हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर के नागरिकों को बेहतर और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी जिलों में स्थित सिविल अस्पतालों में डॉक्टरों से परामर्श और उपचार प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट की आधुनिक व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इस डिजिटल पहल के बाद से मरीजों को अब अस्पताल के पंजीकरण काउंटरों पर लगने वाली लंबी और थका देने वाली लाइनों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। आम जनता को घर बैठे ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए इस पारदर्शी प्रणाली को धरातल पर उतार दिया गया है.
इस नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी नागरिक को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या है और वह चिकित्सक से परामर्श लेना चाहता है, तो वह अस्पताल आने से पहले ही डिजिटल माध्यम से अपना समय आरक्षित कर सकता है। पानीपत सहित राज्य के सभी 23 जिलों के नागरिक अस्पतालों में इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं को पेपरलेस और अधिक सुविधाजनक बनाना है, ताकि अस्पताल परिसर में भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके और मरीजों का मूल्यवान समय बचाया जा सके.
ई-उपचार पोर्टल के जरिए घर बैठे ऐसे करें प्री-रजिस्ट्रेशन
नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार ने एक समर्पित डिजिटल मंच तैयार किया है। कोई भी मरीज आधिकारिक वेब पोर्टल eupchaarharyana.org.in पर जाकर अपने सक्रिय मोबाइल नंबर के माध्यम से घर बैठे ही डॉक्टर के पास जाने के लिए पंजीकरण कर सकता है। प्रक्रिया बेहद सरल है और तकनीकी रूप से कम साक्षर लोग भी अपने परिजनों की मदद से इसे आसानी से पूरा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जो मरीज पहले भी कभी सरकारी अस्पताल में आ चुके हैं और उनका पंजीकरण हो चुका है, वे अपने पुराने यूएचआईडी (UHID) नंबर का इस्तेमाल करके सीधे नया अप्वाइंटमेंट बुक कर सकते हैं.
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को निर्धारित तिथि और तय समय पर संबंधित सिविल अस्पताल पहुंचना होता है। अस्पताल में ऑनलाइन बुकिंग वाले मरीजों के लिए एक विशेष और अलग खिड़की निर्धारित की गई है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी पर्ची प्राप्त कर सकें। इस काउंटर पर डिजिटल भुगतान यानी यूपीआई (UPI) आधारित प्रणाली की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसका सफल परीक्षण सबसे पहले पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल में किया गया था और उसके बाद इसे पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया.
| चरण | प्रक्रिया विवरण | माध्यम / स्थान |
|---|---|---|
| चरण 1 | वेबसाइट पर जाएं | eupchaarharyana.org.in पोर्टल खोलें |
| चरण 2 | पंजीकरण करें | मोबाइल नंबर या पुराने UHID का उपयोग करें |
| चरण 3 | अस्पताल पहुंचें | निर्धारित तिथि व समय पर सिविल अस्पताल आएं |
| चरण 4 | पर्ची प्राप्त करें | विशेष काउंटर पर यूपीआई भुगतान कर परामर्श लें |
स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रशासन की पहल व जनता के लिए दिशा-निर्देश
इस योजना के धरातल पर सफल क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं। हाल ही में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें सभी जिलों के सिविल सर्जनों और उप-सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे अपने अधीन आने वाले अस्पतालों में इस डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाएं। पानीपत के डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोरिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि अधिक से अधिक लोग इस तकनीक के बारे में जागरूक हों और इसका लाभ उठाएं, ताकि उन्हें पारंपरिक पंजीकरण प्रणालियों की परेशानियों का सामना न करना पड़े.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विजय मलिक ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अस्पताल आने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण की इस सुविधा का भरपूर उपयोग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल से न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि मरीजों और डॉक्टरों दोनों का समय बचेगा। विभाग द्वारा अस्पतालों में हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जो उन मरीजों की सहायता कर रहे हैं जिन्हें ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई का सामना करना पड़ता है.
"डॉक्टरों से परामर्श लेने के लिए मरीजों को अब पंजीकरण की लंबी और थका देने वाली कतारों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए हमने ऑनलाइन प्री-रजिस्ट्रेशन की इस पारदर्शी सुविधा को विधिवत शुरू कर दिया है। मरीज घर बैठे ही अपना समय बुक कर सकते हैं और अस्पताल आकर बिना किसी बाधा के उपचार प्राप्त कर सकते हैं।" - डॉ. विजय मलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO)
स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और आगे की प्रशासनिक योजनाएं
हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की यह डिजिटल पहल राज्य के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को आधुनिक युग के अनुकूल ढालने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। आने वाले समय में इस पोर्टल पर और भी कई उन्नत सुविधाएं जोड़ने की योजना है, जिससे मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जा सके। स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीज इस सुविधा का समान रूप से लाभ उठा सकें। पानीपत समेत पूरे प्रदेश में इस प्रणाली के लागू होने से स्वास्थ्य सेवाओं में एक सकारात्मक और पारदर्शी बदलाव देखने को मिल रहा है.




