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हरियाणा वाले मंत्री अनिल विज को CM के तौर पर देखना चाहते है, सरकार की निकम्मी छवि सुधारना ज़रूरी

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हरियाणा वाले मंत्री अनिल विज को CM के तौर पर देखना चाहते है, सरकार की निकम्मी छवि सुधारना ज़रूरी

 

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज पिछले 4-5 महीनों से प्रो एक्टिव राजनीतिक बैटिंग कर रहे हैं। जिससे उनके राजनीतिक कद केवल हरियाणा की ही नहीं केंद्र की राजनीति में भी बढ़ रहा है। विज के अब बयान पूर्णतया पार्टी लाइन पर आते हैं। सरकार व पार्टी में पहले की तरह विरोधाभास की राजनीति से दूर विज ने एकाएक जो नए अंदाज की राजनीति की है, उससे उनको जानने वाले भी हैरान हैं।

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विज ने जिस प्रकार पिछले समय में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बेहतरीन तालमेल रखा है, उससे उन राजनीतिक लोगों की बोलती बंद हुई है, जो यह समझते थे विज व सीएम में 36 का आंकड़ा है। कोरना से ग्रस्त विज गुरुग्राम के मेदांता में एडमिट है, मुख्यमंत्री वहां भी उनका कुशलक्षेम जानने गए। विज जब बाथरूम में स्लिप हुए तो भी अस्पताल व उनके निवास मुख्यमंत्री मनोहरलाल हाल चाल पूछने पहुंचे थे। विज ने खुद पर वैक्सीन ट्रायल भी करवाया है।

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हाल ही में हरियाणा भाजपा के नव नियुक्त प्रभारी विनोद तावड़े ने जिस अंदाज में अनिल विज की खुले मन से तारीफ की तथा उसके बाद उनके निवास स्थान पर अम्बाला कैंट गए। पानीपत के पूर्व पार्षद हरीश शर्मा की मौत के मामले में एक दिवंगत कार्यकता के लिए खुल कर स्टैंड लिया व उनके घर जाकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। योग गुरु स्वामी राम देव का अनिल विज के ऑफिस में आना व विज को अपना अभिन्न मित्र बताना कई राजनीतिक संकेत देते हैं।

अनिल विज का राजनीति में अपना स्टाइल रहा है। दबंग, धाकड़ व ईमानदार छवि होने के कारण कोरोना काल में भी उन्होंने हरियाणा सचिवालय ने बने मंत्री कक्ष में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज करवाई। कोरोना की लड़ाई में सबसे अग्रिम पंक्ति में सक्रिय स्वास्थ्य, निकाय, गृह, मेडिकल, एजुकेशन विभाग के अधिकारियों से लगातार मीटिंगों का दौर जारी रखा और दिशा निर्देश दिए। जनता के प्रति जवाबदेह इन विभागों के समक्ष कोरोना काल शुरू होते ही लॉकडाउन में जबरदस्त चुनौतियां थी। कोरोना की एक भी टेस्टिंग लेब हरियाणा में नहीं थी, लेकिन आज टेस्टिंग में कोई कमी नहीं आई है।

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इसी बीच जनवरी में कोरोना वैक्सीन आने की खबरों के बीच अनिल विज मेदांता में कोरोना पॉजिटिव होने के चलते एडमिट हैं, वह जनवरी में आने वाली वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर आला अधिकारियों से लगातार जानकारियां ले उन्हें दिशा निर्देश दे रहें हैं। स्टेट लेवल पर वैक्सीनेशन स्टोरेज के लिए एक मेन स्टोर रखा गया है, चार रीजनल स्टोर हैं और फिर सभी जिलों में लगभग 700 कोल्ड चेन प्वाइंट हरियाणा में चिन्हित किए गए हैं। 22 वैन ऐसी हैं, जिनसे ट्रांसपोर्ट करेंगे।

मेन चीज है यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्लेटफार्म और दूसरा प्लेटफार्म जो इस्तेमाल होगा जिसे एविन बोलते हैं। यह एक इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीनेशन इटेलीजेशन नेटवर्क इन दोनों को कंबाइन करके एक कोविड-19 तैयार किया गया है और उनके द्वारा ही सारा का सारा वैक्सीनेशन प्रोग्राम मॉनिटर किया जाएगा। हरियाणा में 5154 एएनएम वैक्सीन देने के लिए ट्रेंड किए जा रहे हैं। अगर प्रतिदिन एक सेशन में सो वैक्सीन भी एक वैक्सीनेटर द्वारा दी जाती है तो इसका मतलब 5 लाख वैक्सीन 1 दिन में दी जा सकेंगी।

