्मी बोली कि दो दिन बाद आ जाऊंगी। इसके बाद मम्मी ने फोन काट दिया। आवाज ही नहीं आ रही थी।

परिवार के संपर्क में आने वाले 20 लोगों को किया होम क्वारंटीन
बंसल कॉलोनी में दोनों बच्चों और उनकी संक्रमित मां के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने घर के आसपास से करीब 17 लोगों को जेसीडी में क्वारंटीन कर दिया था। मंगलवार को इस परिवार के संपर्क में आए कुल 20 लोगों को जेसीडी से वापस घरों में ही क्वारंटीन कर दिया गया। इन कॉलोनी में 17 लोगों को और तीन अन्य जगहों से लोगों को क्वारंटीन किया था। स्वास्थ्य विभाग के मल्टी पर्परज हेल्थ वर्कर अजय और अनिल कुमार ने सभी को घरों में छोड़ा और उनके घरों में क्वारंटीन के नोटिस चिपकाए।

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