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इन लोगों ने घोला पानीपत के पानी में ज़हर, सबसे प्रदूषित पानी वाला अपना शहर

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इन लोगों ने घोला पानीपत के पानी में ज़हर, सबसे प्रदूषित पानी वाला अपना शहर

हरियाणा के पानीपत जिले में एनजीटी के निर्देशों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अवैध रूप से लगे उद्योगों पर कार्रवाई कर रहा है। बोर्ड ने एनजीटी के निर्देशों पर पिछले तीन साल में 140 उद्योगों को ताला लगाकर 60 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला है, लेकिन एनजीटी की कार्रवाई में प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। एक साल पहले प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 100 ब्लीच हाउस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया था, क्योंकि सभी ब्लीच हाउस बिना एनओसी के चल रहे थे। ये ब्लीच हाउस जिले के प्रदूषित हो रहे भूजल का सबसे बड़ा कारण है।

ब्लीच हाउस संचालक केमिकल युक्त पानी भूजल में छोड़ते हैं। किसी भी ब्लीच हाउस के पास एनओसी नहीं है। बोर्ड के सील करने के बाद बोर्ड ने बिजली निगम व जिला योजनाकार विभाग को तीन बार पत्र लिखकर ब्लीच हाउस के बिजली कनेक्शन काटने व बिल्डिंग को ध्वस्त करने की अपील की, लेकिन दोनों विभागों की ओर से कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा ये रहा कि ब्लीच हाउस संचालकों ने दोबारा सील तोड़कर ब्लीच हाउस में काम करना शुरू कर दिया। जो ब्लीच हाउस बंद किए गए थे, लगभग वो सभी ब्लीच हाउस चल रहे हैं। इसलिए पानीपत का पानी खराब हो रहा है।

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बापौली में चल रहा अवैध ब्लीच हाउस।

पानीपत में चल रहे हैं करीब 20 हजार उद्योग
पानीपत को लेकर एनजीटी लगातार सख्त है। पानीपत में एनजीटी रिफाइनरी व थर्मल पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगा चुकी है। पानीपत से हर रोज औसतन 80 हजार से एक लाख वाहन गुजरते हैं। 20 हजार उद्योग चल रहे हैं। कई ईंट भट्ठे हैं। इसलिए पानीपत प्रदूषण के मामले में देश में 11वें व प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।

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उद्योगों के खिलाफ लगातार कर रहे कार्रवाई
एनजीटी पहले ही पानीपत में लगातार बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए पानीपत के रेड कैटेगरी में आने वाले 370 और ऑरेंज कैटेगरी में आने वाले 222 उद्योगों पर जुर्माना लगा चुका है। पानीपत में ग्रीन कैटेगरी में 25 उद्योग आते हैं, जोकि पर्यावरण के लिए घातक नहीं माने गए हैं।

रिकॉर्ड में 170 व हकीकत में 300 से अधिक ब्लीच हाउस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रिकॉर्ड के अनुसार जिले में 170 ब्लीच हाउस हैं, जबकि हकीकत में ये आंकड़ा 300 से अधिक है। ब्लीच हाउस संचालकों ने ब्लीच हाउस खोलने के लिए शहर से बाहर भूमि ढूंढी है। सबसे अधिक ब्लीच हाउस सनौली, बापौली, डाहर, नौल्था, समालखा, मतलौडा, महराणा क्षेत्र में है। विभाग ने ब्लीच हाउस संचालकों को भूमि देने वाले किसानों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

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जिन ब्लीच हाउस की शिकायत मिलती है कार्रवाई करते हैं : आरओ

एक साल पहले बड़े स्तर पर ब्लीच हाउस पर कार्रवाई कर बिजली निगम को कनेक्शन काटने के लिए पत्र लिखा गया था। बिजली निगम व जिला योजनाकार विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं हुई। हमें जब भी कोई शिकायत मिलती है हम कार्रवाई करते हैं। – कमलजीत सिंह, रीजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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