पानीपत लाइव ब्यूरो की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, औद्योगिक नगरी पानीपत में हरियाणा दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। आगामी एक नवंबर को स्थानीय किसान भवन परिसर में एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हरियाणवी लोक संस्कृति को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी माटी की धरोहर से परिचित कराना है। इस आयोजन को लेकर स्थानीय कला प्रेमियों और शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस सांस्कृतिक संध्या में हरियाणा की पारंपरिक कला के दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि यह न केवल मनोरंजन का साधन बने, बल्कि समाज में भाईचारा और पारिवारिक मूल्यों को भी बढ़ावा दे। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि उत्सव के दौरान विभिन्न पारिवारिक जोड़ियों की सहभागिता भी इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी, जिसके माध्यम से सामाजिक समरसता और पारिवारिक एकता का एक मजबूत संदेश समाज तक पहुंचेगा।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम के सिलसिलेवार विवरण के अनुसार, मंच पर हरियाणवी लोकगीतों और रागिनियों की धूम मचेगी। प्रदेश की जानी-मानी रागिनी कलाकार प्रीति चौधरी लठवाल अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी। उनके साथ ही हरियाणवी नृत्य ग्रुप के कलाकार पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी प्रस्तुतियां देकर हरियाणा की सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और मेहमानों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि शहर के गणमान्य नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस गरिमामयी आयोजन की प्रशासनिक और सामाजिक रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा शिरकत करेंगी। वहीं, नगर निगम की महापौर कोमल सैनी और गणमान्य नागरिक गजेंद्र सलूजा इस सांस्कृतिक समारोह की अध्यक्षता संभालेंगे। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर समाज सेवा और न्याय क्षेत्र से जुड़े कई विशिष्ट अतिथि भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे, जिससे इस आयोजन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है.
| कार्यक्रम विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | किसान भवन, पानीपत |
| दिनांक | 1 नवंबर (हरियाणा दिवस) |
| मुख्य अतिथि | ज्योति शर्मा (चेयरपर्सन, जिला परिषद) |
| अध्यक्षता | कोमल सैनी (महापौर, पानीपत) व गजेंद्र सलूजा |
| प्रमुख आकर्षण | प्रीति चौधरी लठवाल की रागिनी व हरियाणवी नृत्य |
| आयोजक संस्था | दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट |
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के विचार और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
आयोजक संस्था के प्रतिनिधियों ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान साझा किया कि वैश्वीकरण के इस दौर में युवा अपनी लोक संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। इसी खाई को पाटने के लिए दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट लगातार प्रयासरत है। ट्रस्ट की संरक्षिका बेला भाटिया ने विस्तार से बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से न केवल स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच मिलता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी भी अपनी भाषा, वेशभूषा और संगीत के प्रति जागरूक होती है। उन्होंने पानीपत के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस उत्सव का हिस्सा बनें।
ट्रस्ट के महासचिव नरेंद्र गर्ग और अन्य प्रमुख सदस्यों ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। महिला विंग की सक्रिय सदस्यों द्वारा अतिथियों के स्वागत और बैठने की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। आयोजन को लेकर शहर के व्यापारियों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जो यह दर्शाता है कि पानीपत के लोग अपनी संस्कृति के प्रति कितने समर्पित हैं।
"हमारा मुख्य ध्येय हरियाणा की लोक संस्कृति और दादा लख्मीचंद जी की वैचारिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। इस प्रकार के आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। पानीपत की जनता का भरपूर सहयोग इस बात का प्रमाण है कि हमारी माटी की खुशबू आज भी लोगों के दिलों में बसी है।" - बेला भाटिया, संरक्षिका, दादा लख्मीचंद सोशल वेलफेयर ट्रस्ट
स्थानीय जनजीवन और सांस्कृतिक मेलजोल पर गहरा प्रभाव
इस तरह के आयोजनों का पानीपत के सामाजिक ताने-बाने पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लगातार भागदौड़ भरी जिंदगी और औद्योगिक व्यस्तताओं के बीच जीने वाले पानीपत के नागरिकों के लिए यह सांस्कृतिक संध्या मानसिक सुकून और अपनेपन का अहसास लेकर आएगी। टेक्सटाइल हब और रिफाइनरी नगरी के रूप में मशहूर पानीपत में कामगारों और विभिन्न राज्यों से आए लोगों के बीच स्थानीय संस्कृति का प्रसार सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देता है। जब परिवार के लोग एक साथ मिलकर हरियाणवी लोकनृत्य और रागिनियों का आनंद लेते हैं, तो इससे आपसी भाईचारा और मजबूत होता है।
स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के कार्यक्रमों से उभरते हुए कलाकारों को भी एक बड़ा मंच मिलता है जो उनकी कला को निखारने में मददगार साबित होता है। युवा पीढ़ी को पारंपरिक वाद्य यंत्रों, लोक गाथाओं और ग्रामीण परिवेश की कला से रूबरू कराने का यह एक बेहतरीन प्रयास है। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर इस आयोजन को पानीपत की सांस्कृतिक डायरी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
आगामी तैयारियां और सफल समापन की रूपरेखा
किसान भवन में होने वाले इस भव्य हरियाणा दिवस समारोह के सफल संचालन के लिए संयोजक रामलाल भाटिया और कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में अंतिम चरण की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि यंत्रों की उच्च गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि कलाकारों की प्रस्तुति में कोई व्यवधान न आए। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से यातायात और पार्किंग के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मुख्य मार्ग पर किसी प्रकार का जाम न लगे और आगंतुकों को सुगम आवागमन मिल सके।




