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पानीपत

पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले, सड़क पर पत्थर-ट्रक पर पानीपत में नहीं रोक पाए किसानों का काफिला

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पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले, सड़क पर पत्थर-ट्रक पर पानीपत में नहीं रोक पाए किसानों का काफिला

अंबाला और करनाल के बाद पानीपत में भी किसानों को दिल्ली कूच से रोकने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस-प्रशासन इसमें कामयाब नहीं हो पाया। पुलिस लाइन के सामने IG करनाल SP पानीपत समेत जिलेभर की पुलिस और RAF ने वाटर कैनन वैन और वज्र वाहन के साथ मोर्चा संभाल रखा था। सुबह 8 बजे से किसान का काफिला गुरजना शुरू हुआ तो पुलिस ने उनपर वाटर कैनन से पानी की बौछार की, आंसू गैस के गोले दागे। 12 बजे पुलिस ने पत्थर और तीन ट्रकों से रास्ता रोका। थोड़ी झड़प के बाद किसानों ने कच्चे रास्ते से ट्रैक्टर निकालने शुरू कर दिए। देर शाम तक पंजाब की ओर से किसानों के इक्के-दुक्के ट्रैक्टर दिल्ली की ओर जाते रहे।

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कृषि बिलों के विरोध में दिल्ली किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए पंजाब से अंबाला और फिर करनाल पार करके किसानों का काफिला गुरुवार रात पानीपत पहुंचा। पानीपत टोल प्लाजा पर रात का खाना खाने के बाद कुछ किसानों ने रात में ही दिल्ली की ओर कूच किया। हल्दाना बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। यहां सड़क किनारे स्थित संत निरंकारी आश्रम की दीवार तोड़कर किसान आगे बढ़ गए। स्थानीय किसानों ने आंदोलित किसानों को अपने खेतों से रास्ता दिया। इसके बाद टोल प्लाजा पर रुके किसान शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली की ओर रवाना हुए।

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IG करनाल भारती अरोड़ा, SP पानीपत मनीषा चौधरी, DC पानीपत धर्मेंद्र सिंह जिलेभर की फोर्स के साथ पानीपत पुलिस लाइन के सामने तैनात रहे। पुलिस लाइन के सामने पानीपत-दिल्ली हाईवे को वन-वे किया गया था। वन-वे पर भी पुलिस ने आड़े-तेड़े ट्रक खड़े कर दिए। किसान इन बाधाओं को पार करके भी पुलिस लाइन के सामने पहुंच गए। यहां पुलिस ने किसानों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक पुलिस रुक-रुककर किसानों पर पानी की बौछार और गोले दागती रही, लेकिन किसान नहीं रुके।

12 बजे पुलिस ने वन-वे हाईवे पर JCB से भारी पत्थर रखवा दिए। सड़क ब्लाक करने के लिए तीन ट्रकों को एक साथ खड़ा कर दिया। JCB से सड़क के बराबर भी गड्‌ढा करने का प्रयास किया। किसानों के विरोध के बाद JCB रोक दी गई। इस बीच भी पानी की बौछार जारी रही तो किसान उग्र होकर वाटर कैनन की ओर बढ़े, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने रोका। थोड़ी झड़प के बाद किसानों ने वन-वे हाईवे के बराबर कच्ची सड़क से ट्रैक्टरों को निकालना शुरु कर दिया। देखते-देखते जाम में फंसे सभी ट्रैक्टर दिल्ली की ओर निकल गए।

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Source : Bhaskar

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