पानीपत लाइव ब्यूरो
देशभर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा के औद्योगिक हब पानीपत के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से पानीपत के रास्ते होते हुए करनाल तक बनने वाले 'नमो भारत रेल कॉरिडोर' (Namobharat Train Corridor) के प्रोजेक्ट पर अब काम ने और ज्यादा तेजी पकड़ ली है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री मनोहर लाल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर एक लेटेस्ट और बड़ा अपडेट साझा किया है, जिससे पानीपत के निवासियों और रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा व व्यापारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में एक समीक्षा बैठक के दौरान जानकारी दी कि शहरों को स्वच्छ, सुरक्षित और अत्याधुनिक बनाने के साथ-साथ परिवहन के साधनों को पूरी तरह से उन्नत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रेल कॉरिडोर का काम अब तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस पूरी परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है और तय समय सीमा के भीतर इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन व संबंधित विभाग पूरी तरह से मुस्तैद होकर काम कर रहे हैं।
| प्रोजेक्ट की विशेषताएं | विवरण |
|---|---|
| रूट का नाम | दिल्ली - पानीपत - करनाल नमो भारत रेल कॉरिडोर |
| कुल लंबाई | 136.30 किलोमीटर |
| सेवाएं शुरू होने का लक्ष्य | वर्ष 2031 तक |
| दैनिक संभावित फेरे | प्रतिदिन लगभग 242 फेरे |
| यात्रा का समय (दिल्ली से करनाल) | लगभग डेढ़ घंटे |
पानीपत के टेक्सटाइल कारोबारियों और यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, पानीपत एक ऐसा शहर है जहां से रोजाना हजारों की संख्या में व्यापारी, उद्यमी, नौकरीपेशा लोग और छात्र दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों के लिए आवाजाही करते हैं। वर्तमान में ट्रेन या बस से सफर करने में समय अधिक लगता है और सड़क मार्ग पर अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। ऐसे में जब यह 136.30 किलोमीटर लंबा नमो भारत रेल कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा, तो पानीपत से दिल्ली और करनाल की दूरी महज कुछ ही मिनटों में सिमट जाएगी।
आंकड़ों के अनुसार, इस कॉरिडोर के शुरू हो जाने के बाद दिल्ली से करनाल तक का सफर तय करने में केवल डेढ़ घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा, इस हाई-स्पीड रेल मार्ग पर नमो ट्रेनें प्रतिदिन करीब 242 फेरे लगाएंगी। इससे न केवल यात्रियों को बार-बार ट्रेनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी। पानीपत के कपड़ा व्यापारियों का मानना है कि इस ट्रेन के चलने से दिल्ली की बैठकों और बाजारों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार को भी एक नई गति मिलेगी।
प्रदूषण घटेगा और यातायात होगा पूरी तरह सुगम
केंद्रीय मंत्रालय की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट और हालिया बैठकों में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि बढ़ते शहरीकरण के बीच यातायात को सरल बनाना और प्रदूषण के स्तर को घटाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पानीपत जैसे घनी आबादी वाले और औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित जिले के लिए यह रैपिड रेल सेवा वरदान साबित होगी। जब लोग सड़क मार्ग के निजी वाहनों की बजाय इस आधुनिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, तो पानीपत की सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस प्रोजेक्ट को लेकर अंदरखाने तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पानीपत जिले की सीमा के भीतर आने वाले स्टेशनों और अलाइनमेंट को लेकर स्थानीय निकायों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। हालांकि 2031 तक इस परियोजना की सेवाएं पूरी तरह से शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन पानीपत के लोगों में अभी से इस हाई-स्पीड ट्रेन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। 'पानीपत लाइव' इस पूरे प्रोजेक्ट की हर छोटी-बड़ी धरातलीय अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाता रहेगा।




