हरियाणा सरकार ने प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को महंगाई से राहत देने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत सरसों के तेल के वितरण नियमों में बड़ा संशोधन किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय, हरियाणा द्वारा जारी नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के दायरे में आने वाले परिवारों को राशन डिपो पर 30 रुपये प्रति लीटर की दर से फोर्टिफाइड सरसों का तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में खुले बाजार में सरसों के तेल की कीमतें लगभग 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुकी हैं, ऐसे में सरकारी डिपो से मिलने वाले इस तेल से पात्र उपभोक्ताओं को प्रति लीटर करीब 170 रुपये की सीधी बचत होगी।
प्रशासनिक स्तर पर लागू की गई इस व्यवस्था में सबसे अहम बदलाव पात्रता के पैमाने को लेकर हुआ है। पूर्व में प्रत्येक राशन कार्ड पर परिवार के सदस्यों की संख्या पर विचार किए बिना एकमुश्त दो लीटर तेल की बोतल आवंटित की जाती थी। हालांकि, विभाग द्वारा 16 अक्तूबर को जारी आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से अब वितरण प्रक्रिया को परिवार के आकार से जोड़ दिया गया है। नई व्यवस्था का मूल उद्देश्य सीमित सरकारी संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना और वास्तविक उपभोग के आधार पर राशन मुहैया कराना है।
नए नियमों के तहत आवंटन का स्लैब और निर्धारित दरें
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा निर्धारित नए स्लैब के अनुसार राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों की संख्या के आधार पर तेल की तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। जिन बीपीएल परिवारों में केवल दो सदस्य पंजीकृत हैं, उन्हें प्रतिमाह 500 मिलीलीटर (आधा लीटर) तेल की बोतल दी जाएगी, जिसके लिए 15 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं तीन से लेकर छह सदस्यों वाले परिवारों को मानक 1 लीटर की बोतल 30 रुपये में प्राप्त होगी। यदि किसी संयुक्त या बड़े परिवार में सदस्यों की संख्या सात या उससे अधिक है, तो उन्हें 1.5 लीटर (डेढ़ लीटर) सरसों का तेल 45 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा।
| परिवार के सदस्यों की संख्या | आवंटित सरसों तेल की मात्रा | सरकारी रियायती दर (रुपये) | बाजार भाव के मुकाबले अनुमानित बचत |
|---|---|---|---|
| 1 से 2 सदस्य | 500 मिलीलीटर (आधा लीटर) | 15 रुपये | लगभग 85 रुपये |
| 3 से 6 सदस्य | 1000 मिलीलीटर (1 लीटर) | 30 रुपये | लगभग 170 रुपये |
| 7 या उससे अधिक सदस्य | 1500 मिलीलीटर (डेढ़ लीटर) | 45 रुपये | लगभग 255 रुपये |
अनाज, चीनी और पोषक तत्वों से भरपूर तेल का वितरण
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत हरियाणा के अंत्योदय और बीपीएल कार्डधारकों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरी पोषण और मिठास के लिए चीनी मात्र 15 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर दी जा रही है। वितरित किए जा रहे सरसों के तेल को विटामिन-ए और विटामिन-डी से फोर्टिफाइड किया गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर तबके में कुपोषण की समस्या को दूर किया जा सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पैकेजिंग में भी बदलाव किया गया है। अब डिपो पर आधा लीटर, एक लीटर और डेढ़ लीटर की सीलबंद व गुणवत्ता-प्रमाणित बोतलों में ही तेल की आपूर्ति की जा रही है, जिससे माप-तौल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश समाप्त हो सके। उपभोक्ताओं को डिपो पर ई-पॉस (e-PoS) मशीन पर बायोमैट्रिक सत्यापन के उपरांत ही सामग्री प्राप्त होगी।
"राशन डिपो के माध्यम से रियायती दर पर सरसों का तेल मिलने से पात्र परिवारों को बाजार की तुलना में 170 रुपये तक की सीधी आर्थिक बचत हो रही है। नई सदस्य-आधारित वितरण प्रणाली से जरूरतमंद परिवारों को उनकी आवश्यकता अनुसार पारदर्शी तरीके से तेल मिलेगा। जिला स्तर पर सभी वितरण एजेंसियों को समय पर उठान और निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दे दिए गए हैं।"
— चंद्र मोहन, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
स्थानीय जनजीवन और घरेलू बजट पर सीधा सकारात्मक असर
दैनिक जीवन में खाद्य तेल सबसे अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। हाल के महीनों में खाद्य तेलों की बाजार कीमतों में आए उछाल ने निम्न आय वर्ग के परिवारों के घरेलू बजट को बुरी तरह प्रभावित किया था। ऐसे में सरकार द्वारा 30 रुपये प्रति लीटर की दर पर तेल उपलब्ध कराने से प्रदेश के लाखों बीपीएल और अंत्योदय परिवारों को सीधा आर्थिक संबल मिलेगा। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उन्हें डेढ़ लीटर तक तेल मिलने से उनकी महीने की रसोई का खर्च काफी हद तक संतुलित हो सकेगा।
स्थानीय स्तर पर उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि बायोमैट्रिक व्यवस्था और निर्धारित बोतलों की आपूर्ति से राशन वितरण में होने वाली लीकेज पर रोक लगेगी। पहले जहां कई बार डिपो संचालकों द्वारा तेल का कोटा समय पर न आने या खुले तेल में मिलावट की शिकायतें सामने आती थीं, वहीं अब मानकीकृत पैकेजिंग से पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रशासनिक तैयारी और आगामी आपूर्ति की निगरानी
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों (DFSCs) को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले डिपो पर समयबद्ध भंडारण सुनिश्चित करें। माह के शुरुआती सप्ताह में ही राशन डिपो तक स्टॉक पहुंचाने की जिम्मेदारी हैफेड और संबंधित आपूर्ति एजेंसियों को सौंपी गई है। यदि किसी डिपो पर निर्धारित दर से अधिक वसूली या कम मात्रा दिए जाने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित डिपो धारक के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।




