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पानीपत

पानीपत में बाइक चोर समझ दो लड़कों को ढाई घंटे तक पीटा, एक की हुई मौत

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पानीपत में बाइक चोर समझ दो लड़कों को ढाई घंटे तक पीटा, एक की हुई मौत

पानीपत में बाइक चोरी करने के आरोपित को पुलिस के पास ले जाने की बजाय उसकी हत्या कर दी। वारदात खटीक बस्ती की है। लोगों ने दो नाबालिगों को पकड़ा और बंधक बनाकर करीब ढाई घंटे तक रॉड व डंडों से पीटा।

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दोनों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। जिनमें से एक की सामान्य अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस की दो टीमें आरोपितों की तलाश कर रही हैं। मृतक के भाई ने रोते हुए कहा, भाई को चोर समझकर मार डाला। जबकि वो तो काम की तलाश में आया था।

पानीपत में बाइक चोर समझ दो लड़कों को ढाई घंटे तक पीटा, एक की हुई मौत

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घटना मंगलवार आधी रात के बाद करीब 2:30 बजे की है। खटीक बस्ती के कई लोगों ने बताया कि दो नाबालिग संदिग्ध हालात में गली में घूम रहे थे। इन्होंनें ने एक घर के बाहर खड़ी बाइक का ताला तोडऩे का प्रयास किया। गली के कई युवकों ने दोनों को पकड़ कर पीटा। इनमें से एक चंगुल से छूटकर भाग गया।

 

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युवकों ने दूसरे नाबालिग से कॉल कराई और कहा कि उसे छोड़ दिया गया है। वापस आ जाओ। जब वह वापस लौटा तो दोनों नाबालिगों के हाथ-पांव बांधकर रॉड व डंडों से पीटा। किसी ने किशनपुरा चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों नाबालिगों के मोबाइल फोन ले गई।

 

अधमरा कर अस्पताल भेजा, अजय की मौत हुई

बस अड्डा चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने जागरण को बताया कि 15 सितंबर को सामान्य अस्पताल से सूचना मिली कि एक अज्ञात का शव 12 बजे अस्पताल में मिला है। 16 सितंबर को सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो पता चला कि जनसेवा दल के एक कर्मचारी ने दोनों घायलों की पट्टी कराई थी। दूसरा नाबालिग भाग गया था। 17 सितंबर की सुबह अस्पताल में एक नाबालिग ने बताया कि मरने वाला 17 वर्षीय झिंझाना का अजय था।  वह शामली के वेदखेड़ी गांव में रहता है। शुक्रवार को अजय के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

 

सौरभ ने कॉल कर बताया, अजय की हत्या कर दी

अजय के बड़े भाई राहुल ने जागरण को बताया कि वह गाड़ी चलाता है। वे दो भाई व दो बहन हैं। छोटा भाई अजय 12वीं कक्षा में पढ़ता था। 12 सितंबर को अजय को उसका दोस्त सौरभ पानीपत में फैक्ट्री में काम दिलाने आया था। 13 सितंबर को घर लौट गए और 14 सितंबर को फिर पानीपत लौट आए। 15 की शाम चार बजे दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। इसके बाद से उसने भाई की तलाश शुरू की। 17 सितंबर की सुबह 9:30 बजे बस अड्डा पुलिस चौकी के कर्मचारी ने सौरभ से बता कराई। सौरभ ने बताया कि अजय की हत्या हो गई है। शव सामान्य अस्पताल में है। वह करीब 10:15 बजे अस्पताल  पहुंचा, लेकिन सौरभ नहीं मिला। फोन भी बंद था। दो घंटे तक बदहवास घूमता रहा। किशनपुरा चौकी पुलिस ने सहयोग नहीं किया। इसके बाद सौरभ ने उसके घर फोन कर बताया कि वह बस अड्डा चौकी में है। वह चौकी गया और सौरभ को साथ लेकर अस्पताल गया। वहां पर शव की शिनाख्त की।

 

चोर समझकर बेगुनाह भाई को मारा डाला

राहुल ने कहा कि सौरभ से बात की तो बताया कि मंगलवार रात को अजय के साथ खटीक बस्ती की गली से गुजर रहा था। कई युवकों ने चोर बताकर दोनों को डंडों से पीटा। इसके बाद भीड़ इकट्ठा हो गई। काफी लोग उन्हें पीटते रहे। वे कहते रहे कि चोर नहीं हैं। उनकी सुनवाई नहीं की। उन दोनों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। फिर ऑटो में बैठाकर अस्पताल छोड़ दिया गया। वे सारी रात बैड पर खून से लथपथ पड़े रहे। उसका भाई चोर नहीं था। वे बेगुनाह था।

 

अजय की हत्या के आरोप में खटीक बस्ती के बिट्टू, करण और अन्य 10-12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित चार धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। हत्या आरोपितों की तलाश की जा रही है। आरोपितों की गिरफ्तार के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों किशोर बाइक चोरी का प्रयास कर रहे थे या नहीं।

अंकित, प्रभारी, थाना चांदनी बाग

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