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पानीपत में मिले अवैध हथियारों का खौफनाक सच, दिल्‍ली-हरियाणा के 8 गैंग पर पुलिस की नजर

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पानीपत में मिले अवैध हथियारों का खौफनाक सच, दिल्‍ली-हरियाणा के 8 गैंग पर पुलिस की नजर

 

उत्तर प्रदेश में पुलिस ने बदमाशों पर शिकंजा कसा हुआ है। इसी वजह पानीपत, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के गैंगस्टरों ने अवैध हथियार (पिस्तौल) की सप्लाई मध्यप्रदेश के तस्कर बच्चन सिंह उर्फ बच्ची यादव के गुर्गों से 500 हथियार ले लिए। इनसे हथियार न सिर्फ आसानी से सुरक्षित ठिकानों पर मिल जाते, बल्कि क्वालिटी भी उत्तर प्रदेश के तमंचों से अच्छी है।

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पानीपत में मिले अवैध हथियारों का खौफनाक सच, दिल्‍ली-हरियाणा के 8 गैंग पर पुलिस की नजर

बच्ची यादव गिरोह के कमांडर संतोष और दलबीर नगर के महफूज उर्फ फौजी ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि कई गैंग के बदमाशों तक हथियार सप्लाई किए गए हैं। किन-किन गैंगस्टर को हथियार सप्लाई किए गए थे। यह भी आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। इन बदमाशों ने हथियारों का इस्तेमाल गैंगवार में किया हो सकता है। इसलिए क्राइम इनवेस्टिगेशन एजेंसी (सीआइए-थ्री) के रडार पर पानीपत व हरियाणा व दिल्ली के आठ गिरोह हैं। यह पुलिस जांच में पता चलेगा कि तस्कर झूठ बोल रहे थे या फिर उनके हथियारों से सनसनाई फैलाई गई थी।

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बच्ची यादव 15 साल से अवैध हथियारों की तस्करी करता है : पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची यादव 15 साल से अवैध हथियारों की तस्करों की तस्करी करता है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश सहित कई प्रदेशों में मामले भी दर्ज है, लेकिन पुलिस उसकी परछाई भी नहीं छू पाई है। वह मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करता है। गुर्गों को संदेश भिजवाकर पिस्तौल की सप्लाई के लिए ठिकाने बता देता है।

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30 लाख रुपये कमा चुका था बच्ची: एसपी सावन के अनुसार तस्कर बच्ची को एक अवैध पिस्तौल पर छह हजार रुपये की बचत होती थी। वह 12 से 15 हजार रुपये में एक पिस्तौल बेचता था। अभी तक वह करीब 500 पिस्तौल बेचकर 30 लाख रुपये कमा चुका है।

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पुलिस के जाल में ऐसे फंसे गुर्गे

एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि पुलिस ने महफूज की गिरफ्तारी की भनक नहीं लगने दी। 24 अगस्त को बच्ची के गुर्गे हीरालाल संतोष और राय सिंह अवैद पिस्तौल की सप्लाई देने के लिए पानीपत आए तो पुलिस ने घेर लिया। हीरा से 8 पिस्तौल व 13 मैगजीन बरामद की गई। दोनों अन्य तस्कर भाग गए। हीरालाल को साथ लेकर लेकर सीआइए-थ्री की टीम ने मध्यप्रदेश के जिला मंदसौर की पिपलिया मंडी से संतोष व राय सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से 14 पिस्तौल और 14 मैगजीन बरामद की गई। चारों आरोपितों को अदालत में पेश किया, जहां से तीन को जेल भेज दिया गया, जबकि संतोष को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

ट्रेन व बस से आते थे गुर्गे

हथियार तस्कर संतोष, हीरालाल और राय सिंह आपस में रिश्तेदार हैं। वे तीनों मध्य प्रदेश से ट्रेन में स्लीपर कोच में सफर करते थे। वे दिल्ली स्टेशन से पहले ट्रेन से उतर लेते थे। इसके बाद बस से हरियाणा, दिल्ली, पंजाब व उत्तर प्रदेश में हथियार लेकर पहुंचते थे। बैग में हथियार होते थे, लेकन बस में चेकिंग नहीं होती है। इसी का वे फायदा उठाते थे।

लाकडाउन में काम मंदा हुआ तो कार बेचकर बन गया तस्कर

महफूज ने किस्तों पर कार खरीद कर ओला में लगा रखी थी। लाकडाउन की वजह से काम मंद हो गया और किस्त नहीं भर पा रहा था। इसलिए उसने कार बेचकर रुपये अवैध हथियार की खरीद में लगा दिए। ताकि हथियार बेचकर लखपति हो जाए।

  • पानीपत में इनकी जा चुकी हैं गैंगवार में जान
  • काबड़ी रोड पर नितिन की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
  • हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया की गोली मारकर हत्या।
  • संजय चौक पर शनि देव उर्फ कुक्की गैग ने सतबीर पहलवान की हत्या।
  • प्रसन्न उर्फ लंबू गैंग ने तहसील कैंप में राकेश श्योकंद की गोली मारकर हत्या कर दी।
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