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पानीपत

टेंडर गिनाने लगे अधिकारी ताे पार्षद बोले- यह खेल बंद करें और बताएं कि जनहित के काम क्यों नहीं करते

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टेंडर गिनाने लगे अधिकारी ताे पार्षद बोले- यह खेल बंद करें और बताएं कि जनहित के काम क्यों नहीं करते

लघु सचिवालय के सभागार में गुरुवार को हुई नगर निगम हाउस मीटिंग में पार्षदों ने शहरवासियों की मूलभूत सुविधाओं पर अधिकारियों से जवाब मांगे। पार्षद अंजलि शर्मा व शकुंतला गर्ग को छोड़ बाकी सभी महिला पार्षदों की ओर से उनके पतियों ने ही सवाल जवाब किए। कमिश्नर सुशील कुमार व अन्य अधिकारी वार्डों में लगाए गए टेंडर की सूची गिनवाने लगे।

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इस पर सभी पार्षदों ने एकजुट होकर कहा कि टेंडर गिनवाने का खेल बहुत हो चुका है। हमें सदन में बताया कि जनहित के काम क्यों नहीं करते। शहर में गंदगी का बुरा हाल है। पार्षदों की बार-बार मांग उठाने पर भी जेबीएम पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जा रहा। इस पर जेबीएम अधिकारी अतिंद्र सिंह को सामने बुला जवाब मांगा तो उन्हाेंने गलियों का कूड़ा उठाने से साफ मना कर दिया।

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बोले कि ढेरियां उठाना हमारा काम नहीं है। हमारा काम डोर टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व सेकेंडरी पाॅइंट से कूड़ा उठाना है। इस पर सभी पार्षदों की मांग पर मेयर ने जेबीएम पर जुर्माना लगाने का बात मानी। साथ ही सभी पार्षदों को कहा कि जेबीएम के खिलाफ अपने लेटर पैड पर लिखकर दें।

 

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पुरानी खराब एलईडी नहीं होंगी ठीक

सभी पार्षदों ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत व नई लगवाने की बात कही। इस पर विधायक प्रमोद विज ने कहा कि पुरानी खराब एलईडी स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं होंगी, क्योंकि ये राम, श्याम व रामा इस तरह की कंपनी की लाइट हैं। पता नहीं ये कंपनियां कहां है। ये लाइट बिल्कुल नकली हैं। अब जो सामान खरीदा गया है, वह कंपनी की लाइटों का है। यह सामान नकली लाइटों में कैसे लगेगा। जिन-जिन ठेकेदारों ने ये घटिया किस्म की नकली लाइट लगाई हैं, उन-उन ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज कराओ।

 

 

मेयर ने कहा- जेबीएम पर कार्रवाई हो

पार्षद सुमन छाबड़ा, पार्षद शकुंतला गर्ग, पार्षद अनिल बजाज, पार्षद अंजलि शर्मा व पार्षद अशोक कटारिया समेत अन्य ने अपने-अपने वार्ड में गंदगी फैलने की समस्या रखी। इस पर मेयर ने कहा कि जेबीएम के खिलाफ सभी पार्षद अपने-अपने लेटर पैड पर लिखकर दें। साथ ही मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 2 दिन के भीतर ही जेबीएम के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही जुर्माना भी लगाया जाए।

 

भट्‌ट के सवालों का नहीं दिया कोई जवाब

पार्षद दुष्यंत भट्‌ट ने सदन में 8 सवाल लगाए थे। जिसमें ठेकेदारों को बकाया पेमेंट कैसे दी जाती है, अवैध भवन निर्माण पर कितने नोटिस दिए व पार्कों से संबंधित थे। भट्‌ट के किसी भी सवाल पर मेयर अवनीत कौर व नगर निगम कमिश्नर सुशील कुमार व अन्य अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।

 

 

मात्र 9 करोड़ रुपए ही आए, बंद करें झूठे बजट बनाना : विज

विधायक प्रमोद विज ने नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2020-21 के बजट का टारगेट 139 करोड़ रुपए रखा है। 6 माह में अब तक मात्र 9 करोड़ ही आए। ऐसे झूठे बजट बनाना बंद करें। हर साल आधा टारगेट भी पूरा नहीं कर रहे। अधिकारियों को काम करने की आदत डालनी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा ही हाल 2017-18 में 117 करोड़ के टारगेट में मात्र 40 करोड़, 2018-19 में 131 करोड़ के टारगेट पर 81 करोड़, 2019-20 में 121 करोड़ के टारगेट पर मात्र 59 करोड़ का रेवेन्यू आया। इससे पता चलता है कि अधिकारियों की काम करने की नियत नहीं है। अब काम करना होगा।

