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25 करोड़ में बेचे गए 2.64 लाख के दस हजार इंजेक्शन

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पानीपत में एंटीबायोटिक इंजेक्शन की शीशी पर रेमडेसिविर का नकली स्टीकर चिपकाकर बेचने के मामले में हर कदम पर इंसानियत ने दम तोड़ा। कोरोना काल की आपदा को अवसर में बदलने का कोई मौका नहीं छोड़ा गया। मरीजों की मजबूरियों का फायदा उठाने के इस घिनौने मामले में अभी और कई बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

 

एंटीबायोटिक इंजेक्शन की शीशी पर रेमडेसिविर का नकली स्टीकर चिपकाकर बेचने के आरोपियों ने कोरोना काल की आपदा को अपने लिए अवसर में बदला। लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर महज 2.64 लाख रुपये कीमत के 10 हजार एंटीबायोटिक इंजेक्शन से हरियाणा में करीब 25 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया। यानी 22 रुपये का इंजेक्शन कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के परिजनों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए औसतन 25 हजार रुपये में बेचा गया।

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पानीपत पुलिस ने रविवार को ठगी के मास्टरमाइंड मोहम्मद शहवार, उसके दोस्त मोहम्मद अरशद व मोहम्मद अखलद और उसके फुफेरे भाई शाहआलम को गिरफ्तार किया था। वहीं शाहआलम के भाई और पांचवें आरोपी शहनजर को पंजाब की रोपड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया।

पानीपत में एंटीबायोटिक को रेमडेसिवर बताकर बेचा गया।

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आरोपियों ने पंचकूला और हिमाचल की दवा कंपनी से 12 हजार एंटीबायोटिक इंजेक्शन खरीदे थे, जिसकी कुल कीमत 2.64 लाख रुपये थी। इन इंजेक्शनों पर रेमडेसिविर इंजेक्शन का स्टीकर लगाने के बाद शहवार ने 10 हजार इंजेक्शन हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड दवाओं के थोक कारोबारियों को पांच हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से बेचे। इस प्रकार शहवार ने एक ही झटके में 10 हजार इंजेक्शन बेचकर पांच करोड़ रुपये कमाए।

इसके बाद दवाओं के थोक कारोबारी ने 10 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के फायदे पर 15 हजार रुपये में इंजेक्शन रिटेलर को बेच दिया। थोक कारोबारियों ने 10 हजार नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन पर 10 करोड़ रुपये कमाए।

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अब इस एक नकली इंजेक्शन को रिटेलर ने औसतन 25 हजार रुपये मरीजों के परिजनों को बेचा। रिटेलरों ने दो हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के कमीशन का लालच निजी अस्पतालों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों समेत अन्य लोगों को दिया और आठ हजार रुपये प्रति इंजेक्शन का फायदा अपने पास रखा।

कुल मिलाकर बुखार और निमोनिया ठीक करने वाला मात्र 30 रुपये का इंजेक्शन संक्रमित मरीजों के परिजनों ने रेमडेसिविर समझकर 25-25 हजार रुपये में लगवाया। 22 रुपये के एंटीबायोटिक इंजेक्शन पर आठ रुपये रेमडेसिविर का फर्जी लेवल छपवाने पर खर्च आया था।

पानीपत में 88 हजार कीमत के चार हजार इंजेक्शन पर 10 करोड़ का खेल

पानीपत में दवाओं के थोक कारोबारी प्रदीप ने 4 हजार इंजेक्शन खपाए। हैदराबादी अस्पताल में मेडिकल स्टोर संचालक प्रदीप ने चार करोड़ रुपये के फायदे में चार हजार इंजेक्शन बेचे। पानीपत में 88 हजार रुपये मूल कीमत के इंजेक्शन 10 करोड़ रुपये में बेच दिए गए, हालांकि चार हजार इंजेक्शन में से कुछ इंजेक्शन पुलिस ने बरामद कर लिए थे।

 

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