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मुकेश अंबानी की रिलायंस ने एक झटके में अमीरिकी कंपनी ऐमज़ॉन (Amazon) का खेल बिगाड़ दिया

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मुकेश अंबानी की रिलायंस ने एक झटके में अमीरिकी कंपनी ऐमज़ॉन (Amazon) का खेल बिगाड़ दिया

अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन को बड़ा झटका लगा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर समूह डील को मंजूरी दे दी है। यह सौदा 24713 करोड़ में हुआ था।
एमेजॉन लगातार इस सौदे का विरोध कर रही है, लेकिन सिंगापुर की मध्यस्थता कोर्ट ने भी उसके पक्ष में फैसला किया था। सीसीआई ने ट्वीट कर कहा, ” फ्यूचर समूह के खुदरा, थोक, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार के रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड और रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण किए जाने के सौदे को मंजूरी दी गयी।”

इसके साथ ही अब रिलायंस इंडस्ट्रीज को फ्यूचर ग्रुप के कारोबार का अधिग्रहण करने में आसानी होगी।
रिलाइंस इंडस्ट्रीज ने अगस्त 2020 में किशेर बियाणी के फ्यूचर समूह को खरीदने की घोषणा की थी। यह डील 24713 में हुआ था। लेकिन अमेरिकी कंपनी ने इसका विरोध किया था। रिटेल सेक्टर में रिलायंस रिटेल को जेफ बेजोस की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन से तगड़ा कंपटीशन मिल रहा है।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर समूह के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी प्रदान कर दी
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर समूह के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी प्रदान कर दी। रिलायंस समूह ने अगस्त में फ्यूचर समूह के खुदरा, थोक, भंडारण और लॉजिस्टिक कारोबार का अधिग्रहण करने के लिए यह सौदा किया था।

एक निश्चित धनराशि के सौदों के लिए सीसीआई की मंजूरी की आवश्यकता होती है। सीसीआई बाजार में अनुचित कारोबारी गतिविधियों पर नजर रखने और प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए नियामक की भूमिका अदा करती है। हालांकि फ्यूचर-रिलायंस सौदे के खिलाफ अमेरिकी ई-वाणिज्य कंपनी ने कानूनी कार्रवाइयां शुरू कर रखी हैं।

फ्यूचर समूह और अमेजन के बीच का मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। फ्यूचर समूह की अमेजन के सौदे में हस्तक्षेप करने पर रोक लगाने की याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने संबंधित पक्षों को इस पर उनकी लिखित प्रतिक्रिया जमा कराने के लिए 23 नवंबर तक का वक्त दिया है।
पिछले साल अमेजन ने समूह की एक गैर-सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। साथ ही समूह की सूचीबद्ध कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में पहले हिस्सेदारी खरीदने का अधिकार हासिल किया था। अमेजन का दावा है कि फ्यूचर कूपन्स के साथ हुआ उसका सौदा समूह को फ्यूचर रिटेल में लेनदेन से रोकता है।

 

 

स्रोत: “Lokmat News” via Dailyhunt

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