 

 

2000 गज की सीएलयू बिना पार्षदों की सहमति के नहीं दी जाएगी

पार्षदों ने कमिश्नर सुशील कुमार व मेयर से पूछा कि पिछली मीटिंग में उठा सीएलयू के मुद्दे का क्या हुआ। क्या वह सीएलयू सदन में पास हुए बिना ही दे दी गई है। अगर नहीं दी गई तो क्या उसमें पार्षदों की सहमति ली जाएगी या नहीं। इस पर कमिश्नर ने कहा बिना पार्षदों की सहमति के यह नहीं दी जाएगी।

 

बिना शिकायत ही एक्सईएन जीपी वधवा पर उठाए सवाल

वार्ड-1 की पार्षद अनीता परूथी चुप रही। उनके पति सुरेंद्र परूथी ही मीटिंग में हंगामा करते रहे। सुरेंद्र ने कहा कि मेरे वार्ड में सभी लाइट खराब पड़ी हैं। जबकि वार्ड-3 में सभी लाइट जलती हैं। मेरे वार्ड में बहुत बुरा हाल है। आजकल किसी अधिकारी को लाइटों ठीक करने की जिम्मेदारी दी गई हैं। हमें उस अधिकारी का नाम बताएं। जो अधिकारी काम नहीं करते, उन्हें नगर निगम कैसे जिम्मेदारी दे सकता है। इस पर स्टेज पर आए एक्सईएन जीपी वधवा ने जवाब देते हुए कहा पार्षद अनीता परूथी के पति सुरेंद्र परूथी को कहा कि आप दोनों बताएं, 2 माह में मुझे या किसी कर्मचारी को कितनी शिकायत की है। बिना शिकायत किए ही मेरी कार्यप्रणाली पर कैसे सवाल उठा सकते हैं। मेरा भी आत्म सम्मान है। इस पर पार्षद पति चुप हो गए।

 

 

वार्ड-8 की पार्षद चंचल व 26 से विजय जैन नहीं हुए शामिल

हाउस की लगातार दूसरी मीटिंग में वार्ड-8 की पार्षद चंचल सहगल या उनके पति विजय सहगल और वार्ड-26 के पार्षद विजय जैन शामिल नहीं हुए। इन दोनों ही वार्डों के कोई एजेंडे भी नहीं उठाए गए। हालांकि वार्ड-6 की ओर से 6 मुद्दे भेजे गए थे, लेकिन वार्डवासियों की मांग उठाने वाला कोई प्रतिनिधि नहीं था।

 

 

अवैध भवनों पर कोई कार्रवाई नहीं

पार्षद दुष्यंत भट्‌ट ने नगर निगम अधिकारियों से पूछा कि एक साल में कितने अवैध भवनों पर कार्रवाई की है। इस पर कोई जवाब नहीं दे पाए। साथ ही वार्ड-22 की पार्षद चंचल डावर के पति योगेश डावर ने प्रॉपर्टी टैक्स की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दलाल के माध्यम से तो गलत प्रॉपर्टी टैक्स बिल ठीक हो जाते हैं, आम आदमी के माध्यम से क्यों ठीक नहीं होते। इस पर कमिश्नर सुशील कुमार ने कहा कि कार्यप्रणाली सुधारी जाएगी।

 

 

बिजली निगम के पास निगम का पैसा बकाया, अब काम के बदले एडजस्ट होगी राशि

बिजली निगम शहर वासियों से 5 टैक्स म्यूनिसिपल टैक्स लेता है। वार्ड-21 के पार्षद संजीव दहिया ने हाउस में इस बारे में सवाल उठाया कि जब निगम का 15 करोड़ रुपए बिजली निगम के पास जमा है तो फिर नगर निगम उस राशि को एडजस्ट क्यों नहीं कराया। दहिया ने कहा कि पूर्व में तत्कालीन कमिश्नर ओम प्रकाश और मेयर अवनीत कौर ने ऐसा करा दिया था, लेकिन नए कमिश्नर ने इस पर रोक लगा दी। इसके बाद हाउस में यह प्रस्ताव पास हुआ कि आगे से नगर निगम के काम के बदले बिजली निगम पैसा नहीं लेगा। निगम के पैसे एडजस्ट होंगे।

 

Source : Bhaskar

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