मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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क्राइम व पुलिस

पानीपत: 5 लाख की लूट का दावा निकला फर्जी, आपसी झगड़े के बाद रची गई थी झूठी कहानी

पानीपत के सेक्टर 11-12 में म्यूचुअल फंड कारोबारी से 5 लाख की लूट की खबर पुलिस जांच में फर्जी पाई गई। पुलिस को पीड़ित के पास ही पूरी रकम मिल गई है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
27 अक्टूबर 2026 को 09:00 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पानीपत: 5 लाख की लूट का दावा निकला फर्जी, आपसी झगड़े के बाद रची गई थी झूठी कहानी
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •पानीपत के सेक्टर 11-12 में हुई 5 लाख रुपये की कथित लूट की जांच में बड़ा मोड़ आया सामने।
  • •पुलिस पड़ताल में लूट की वारदात फर्जी साबित, कारोबारी के पास से ही बरामद हुई 3 लाख रुपये की असल रकम।
  • •आपसी विवाद और मारपीट के बाद घटना को लूट का रूप देने के लिए रची गई थी पूरी साजिश।
  • •पुलिस की तीनों सीआईए टीमें सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मारपीट करने वालों की पहचान में जुटीं।

पानीपत के पौश इलाके सेक्टर 11-12 में म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर के साथ हुई लाखों रुपये की लूट की सनसनीखेज सूचना पुलिस की गहन जांच में पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत साबित हुई है। पुलिस टीम ने जब मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की, तो पता चला कि जिस कारोबारी के साथ लूट का दावा किया जा रहा था, उसके पास महज तीन लाख रुपये की नकदी थी और वह पूरी रकम सुरक्षित रूप से उसी के पास मौजूद पाई गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि व्यक्तिगत झगड़े और मारपीट की घटना को छुपाने या रंजिश निकालने के उद्देश्य से लूट की यह मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई थी।

इस पूरे घटनाक्रम के उजागर होने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, वहीं झूठी सूचना देकर पुलिस प्रणाली को गुमराह करने के पहलू पर भी जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी के अनुसार, कारोबारी ने स्वयं पुलिस के समक्ष यह स्वीकार कर लिया है कि उसके साथ किसी भी तरह की लूटपाट नहीं हुई थी। फिलहाल पीड़ित का दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है, और उनके पानीपत लौटने के पश्चात मामले में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

घटना का पूरा विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेक्टर 11-12 स्थित अपने दफ्तर से सोमवार शाम को निकलते समय म्यूचुअल फंड कारोबारी सौरभ पर 8 से 10 अज्ञात युवकों द्वारा लाठी-डंडों से हमला करने की बात सामने आई थी। शुरुआत में सूचना फैलाई गई कि बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला कर कारोबारी के पास मौजूद बैग से करीब 8 लाख रुपये लूट लिए, जिसे बाद में घटाकर 5 लाख रुपये बताया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल कारोबारी को तुरंत उपचार के लिए पानीपत के नागरिक अस्पताल भर्ती कराया गया था, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया।

वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अपराध जांच शाखा (सीआईए) की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस टीमों ने जब घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया और गाड़ी व कारोबारी के सामान की तलाशी ली, तो गाड़ी में रखे पॉलीथिन से 3 लाख रुपये की पूरी नकदी बरामद हो गई। इसके बाद जब पुलिस ने वित्तीय रिकॉर्ड और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए, तो स्पष्ट हुआ कि कारोबारी के पास केवल वही 3 लाख रुपये थे। इस प्रकार लूट की थ्योरी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई और मामला आपसी रंजिश व मारपीट का निकला।

क्र.सं.घटनाक्रम का बिंदुशुरुआती दावा / अफवाहपुलिस जांच का वास्तविक तथ्य
1घटना का समय व स्थानसोमवार शाम, सेक्टर 11-12 पानीपतमारपीट की घटना सत्य, लूट असत्य
2रकम का दावा8 लाख फिर 5 लाख रुपये की लूटकुल 3 लाख रुपये थे, जो सुरक्षित मिले
3वारदात का स्वरूपसरेराह डकैती/लूटपाटआपसी विवाद में मारपीट के बाद झूठी कहानी
4वर्तमान जांच स्थिति3 सीआईए टीमों द्वारा पड़ताल जारीलिखित शिकायत और दिल्ली से लौटने का इंतजार

अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की भूमिका व बयान

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सीआईए की तीनों टीमों को तुरंत तफ्तीश में लगा दिया गया था। सीआईए और स्थानीय थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में मारपीट की पुष्टि तो हुई, लेकिन नकदी छीनकर भागने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। पुलिस अधिकारियों ने जब घायल कारोबारी से अस्पताल में शुरुआती बातचीत की, तो उसने भी स्वीकार किया कि घबराहट और विवाद के कारण उसने लूट की बात कही थी, जबकि वास्तविक रूप से उसकी रकम उसके पास ही सुरक्षित थी।

"शुरुआत में 8 लाख और फिर 5 लाख रुपये की लूट की सूचना मिली थी। पुलिस टीमों ने जब मौके पर जाकर तथ्यों की पड़ताल की तो सौरभ के पास 3 लाख रुपये मिले, जो पूरी तरह सुरक्षित थे। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों के साथ झगड़े और मारपीट के बाद यह कहानी रची गई थी। सौरभ ने खुद भी लूट से इनकार किया है। वह अभी दिल्ली में उपचाराधीन हैं, उनके आते ही बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
- प्रदीप कुमार, डीएसपी (पानीपत)

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर प्रभाव

सेक्टर 11-12 जैसे व्यस्त और संभ्रांत व्यापारिक क्षेत्र में शाम के समय 5 लाख की लूट की खबर फैलते ही शहर के उद्योगपतियों और व्यापारियों में दहशत का माहौल बन गया था। पानीपत लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारिक संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालांकि, महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस द्वारा पूरे मामले की सच्चाई उजागर कर देने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि बिना पुष्टि के सोशल मीडिया या मौखिक रूप से फैलाई गई अपराध की खबरें शहर में भय का वातावरण निर्मित कर सकती हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मामले का सही खुलासा करने की सराहना की है, साथ ही मांग की है कि दिनदहाड़े लाठी-डंडों से मारपीट करने वाले उपद्रवियों पर भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

पानीपत पुलिस अब इस मामले में दो अलग-अलग कोणों से जांच आगे बढ़ा रही है। पहला कोण उन 8 से 10 हमलावरों की पहचान करना है जिन्होंने कारोबारी के साथ सरेराह मारपीट की और कानून-व्यवस्था को हाथ में लिया। इसके लिए आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मारपीट करने वाले आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

दूसरा पहलू पुलिस को गुमराह करने और लूट की झूठी सूचना देने से जुड़ा है। डीएसपी प्रदीप के अनुसार, अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। कारोबारी सौरभ के दिल्ली से इलाज कराकर लौटने के बाद उनके औपचारिक बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज किया जाए या झूठी सूचना देने के संदर्भ में भी कोई प्रशासनिक कदम उठाया जाएगा।

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