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पानीपत

ठंड में बगैर कपड़े बेटे को देख पति ने डांटा, पत्नी ने दो दिन बाद मिट्टी का तेल छिड़क आग लगाकर की दी जान

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ठंड में बगैर कपड़े बेटे को देख पति ने डांटा, पत्नी ने दो दिन बाद मिट्टी का तेल छिड़क आग लगाकर की दी जान

 

 

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पति ने बच्चे की देखभाल नहीं करने को लेकर पत्नी को डांटा तो उसने आग लगाकर जान दे दी। इससे पहले उसने पति से आफिस जाते कहा था कि आज के बाद वे अपना चेहरा नहीं दिखाएगी, लेकिन पति उसके आत्मघाती इरादे को भांप नहीं सका। सूचना मिलते ही पति घर पहुंचा, तब तक पत्नी की मौत हो चुकी थी।

 

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संदीप मलिक कॉलोनी निवासी अशोक ने बताया कि वह मूल रूप से आगरा के नंदगवा गांव के रहने वाले हैं। उसकी तीन साल पहले प्रतिज्ञा पुत्री जितेंद्र के साथ शादी हुई थी। वह दिल्ली में रह रहे थे, लेकिन लॉकडाउन में उन पर कर्ज हुआ तो वह ढाई माह पहले सास रजनी, ससुर जितेंद्र और साले गगन के साथ आकर पानीपत में रहने लगा था। उसका एक ढाई वर्षीय बच्चा अभिनव उर्फ डुग्गू है। वीरवार को ठंड में बच्चा बिना कपड़ों के लेटा हुआ था, उसने पत्नी को सही ढंग से देखभाल करने के लिए कहा था और डांट दिया था। इसके बाद वह ड्यूटी करने बरखा इंटरनेशनल कंपनी में चला गया था। वीरवार को जब वह घर लौटा तो एक बोतल मिट्टी का तेल घर में देखा था। शुक्रवार को ड्यूटी पर जाने लगा तो पत्नी ने कहा कि वह आज के बाद उसको चेहरा नहीं दिखाएगी, लेकिन शाम को वह घर लौटा तो पत्नी लेटी हुई थी, वह शनिवार को ड्यूटी जाने लगा तो पत्नी ने दोबारा वही बात दोहाराई, जिसके बाद पत्नी ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
पूछने पर बोली, बच्चे की मालिश करनी है!

अशोक ने कहा कि वीरवार को शाम को वह घर आया तो बोतल में मिट्टी का तेल रखा हुआ था। वह तेल को फेंकने लगा तो पत्नी ने कहा कि अभिनव को ठंड लगी है। किसी ने देसी इलाज बताया है कि बच्चे की छाती पर मिट्टी का तेल लगाने से सर्दी ठीक हो जाती है।
दिवाली पर सास-ससुर और साला गए थे गांव
पति अशोक ने बताया कि दिवाली के दिन उसके सास, ससुर और साला आगरा के अपने पैतृक गांव में गए थे। वे साथ में ही रहते थे। शनिवार को जब वह ड्यूटी पर था, तब साले ने कॉल कर पत्नी के जलने की सूचना दी।
अंदर से जलती हुई बाहर आई और जमीन पर लेट गई: पड़ोसी
पड़ोसी रितिक ने बताया कि वह पेंट करने का काम कर रहा था। इसी बीच उसे चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। वह दौड़ते हुए पहुंचे तो भाभी प्रतिज्ञा अंदर से जलते हुए बाहर आई और जमीन पर लेट गई। उन्होंने बोरी से आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग काबू नहीं हुई। फिर पानी डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसे सामान्य अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, महिला के शव को सामान्य अस्पताल पहुंचा दिया गया है। रविवार को महिला के परिजनों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी और शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
– एएसआई प्रमोद, चांदनीबाग थाना,
उझा रोड के पास टीडीआई के पीछे बनी संदीप मलिक कॉलोनी निवासी एक 23 वर्षीय महिला ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाकर जान दे दी। पति ने बताया कि वीरवार सुबह ढाई वर्षीय बच्चे की देखभाल नहीं करने पर पत्नी को डांटा था, उसी दिन वह मिट्टी के तेल की एक बोतल लेकर आई थी। दो दिन से रोज ड्यूटी पर जाते समय बोलती थी कि वह आज के बाद उसको अपना चेहरा नहीं दिखाएगी। उसे नहीं पता था कि वह यह कदम उठा लेगी।

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source : Amar Ujala

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