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प्रॉपर्टी के लिए तंग कर रहा था ताऊ का बेटा, घर के बाहर छोड़ देता था कुत्ता

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प्रॉपर्टी के लिए तंग कर रहा था ताऊ का बेटा घर के बाहर छोड़ देता था कुत्ता
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मॉडल टाउन में शिवाजी स्टेडियम के नजदीक कोठी नंबर 486 आर में 46 वर्षीय गौरव अग्गी उर्फ सोनू ने ताऊ के बेटे अमित अग्गी से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। दो डाक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। इससे पता चला की मौत आग लगने से हुई है। मृतक की पत्नी अंजू अग्गी के बयान पर थाना मॉडल टाउन पुलिस ने अमित अग्गी, उसकी पत्नी ममता, बेटे वंश व लक्ष्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने और जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज किया है।

शनिवार दोपहर बाद स्वजनों ने हत्या का आरोप लगाकर रोष जताया और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। डीएसपी संदीप सिंह के आश्वासन पर स्वजन पोस्टमार्टम के लिए माने और एएसपी के भरोसा दिलाने पर शाम 6:30 बजे स्वजन शव को ले गए और असंध रोड नहर के पास शव का अंतिम संस्कार किया। मृतक की पत्नी अंजू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनका और जेठ अमित कोठी नंबर 486 आर में रहते थे। दोनों का बंटवारा हो गया था। 302 गज जमीन पति गौरव के नाम आई थी। 20 दिसंबर 2013 को मकान का सौदा 1.50 करोड़ रुपये में हुआ। आरोपित अमित ने रजिस्ट्री नहीं कराई। प्रॉपर्टी सात करोड़ रुपये की हो गई। वह सात करोड़ की प्रॉपर्टी डेढ़ करोड़ में खरीदना चाहता था। पति ने बेचने से मना किया तो आरोपित जान से मारने की धमकी देने लगा।

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आरोपित ने तान दी थी पिस्तौल, पत्नी बीच में आई तो बची जान

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अक्टूबर 2020 में अमित ने पत्नी ममता व दो बेटों के साथ मिलकर दीवार तोड़ दी। आरोपित ब्रोज डॉग को खुला छोड़ देता था। जिस पर इंडिया में पाबंदी है। कुत्ते की वजह से वह उनका परिवार घर से बाहर नहीं निकल पाता था। आरोपित अमित ने पति पर लाइसेंसी रिवाल्लर तानकर गोली मारीने की धमकी दी। तब वे बीच में आई और पति की जान बची। इसके बाद से पति डर गए और वे कहते थे कि बेटी को इस बारे में पता नहीं होना चाहिये। आरोपित धमकी देता था कि इंस्पेक्टर संदीप छिक्कारा उसका दोस्त है। पुलिस कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। मैं और इंस्पेक्टर संदीप गौरव को मार देंगे।

पुलिस ने नहीं की सुनवाई, अमित ने डराकर करवा लिए साइन

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अंजू ने आरोप लगाया कि अमित ने उनकी व पति गौरव की काफी पिटाई की थी। वे दोनों शिकायत लेकर माडल टाउन थाने में गए थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दोनों परिवारों के कोर्ट में दीवानी मामले चल रहे हैं। कुछ दिन पहले अमित ने जान से मारने की धमकी देकर कागजात पर साइन करा लिए। अमित के खौफ की वजह से वह और बेटी मीरा डर से किसी को कुछ नहीं बता पाए। कुछ दिन पहले अमित ने पिटाई कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था और धमकी दी थी कि सारे परिवार को मार देगा। सारी प्रापर्टी उसी की हो जाएगी। आरोपित के पास रिवॉल्वर है। उसे व बेटी को भी जान का खतरा है। आरोपित के रिवॉल्वर का लाइसेंस रद किया जाए।

आठ साल की बच्ची कर रही पापा से बात करने की जिद

विलाप करते हुई अंजू कह रही थी कि पति आठ साल की बेटी को बहुत प्यार करते थे। बच्ची पापा को बहुत याद कर रो रही है। कह रही है पापा से बात कराओ। थी। मेरी बच्ची का पिता का साया छीन लिया है। कहां से भरपाई करूंगी। पति को इंसाफ मिलना चाहिये। पति ने आत्म हत्या नहीं की बल्कि उनकी की गई है। पति ने गुरवार रात 10 बजे और सुबह चार बजे मैसेज कर लिखा कि मैं इंसाफ नहीं दिला पाया।

सीआइए को जांच सौंपने के आश्वासन से माने स्वजन

अंजू व स्वजन एसपी शशांक कुमार सावन से मिलने के लिए कोठी पर पहुंचे। एसपी नहीं मिले। तभी एएलपी पूजा वशिष्ठ ने उन्हें आश्वासन दिया कि इंसाफ दिलाया जाएगा। मामले की जांच सीआइए-टू को सौंप दी गई है। दो दिन के भीतर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद ही स्वजन अस्पताल से शव ले गए।

3 मिनट 9 सेंकड बातचीत, बोला- तेरे को साथ लेकर डूबेगें

गौरवः हेलो

अमित : हेलो, हां जी सोनू, के हाल है

गौरव : ठीक है भाई साहब

अमित : ठीक रहना चाहिये

अमित: मैं ये कह रहा था, जिस अदालत में केस पहुंचाया है, मेरे से ऊपर होकर चलोगे।

गौरव : हां जी भाई साहब।

अमित : चलो कोई नहीं, तू किसी बहकावे में न आना। ठीक है न। मेरा तो सारा सिस्टम फेल है, तेरा सिस्टम ऊपर हो गया। बड़े-बड़े बदमाश तेरे यार हो गए हैं। दुश्मन (अमित) ने भी कम मत लगाना। ठीक है ना।

गौरव : हां, जी

अमित : हम तो डूबेंगे सनम, तेरे को साथ लेकर डूबेंगे।

गौरव : ठीक है भाई साहब

अमित : ठीक है न, रिकार्डिंग कर, जो मर्जी कर। मेरी बहनों तक कैसे पहुंच गया। तुम्हारी पत्नी की बहन को फोन करने की हिम्मत कैसे हो गई। हैं।

गौरवः हां, जी

अमित : उनकी हिम्मत कैसे हो गई।

गौरव : भाई साहब तबीयत खराब हो गई, सुबह बात करेंगे।

अमित : तेरी तबीयत नहीं। तेरा नाश हो जाएगा। तेर बहन कहती है कि मीरा कौन होती है इस घर में हिस्सा लेने वाली। इसका मतलब मीरा को जाएगा। तू जितनी मर्जी दौड़ ले। कानूनी काम तो कानूनी ही है। कानूनी काम में कैसे उलझेगा तू। नक्शे की जो फोटो खींच रहा था। वो कोर्ट में दिखाऊंगा। बिल्कुल दिखाऊंगा। चिंता न कर तू। न तूने धमकी दे रहा हूं।

गौरव : हां

अमित : मैं तो भाईचारे से बता रहा हूं। जाकर वाहला साहब या चावला साहब को सुना देना। जिसको मर्जी सुना देना कि रात को नीटू (अमित) ने फोन किया था। तू सोचे कि शहर में सबसे बड़ा गुंडा हूं। मुझसे बड़ा तो कोई नहीं है। बात ही खत्म हो गई। जो जगह घेर रखी है। कोर्ट के जरिये ले। ठीक है।

गौरव : जी

अमित : बस ये ध्यान रखना।

गौरव : ठीक

अमित : हां

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