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पानीपत

प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी करने में विफल रहे नगर निगम कमिश्नर सुशील कुमार की वकालत करने पर शहरी विधायक को मिला कोरा जवाब

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प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी करने में विफल रहे नगर निगम कमिश्नर सुशील कुमार की वकालत करने पर शहरी विधायक को मिला कोरा जवाब

 

4 माह पहले पानीपत नगर निगम के कमिश्नर बनाए गए सुशील कुमार का निलंबन तय लग रहा है। गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने निलंबन की सिफारिश वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। विज ने कहा कि- यही तो मेरी पहचान है। जीटी रोड पर स्थित स्काईलार्क में मंगलवार को गृहमंत्री अनिल विज कुछ देर के लिए रुके थे। शहरी विधायक विज ने निगम कमिश्नर सुशील कुमार का निलंबन वापस लेकर ट्रांसफर करने की सिफारिश की।

इस पर गृहमंत्री ने कहा कि एक बार सीएम को जो लेटर भेज दिया तो भेज दिया, उसे वापस कैसे ले लूं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में नगर निगम को 139 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी का लक्ष्य मिला था, लेकिन सितंबर (6 माह में) तक सिर्फ 9.74 करोड़ रुपए ही आए। इससे नाराज विज ने 21 अक्टूबर को कमिश्नर के निलंबन की सिफारिश कर दी। इस पर अभी सीएम को फैसला लेना है।

 

आज तक अफसरों व कर्मचारियों की सैलरी नहीं रोकी : गृहमंत्री

अनिल विज ने कहा कि नगर निगम वाले पैसे कलेक्ट नहीं करेंगे तो सिस्टम कैसे चलेगा। अफसर कलेक्शन नहीं कर रहे हैं, बावजूद इसके आज तक अफसरों व कर्मचारियों की सैलरी नहीं रोकी गई है। पानीपत नगर निगम का शहर वासियों पर 259 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।

निगम को भंग करने की मांग, विज बोले- प्रस्ताव पास कर भेजें

पानीपत निगम को भी भंग करने की मांग उठी। सेक्टर-12 वासी विरेंद्र सोनी ने निगम भंग करने की बात रखी। इसका विधायक विज, जिला अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने समर्थन किया। विज ने कहा कि ऐसा है तो फिर प्रस्ताव पास कर भेजें।

निगम एरिया बढ़ा, पार्षद घट गए

पानीपत नगर परिषद में 33 पार्षद होते थे। तब इसका एरिया भी सीमित था। सोनी ने कहा कि अब एरिया 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया, और पार्षद कम होकर 26 रह गए। इससे विकास प्रभावित होता है।

इधर, मित्तल मॉल में पहुंची प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी टीम

मित्तल मेगा मॉल पर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक 15.30 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। हालांकि, मॉल वाले इसको गलत करार दे चुके हैं क्योंकि दुकानें बिक चुकी हैं। मंगलवार काे उन्हीं दुकानों की आईडी जांची गई। निगम के ईओ बलबीर सिंह ने कहा कि 50 दुकानों की आईडी पहले ही बन चुकी है। जिससे टैक्स आ रहा है। अब शेष 80 दुकानों की आईडी बनाई जाएगी। फिर उस पर बकाया टैक्स लिया जाएगा। टीम में टैक्स सुपरिंटेंडेंट अजय कुमार, असिस्टेंट धर्मवीर, क्लर्क अनिल कुमार व अन्य शामिल रहे।

 

 

Source : Bhaskar

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