हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर के नगर निकायों में अपनी सेवाएं दे रहे हजारों सफाई कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से की गई इस घोषणा के बाद राज्य के 13,093 पालिका रोल सफाई कर्मचारियों को प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक संबल और प्रशासनिक सुरक्षा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकार के इस नीतिगत निर्णय से लंबे समय से नौकरी की अनिश्चितता और जोखिम भरे माहौल में काम कर रहे सफाई कर्मियों को एक मजबूत संबल प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवारों का जीवनस्तर भी बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रशासनिक गलियारों से सामने आए इस अहम फैसले के तहत इन सभी कर्मचारियों को 'हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024' के दायरे में शामिल किया जा रहा है। इसके लागू होने से इन सफाई कर्मियों की सेवाएं 60 वर्ष की आयु तक पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगी। इसके साथ ही, मौजूदा समय में मिल रहे 20,590 रुपये के मासिक मानदेय, जिसमें 19,000 रुपये मूल वेतन और 1,590 रुपये अन्य भत्ते शामिल हैं, के अतिरिक्त अब 2,000 रुपये का मासिक जोखिम भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। यह भत्ता उन कर्मचारियों के लिए बेहद राहत भरा साबित होगा जो रोजाना कठिन परिस्थितियों और स्वास्थ्य जोखिमों के बीच शहरों की साफ-सफाई का जिम्मा संभालते हैं।
दस साल से अधिक सेवा वालों को मिलेगा विशेष वित्तीय लाभ
सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत सेवाकाल की अवधि को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। जिन सफाई कर्मचारियों को नगर निकायों में काम करते हुए 10 वर्ष या उससे अधिक का समय हो चुका है, उनकी कुल मासिक देय राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। अब ऐसे अनुभवी और लंबे समय से सेवारत कर्मचारियों को हर महीने 25,560 रुपये की राशि मिलेगी। इस वित्तीय ढांचे में महंगाई भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य नियमित लाभांशों को भी समाहित करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय भी ठोस आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले कर्मियों को केवल वेतन तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं भी सुलभ कराई जाएंगी। नियमित कर्मचारियों के समकक्ष माने जाने वाले कई अन्य पात्र लाभों को भी इस नीति के दायरे में जोड़ने की तैयारी है, ताकि कर्मचारियों का कार्यस्थल पर मनोबल ऊंचा रहे और वे पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
| श्रेणी / विवरण | पूर्व स्थिति / मानदेय | संशोधित लाभ व नई व्यवस्था |
|---|---|---|
| कुल पात्र कर्मचारी | 13,093 पालिका रोल कर्मी | हरियाणा संविदात्मक अधिनियम, 2024 के तहत सुरक्षित |
| वर्तमान मासिक मानदेय | 20,590 रुपये (मूल वेतन + भत्ते) | नियमितीकरण के साथ 60 वर्ष तक सेवा की गारंटी |
| मासिक जोखिम भत्ता | लागू नहीं था | 2,000 रुपये अतिरिक्त प्रति माह |
| 10 वर्ष से अधिक सेवारत कर्मी | मानक मानदेय | बढ़कर 25,560 रुपये मासिक देय राशि |
| अन्य सामाजिक लाभ | सीमित | ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और एक्स-ग्रेशिया सहायता |
मुख्यमंत्री का विजन और जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुपालन
राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस नीति की घोषणा करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि शहरी स्थानीय निकायों की रीढ़ कहे जाने वाले सफाई कर्मचारियों का सम्मान, सुरक्षा और उनका उज्जवल भविष्य सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। शहर की साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखने में ये कर्मी दिन-रात मेहनत करते हैं, ऐसे में उनके श्रम का उचित मूल्यांकन करना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देना प्रशासन का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि अधिनियम के प्रावधानों के तहत किसी प्रकार के अतिरिक्त वित्तीय समायोजन की आवश्यकता पड़ी, तो सरकार पात्र कर्मचारियों को निर्धारित पात्रता से 15 प्रतिशत अधिक राशि देने के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
दूसरी ओर, स्थानीय निकायों के निदेशक और संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे इस अधिनियम की औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा करें। नगर निगमों और परिषदों के स्तर पर डेटा का सत्यापन कार्य शुरू हो चुका है ताकि किसी भी पात्र कर्मचारी को प्रशासनिक जटिलताओं का सामना न करना पड़े। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में संशोधित मानदेय और जोखिम भत्ते की राशि समयबद्ध तरीके से पहुंचे, जिससे इस जनकल्याणकारी नीति का जमीनी क्रियान्वयन शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित हो सके।
"शहरों की स्वच्छता के असली प्रहरी हमारे सफाई कर्मचारी हैं। उनके श्रम, पसीने और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें सेवा सुरक्षा और जोखिम भत्ता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य हर कर्मचारी को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करना है ताकि वे और उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकें।" - नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
कर्मचारी संघों की प्रतिक्रिया और आगामी प्रशासनिक कदम
सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है। विभिन्न श्रमिक यूनियनों और सफाई कर्मचारी संघों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे लंबे संघर्ष का सकारात्मक परिणाम बताया है। हालांकि, कर्मचारियों की यह भी मांग रही है कि पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि किसी भी पुराने कर्मचारी का नाम छूटने न पाए। संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि जिला स्तर पर कैंप लगाकर कागजी कार्रवाई को त्वरित गति से पूरा किया जाएगा।
आगामी दिनों में नगर निकायों द्वारा सभी 13,093 कर्मचारियों की व्यक्तिगत फाइलों का पुनरीक्षण किया जाएगा और उन्हें नए अनुबंध पत्रों के साथ सेवा सुरक्षा के प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे। पानीपत लाइव ब्यूरो की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, इस नीति के धरातल पर उतरने से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि निकाय स्तर पर काम करने वाले श्रमबल में एक नई ऊर्जा का संचार भी होगा। प्रशासनिक अमला अब इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी देरी के अमलीजामा पहनाने में जुट गया है।




