हरियाणा राज्य में बिजली बिलों की बकाया राशि की वसूली को लेकर बिजली वितरण निगम ने अत्यंत कड़ा रुख अपना लिया है। प्रदेशभर में बकाया बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कनेक्शन काटने की मुहिम चलाई जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक और कृषि श्रेणियों के उन सभी उपभोक्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है जो बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी बिल जमा नहीं करवा रहे थे।
इसी कड़ी में चरखी दादरी बिजली वितरण सर्किल के अंतर्गत आने वाले दादरी शहर, सब-वन, सांजरवास, झोझू, अटेला और बाढड़ा पावर स्टेशन क्षेत्रों में बिजली निगम की टीमों ने बड़े स्तर पर छापेमारी और डिस्कनेक्शन की कार्रवाई को अंजाम दिया। निगम अधिकारियों की इस सख्त कदम से उन उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है जो लंबे समय से सरकारी राजस्व को रोककर बैठे थे।
चरखी दादरी सर्किल में कार्रवाई और बकाया का सिलसिलेवार विवरण
बिजली विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के दौरान अब तक कुल 14,010 ऐसे बकायेदारों के कनेक्शन विच्छेदित किए जा चुके हैं, जिन पर निगम का कुल 133 करोड़ 63 लाख 86 हजार रुपये का बकाया था। हालांकि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद क्षेत्र में अभी भी 30,560 उपभोक्ता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनके पास 77 करोड़ 28 लाख 36 हजार रुपये की भारी बकाया राशि फंसी हुई है। इस राशि की शत-प्रतिशत वसूली के लिए निगम की टीमें अब हरसंभव प्रयास कर रही हैं।
विभाग ने अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणियों में बांटे गए आंकड़ों के आधार पर बकायेदारों की सूची तैयार की है। इसमें घरेलू से लेकर भारी औद्योगिक इकाइयां और सार्वजनिक चौपालें तक शामिल हैं, जिन पर लाखों-करोड़ों रुपये की लेनदारी लंबे समय से लंबित पड़ी हुई थी।
| उपभोक्ता श्रेणी | काटे गए कनेक्शन (संख्या) | काटे गए कनेक्शनों पर बकाया (लाख में) | वर्तमान लंबित बकायेदार (संख्या) | वर्तमान लंबित बकाया राशि (लाख में) |
|---|---|---|---|---|
| घरेलू उपभोक्ता | 11,495 | ₹9,022.08 | 21,033 | ₹2,356.21 |
| व्यावसायिक उपभोक्ता | 1,884 | ₹1,423.24 | 2,388 | ₹482.18 |
| एचटी औद्योगिक इकाइयां | 70 | ₹1,325.15 | 50 | ₹1,014.02 |
| एलटी औद्योगिक इकाइयां | 199 | ₹1,027.42 | 96 | ₹951.59 |
| कृषि क्षेत्र | 328 | ₹432.69 | 6,202 | ₹242.45 |
| ग्राम चौपालें | 22 | ₹71.81 | - | - |
अधिकारियों की सख्त चेतावनी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं, यदि वे बिना बकाया राशि का भुगतान किए सीधे तार जोड़कर या अवैध तरीकों से बिजली का उपयोग करते पाए गए, तो उनके खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
"निगम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करना है, लेकिन समय पर बिल जमा न होने से राजस्व का भारी नुकसान होता है। बकायेदारों को पर्याप्त समय दिया गया था। अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी लंबित बिलों की वसूली तक यह अभियान जारी रहेगा।"
स्थानीय जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा सीधा प्रभाव
बिजली निगम की इस बड़ी कार्रवाई के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति है। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और छोटे उद्योगों का कामकाज ठप होने की नौबत आ गई है, वहीं गांवों में भी जिन सार्वजनिक चौपालों के कनेक्शन कटे हैं, वहां रात के समय अंधेरा छाया रहता है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारिक संगठनों में बिलों के निपटान को लेकर भागदौड़ शुरू हो गई है।
निगम अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय या ऑनलाइन माध्यमों से तुरंत अपने बिलों का भुगतान करें।
भावी रणनीति और किश्तों में भुगतान की व्यवस्था
आगामी दिनों में निगम बकाया राशि की त्वरित वसूली के लिए विशेष शिविरों का आयोजन करने की योजना बना रहा है। बड़े बकायेदारों को नियमानुसार किश्तों में भुगतान की सुविधा भी दी जा सकती है, ताकि वे आसानी से अपना बकाया चुकता कर सकें। हालांकि जो लोग जानबूझकर भुगतान में टालमटोल करेंगे, उनके उपकरण व संपत्तियां जब्त करने जैसी सख्त प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी विचार किया जा रहा है।




