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पानीपत

पानीपत में 16 वर्षीय लड़की की शादी हो रही थी, शादी रुकवाई तो बड़ा हंगामा

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पानीपत में 16 वर्षीय लड़की की शादी हो रही थी, शादी रुकवाई तो बड़ा हंगामा

 

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नाबालिग की शादी रुकवाई तो स्वजनों ने हंगामा कर दिया। हालात ये बन गए कि नाबालिग को थाने लाना पड़ा। कुछ देर बाद बरात भी थाने पहुंच गई। मामला हरिसिंह चौक पर विजय नगर का है। यहां 16 वर्षीय नाबालिग की शादी करनाल के गांव कलसी वासी 28 साल के युवक से होनी थी। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने पुलिस की मदद से शादी की तैयारी रुकवा दी। दोनों पक्षों के बयान के बाद नाबालिग को स्वजनों के सुपुर्द किया गया।

नाबालिग की शादी रुकवाई, थाने पहुंची बरात

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रजनी गुप्ता ने जागरण को बताया कि नाबालिग का पिता रेहड़ी लगाकर गैस चूल्हा मरम्मत का काम करता है। कुछ माह पहले ही हरिसिंह चौक के पास आकर परिवार के साथ रहने लगा है। उसकी छोटी बेटी कक्षा आठ तक पढ़ी है। स्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 12 नवंबर 2004 है, वह सितंबर-2019 में पढ़ाई छोड़ चुकी है। स्वजन उसकी शादी करनाल वासी कारपेंटर विक्की से करने की तैयारी में थे। मौके पर पहुंचकर विवाह की तैयारी रुकवाई तो स्वजनों ने बेटी की आयु 20 साल बताकर, विरोध किया। स्कूल प्रमाणपत्र में आयु करीब 16 वर्ष होने पर कहा कि दाखिले के समय गलत लिखवा दी थी। नाबालिग के स्वजनों ने विक्की की आयु भी 20 साल बताई। विरोध होता देख पुलिस की मदद से किशोरी को महिला थाना लाया गया। विक्की को भी सूचना दी कि बरात लेकर महिला थाना पहुंचे। शाम के समय विक्की भी कुछ बरातियों के साथ थाना पहुंचा। उसने अपना आधार कार्ड दिखाया, जिसमें आयु 28 साल लिखी थी। उसके माता-पिता का 10 साल पहले देहांत हो चुका हैे।

 

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रजनी गुप्ता के मुताबिक लड़का-लड़की, दोनों पक्षों ने बयान दिया है कि नाबालिग की आयु 18 वर्ष पूरी नहीं होने तक उसकी शादी नहीं करेंगे। बरात लौटा दी गई है। किशोरी को स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। यह बताया शादी का कारण नाबालिग के पिता ने बताया कि लॉकडाउन के कारण उसका काम ठप हो गया है। आर्थिक तंगी झेल रहा हूं। इसी दौरान बेटी के लिए अच्छा लड़का मिला तो शादी की तैयारी कर ली। स्कूल प्रमाणपत्र में बेटी की आयु कम लिखी हुई है। वीरवार को दोनों पक्ष बुलाए

रजनी गुप्ता ने बताया कि लड़का भी कक्षा 10 तक पढ़ा है, उसकी आयु की सही जांच जरूरी है। स्कूल प्रमाणपत्र के साथ उसे और लड़की पक्ष को वीरवार को बुलाया है। उसी दिन बाल विवाह निषेध अधिनियम की धारा-13 के तहत शादी को रुकवाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

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