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सिंघु बॉर्डर पर चल रहे धरने में आए पंजाब के किसान ने खाया जहर, डिबिया और सुसाइड नोट साथ ही लेकर आया था; PGI रेफर

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सिंघु बॉर्डर पर चल रहे धरने में आए पंजाब के किसान ने खाया जहर, डिबिया और सुसाइड नोट साथ ही लेकर आया था; PGI रेफर

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसानों का आंदोलन आए दिन उग्र होकर जानलेवा होता जा रहा है। सोमवार को सोनीपत के सिंघु स्थित हरियाणा-दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल पंजाब के एक और किसान ने जहर खाकर जान देने की कोशिश कर डाली। वह आज ही गांव के कुछ लोगों के साथ धरने पर आया था और जेब में जहर के साथ-साथ सुसाइड नोट भी लेकर आया था। फिलहाल उसे गंभीर हालत में रोहतक PGI रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

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इस शख्स की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के गांव भट्‌ठल भाईके के रहने वाले निरंजन सिंह के रूप में हुई है। यह सोमवार को ही गांव के सरपंच बलबीर सिंह और चार-पांच अन्य के साथ यहां धरनास्थल पर आया था। मिली जानकारी के अनुसार किसान निरंजन सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर जहर खा लिया। वहां मौजूद आंदोलनकारी किसानों ने आनन-फानन में निरंजन सिंह को स्थनीय अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन यहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे रोहतक PGI रेफर कर दिया गया। जांच के लिए खून का नमूना डॉक्टर्स ने ले लिया है। साथ ही पुलिस ने भी मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान निरंजन सिंह के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

साथ ही लेकर आया था जहर और मौत की वजह
उधर, धरने में साथ आए निरंजन सिंह के गांव के सरपंच बलबीर सिंह ने बताया कि निरंजन सिंह पहले से ही अपनी जेब में सुसाइड नोट और जहर की डिबिया लिए हुए था। इसका बात का किसी को पता नहीं चला, लेकिन आज दोपहर करीब पौने 2 बजे जैसे ही वह धरने वाली स्टेज के पास पहुंचा, उसने अचानक जेब से डिबिया निकाली और उससे जहर निगल लिया। इसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई।

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निरंजन सिंह की जेब से मिले सुसाइड नोट की पंजाबी में लिखी कॉपी।
निरंजन सिंह की जेब से मिले सुसाइड नोट की पंजाबी में लिखी कॉपी।

यह लिखा है सुसाइड नोट में
बलबीर सिंह के मुताबिक पंजाबी में लिखे सुसाइड नोट में निरंजन सिंह कहना चाहता है कि किसान अपनी जान दे देंगे, पर अपनी मां जैसी जमीन को खोने का गम बर्दाश्त नहीं कर सकते। देश की सरकार को सोचना चाहिए, जब सबकुछ निजी हाथों में चला जाएगा तो फिर कौन हमारी फसलों को खरीदेगा और अगर खरीदेगा भी तो फिर उसके उचित मोल क्यों देगा।

 

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Source : Bhaskar

 

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