हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के अंतरराज्यीय रूट पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर के व्यस्ततम रास्तों पर यातायात को सुचारू बनाने के उद्देश्य से बापूधाम-शास्त्री नगर के पास सुखना चो पर एक आधुनिक फोरलेन एलिवेटेड पुल के निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की है। लगभग 16.63 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल चंडीगढ़ के मध्य मार्ग (Madhya Marg) पर वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव को काफी हद तक कम करेगा और विभिन्न सेक्टरों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा।
इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की शुरुआत इसी वर्ष दिसंबर महीने में होने की प्रबल संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर निविदा और अंतिम तकनीकी मंजूरी की प्रक्रिया को तेजी से निपटाया जा रहा है। परियोजना की समयसीमा एक वर्ष तय की गई है, जिससे अगले साल के अंत तक वाहन चालकों को एक बेहद सुरक्षित और निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराया जा सके। इस पुल के बन जाने से पंचकूला, मनीमाजरा और आसपास के कस्बों से आने-जाने वाली दैनिक ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं एवं तकनीकी खाका
सुखना चो पर बनने वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर केवल एक पुल भर नहीं है, बल्कि यह चंडीगढ़ के सेक्टर-26 को सीधे सेक्टर-13, आईटी पार्क, किशनगढ़ और माता मनसा देवी कॉम्प्लेक्स से जोड़ने वाला एक प्रमुख कनेक्टिविटी लिंक साबित होगा। इसके साथ ही, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, हरियाणा राजभवन व सचिवालय, प्रसिद्ध रॉक गार्डन और बर्ड पार्क जाने वाले अधिकारियों और पर्यटकों के लिए भी यह रास्ता सबसे सुगम विकल्प बनेगा।
| परियोजना का नाम | अनुमानित लागत | कार्य शुरू होने की तिथि | अनुमानित निर्माण अवधि | प्रमुख प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|---|---|
| बापूधाम-शास्त्री नगर फोरलेन एलिवेटेड पुल | ₹ 16.63 करोड़ | दिसंबर (संभावित) | 12 महीने (1 वर्ष) | सेक्टर-26, सेक्टर-13, आईटी पार्क, मनीमाजरा |
| सुखना चो क्रॉसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर | प्रशासनिक बजट | तकनीकी स्वीकृति जारी | 2025 के अंत तक पूर्ण | हाईकोर्ट, हरियाणा सचिवालय, रॉक गार्डन, पंचकूला |
मानसून की तबाही और पिछले अनुभवों से लिया गया सबक
उल्लेखनीय है कि मानसून के मौसम में सुखना झील में जलस्तर अधिक बढ़ने के कारण जब-जब चो में अतिरिक्त पानी छोड़ा जाता है, तब-तब शास्त्री नगर व बापूधाम के पास का यह निचला मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो जाता है और सुरक्षा के लिहाज से आवाजाही बंद करनी पड़ती है। जुलाई 2023 में आई भीषण बाढ़ और तेज बहाव के दौरान पुराने पुल के ढांचे को भारी क्षति पहुंची थी, जिसके चलते हफ्तों तक इस रास्ते पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा था।
"सुखना चो पर नए फोरलेन एलिवेटेड पुल का निर्माण बाढ़ और जलभराव जैसी प्राकृतिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। ऊंचाई पर बनने के कारण मानसून में झील से पानी छोड़े जाने के बावजूद यातायात ठप नहीं होगा और यात्रियों को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित मार्ग मिलेगा।"
यातायात दबाव और समय की होगी भारी बचत
वर्तमान समय में मध्य मार्ग पर सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। नए फोरलेन एलिवेटेड पुल के चालू होने से आईटी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं, हाईकोर्ट के वकीलों व कर्मचारियों तथा हरियाणा और पंजाब से चंडीगढ़ आने-जाने वाले लोगों को जाम से निजात मिलेगी। गाड़ियों के ईंधन और यात्रा के समय दोनों में उल्लेखनीय बचत दर्ज की जाएगी।
प्रशासनिक तैयारी और आगामी कार्ययोजना
चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने निर्माण स्थल का निरीक्षण पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर में नींव रखे जाने के बाद निर्माण कार्य को गति दी जाएगी ताकि बारिश के मौसम से पहले पिलर्स और पक्के स्ट्रक्चर का काम पूरा किया जा सके। इस नई कनेक्टिविटी व्यवस्था से चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के बीच का व्यापारिक व प्रशासनिक आवागमन और अधिक तेज होगा।