भारत सरकार में सेंट्रल लेवल पर एक कमेटी बनाई हुई है, जिसका नाम नेगविक है और उस कमेटी द्वारा ही इसकी प्राथमिकता निर्धारित की गई है। इस समय सबसे प्राथमिकता हेल्थ वर्कर्स को दी जा रही है। चाहे वह प्राइवेट सेक्टर में हो या सरकारी हेल्थ विभाग में डॉक्टर से लेकर नीचे तक हेल्थ वर्कर और नॉन हेल्थ वर्कर जो अस्पतालों में काम करते हैं। उन्हें प्राथमिकता में दी जाएगी। इसके साथ ही आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर भी हमारी फ्रंटलाइन वर्कर्स में आती हैं। दूसरे हमारी फ्रंटलाइन वर्कर में पुलिस, सिविल डिफेंस या सैनिटेशन डिपार्टमेंट या लोकल बॉडी डिपार्टमेंट के लोग हैं और तीसरी प्राथमिकता में 50 साल से ऊपर के लोग शामिल किए गए हैं। इनका भी डाटा इकट्ठा किया गया है। चौथी प्राथमिकता में 50 साल से कम के वह लोग जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

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अनिल विज की मोन्टीरिंग में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 लाख 10 हजार के करीब सरकारी हेल्थ सिस्टम में और बाकी प्राइवेट हेल्थ सिस्टम, आंगनवाड़ी वर्कर, हेल्पर इत्यादि को मिलाकर करीब सवा दो लाख लोगों को फर्स्ट कैटेगरी में प्राथमिकता दी जानी है। इसी प्रकार दूसरी कैटेगरी में करीब साढ़े चार लाख जिसमें पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, सिविल डिफेंस के लोग हैं। इसके बाद 50 साल से ज्यादा उम्र के करीब 58 से 60 लाख लोग है और चौथी कैटेगरी में करीब ढाई लाख लोग हैं। जिन्हें वैक्सीन दी जानी है।

फर्स्ट फेज में लगभग 70 लाख के लोग कवर होंगे। इसके लिए स्टेट लेवल पर एक स्टेट स्टेरिंग कमेटी बनी है। उसके बाद स्टेट टास्क फोर्स है जो कि एसीएस स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में काम कर रही है। एनएचएम के एमडी नोडल अधिकारी रहेंगे। स्टेट टास्क फोर्स के नीचे हमारे जिला टास्क फोर्स जिसमें उपायुक्त हेड हैं। उसके बाद ब्लॉक टास्क फोर्स है जिसमें तहसीलदार, बीडीओ जो भी वहां सीनियर अधिकारी हैं वह उसके हेड होंगे।

इस प्रकार हर लेवल पर हमारी अलग-अलग कमेटियां बनी है। जिस प्रकार से चुनाव में पोलिंग बूथ होते हैं। उसी प्रकार से 21 हजार वैक्सीनेशन साइट चुनी गई है। हमारे 7 सो कोल्ड चेन प्वाइंट 21000 वैक्सीनेशन साइट को सर्विस करेंगे। जिस दिन वहां पर सेशन लगेंगे उसमें एक ग्रुप बनाया गया है। जिसमें 5 लोग शामिल होंगे। जिसमें एक एएनएम वैक्सीनेटर होगे, दो सिक्योरिटी के लोग होंगे, एक आईडेंटिफायर यानी वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति के पेपर देखने के लिए और दूसरा वेरीफायर होगा।

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इन 5 लोगों की टीम वैक्सीनेशन साइट पर काम करेगी और एक सेशन में 100 लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। अगर 200 लोगों को वैक्सीन देनी है तो इसमें एक और वैक्सीनेटर शामिल कर दिया जाएगा। पूरी प्लानिंग कर ली गई है। अब जैसे ही हमारे पास वैक्सीन आ जाती है तो हम उम्मीद करते हैं कि सप्लाई के हिसाब से जल्द हरियाणा की पूरी आबादी को वैक्सीन देकर कवर किया जाए। कोरोना का नया स्ट्रेन आने पर भी विज की निगाहें हरियाणा में हैं। इमीग्रेशन और भारत सरकार के माध्यम से जो भी यूके से यात्री हरियाणा में आए हैं। सभी का डाटा लेकर जिलों को भेजा जा रहा है। उनकी शारीरिक गतिविधियां देख कर उनकी देखरेख हो रही है और उनके लक्षण देखकर तुरंत उनकी टेस्टिंग स्वास्थ्य विभाग कर रहा हैं।

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