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पानीपत

मेयर का सम्मान बढ़ेगा, नीचे तक अफसर बात सुनेंगे, मैं बनाऊंगी अलग फाइल

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मेयर का सम्मान बढ़ेगा, नीचे तक अफसर बात सुनेंगे, मैं बनाऊंगी अलग फाइल

 

नगर निगम की मेयर अवनीत कौर दो साल से जो पावर मांग रहीं थीं, वो उन्हें मिल गई है। नगर निगम के कमिश्नर की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी एसीआर अब उनकी सलाह पर लिखी जाएगी। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहरलाल व गृहमंत्री अनिल विज का आभार जताया है।

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अवनीत ने बातचीत में कहा कि चूंकि अब कमिश्नर जवाबदेह होंगे तो नीचे तक अफसर बात सुनेंगे। वह अब जो भी पत्र लिखेंगी, उसके लिए एक एसीआर फाइल बनाएंगी। एसीआर लिखने के वक्त इन्हीं पत्रों को सामने रखकर सलाह देंगी। सोनीपत में नगर निगम चुनाव में व्यस्त अवनीत कौर ने बताया कि 27 के बाद पानीपत नगर निगम में सक्रिय होंगी। दरअसल, 27 को वो¨टग है। अवनीत कौर को भाजपा ने चुनाव में सहप्रभारी बनाया है।

सवाल : इस पावर से क्या असर होगा

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जवाब : अभी तो क्या होता है कि अगर मैं कोई पत्र लिखती हूं तो कई बार जवाब आ जाता है, कई बार नहीं आता। यानी, जवाब का इंतजार ही करना पड़ता है। अब इतनी उम्मीद कर सकती हूं कि अफसर जवाब जरूर देंगे।

पानीपत नगर निगम की मेयर अवनीत कौर।

 

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सवाल :एसीआर पर सलाह किस तरह देंगी

अब मैं जो भी पत्र कमिश्नर, चीफ इंजीनियर सहित जिन अफसरों को लिखूंगी,उसकी एक फाइल बनाऊंगी। इस फाइल का नाम होगा कमिश्नर एसीआर फाइल। वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट के वक्त जब प्रशासनिक सचिव उनसे सलाह लेंगे, तब फाइल सामने रख दूंगी। जिन पत्रों का जवाब आया होगा, जिन सुझावों पर संतोषजनक काम होगा, उस पर सकारात्मक टिप्पणी दूंगी। जिन पर काम नहीं हुआ होगा, सुनवाई नहीं होगी, उस पर नकारात्मक टिप्पणी होगी।

 

सवाल :क्या अब आपके माध्यम से विकास की राह पर होगा शहर

बिल्कुल। दो साल बीत चुके हैं। इन तीन सालों में विकास पर फोकस है। स्ट्रीट लाइट लगवाना जैसे छोटे प्रोजेक्ट तो हो जाते हैं। कई बार बड़े प्रोजेक्ट में कमिश्नर की ही मदद चाहिए होती है। फ्लाईओवर के कट चाहिए, ड्रेन कवर करानी है, ऐसे प्रोजेक्ट के लिए कमिश्नर ही योजना बनाएंगे। उच्चाधिकारियों से इसे पास कराएंगे।

 

सवाल :सबसे जरूरी काम कौन से कराने हैं

वार्ड की हर गली पक्की होनी चाहिए। स्ट्रीट लाइट हो। हर कालोनी में पार्क हो। ये तीन काम तो कराने ही हैं। इसके बाद बड़े प्रोजेक्ट के बारे में सोचा जाएगा।

 

 

सवाल :आपके पिता ने एक सड़क के लिए धरना दिया था, उसका क्या हुआ

जी हां, उसकी जानकारी है मुझे। सेक्टर 25 की सड़क के लिए एस्टीमेट बन गया है। टेंडर के लिए उसे लगा दिया गया है। जैसे ही बजट मिलेगा, तुरंत टेंडर जारी हो जाएगा। उस सड़क के नाम का पैसा आना चाहिए। सरकारी काम में थोड़ा वक्त लग जाता है।

 

सवाल :प्रापर्टी टैक्स के बिलों में गड़बड़ी हैं, कैसे होगा समाधान

ये सही है कि लोग परेशान हो रहे हैं। अब वार्डों में कैंप लगाए जाएंगे, ताकि मौके पर ही बिल संबंधी शिकायत दूर कर दें। सेक्टर 29, मॉडल टाउन में इस तरह के कैंप लगाए भी हैं।

 

 

 

Source : Jagran

 

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