Connect with us

City

पानीपत कंबल बाज़ार में अच्छे संकेत, मुनाफ़े का सीज़न, हाथों हाथ बिके हजारों टन कंबल

Published

on

पानीपत कंबल कारोबार में उछाल

मंदी से जूझ रहे कंबल कारोबार में अचानक उछाल आ गया है। कंबल कारोबार की तेजी से स्‍टाक तक नहीं बचा है। निरंकारी समागम की वजह से हजारों टन कंबल हाथों हाथ बिक गए। किसी भी इंडस्ट्री में कंबल का स्टाक नहीं बचा है। ताजा कंबल तैयार हो रहे हैं और साथ-साथ बिक रहे हैं। भाव में 20 से लेकर 30 रुपये की तेजी दर्ज की है। कंबल बाजार बिक्री को लेकर उत्साहित है।

नुकसान में चल रहा था कंबल यूनिट

कंबल की डिमांड न होने के कारण एक माह पहले कंबल यूनिट नुकसान में चल रहे थे। 20 यूनिट तो बिकाऊ चल रहे थे, लेकिन सर्दी की शुरूआत जल्द होने, निरंकारी समागम होने के साथ ही कंबल की डिमांड निकली है। इसी कारण से स्टाक खाली हो चुके हैं। ताजा माल बन कर बिक रहा है।

चीन से कंबल की आवक कम

चीन से आने वाले कंबल की आवक भी कम हो गई है। एंटी डंपिंग ड्यूटी के खतरे के चलते चीन से कंबल नहीं मंगवाया जा रहा। चीन का कंबल ने आने के कारण पानीपत के कंबल मांग अधिक चल रही है।

25 नवंबर से वैवाहिक सीजन

कारोबारी नवीन बंसल ने बताया कि 25 नवंबर से वैवाहिक सीजन शुरू होने जा रहा है। शादी विवाह में कंबल की मांग अधिक रहती है। शादी विवाह में गिफ्ट पैक में कंबल देने का रिवाइज है। ऐसे में कंबल का सीजन अच्छा चलने की उम्मीद है। इस बार सर्दी भी अधिक पड़ने की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है। जिसके चलते कंबल का सीजन लंबा चलेगा।

पानीपत में महंगाई और मंदी की मार झेल रहा कंबल उद्योग, 60 प्रतिशत तक मंदा हुआ व्यापार

कंबल वैरायटी के अनुसार रेट

फ्लैनो : 275 से बढ़कर 310 रुपये किलोग्राम

सुपर सोफ्ट : 200 से बढ़कर 225 रुपये

क्लाउडी : 240 से बढ़कर 275 रुपये

मिंक कंबल : 175 से 200 रुपये

एक हजार टन कंबल का रोजाना उत्पादन

पानीपत में रोजाना एक हजार टन कंबल का उत्पादन हो रहा है। सर्दी के कारण रजाई की मांग भी अच्छी चल रही है। फाइबर की रजाई 100 रुपये महंगी हो चुकी है। इन दिनों फाइबर की रजाई अधिक मांग है। 800 रुपये वाली रजाई का भाव 900 रुपये तक पहुंच गया है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *