पानीपत के औद्योगिक क्षेत्र पसीना रोड पर शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां ओम बालाजी टेक्सटाइल नामक फैक्टरी में भीषण आग लग गई। यह अग्निकांड दोपहर के समय हुआ, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्टरी परिसर से उठती आग की ऊंची लपटों और काले धुएं के गुबार को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। इस घटना में उद्यमी को भारी आर्थिक क्षति हुई है, जिसमें कच्चा माल, तैयार उत्पाद और महंगी मशीनरी पूरी तरह से जलकर राख हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 1 बजे जब फैक्टरी में कामकाज चल रहा था, तभी अचानक एक हिस्से से धुआं उठने लगा। इससे पहले कि कर्मचारी कुछ समझ पाते या आग बुझाने के स्थानीय उपकरणों का उपयोग करते, आग ने कच्चे माल की मौजूदगी के कारण तेजी से पूरी इकाई को अपनी चपेट में ले लिया। टेक्सटाइल फैक्टरी होने के नाते यहां भारी मात्रा में ज्वलनशील धागा और कपड़ा मौजूद था, जिसने ईंधन का काम किया और आग की तीव्रता को कई गुना बढ़ा दिया।
अग्निकांड का घटनाक्रम और प्रशासनिक तत्परता
जैसे ही आग की सूचना दमकल विभाग को मिली, पानीपत अग्निशमन केंद्र से एक के बाद एक करीब 8 गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि पानी की बौछारें भी बेअसर साबित हो रही थीं। हवा के रुख और ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग बार-बार भड़क रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तुरंत समालखा दमकल केंद्र से भी अतिरिक्त गाड़ियों को बैकअप के लिए बुलाया।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| घटना का स्थान | पसीना रोड, पानीपत |
| प्रभावित इकाई | ओम बालाजी टेक्सटाइल फैक्टरी |
| हादसे का समय | शनिवार दोपहर, लगभग 01:00 बजे |
| दमकल गाड़ियों की संख्या | 8 (पानीपत) + अतिरिक्त गाड़ियां (समालखा) |
| नुकसान का प्रकार | मशीनरी, कच्चा माल और भवन संरचना |
दमकल विभाग की मशक्कत और चुनौतीपूर्ण बचाव कार्य
अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को आग बुझाने के दौरान भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। संकरी गलियों और फैक्टरी के भीतर धुआं भर जाने के कारण दृश्यता शून्य हो गई थी। दमकल कर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को पड़ोसी फैक्ट्रियों में फैलने से रोका। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर आंशिक रूप से काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक फैक्टरी के भीतर रखा अधिकांश सामान जल चुका था। भीषण गर्मी और आग की लपटों के कारण इमारत की दीवारों में दरारें आ गईं और छत के कुछ हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
"सूचना मिलते ही हमारी टीम ने तुरंत रेस्पॉन्स किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण हमने समालखा से भी अतिरिक्त यूनिट्स बुलाई थीं। हमारी प्राथमिकता आग को आसपास की फैक्ट्रियों में फैलने से रोकना था, जिसमें हम सफल रहे। नुकसान का सटीक आकलन और आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच रिपोर्ट बाद में तैयार की जाएगी।" - दमकल विभाग के एक अधिकारी के अनुसार।
स्थानीय उद्योग और सुरक्षा मानकों पर सवाल
पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखता है, लेकिन पसीना रोड जैसे क्षेत्रों में बार-बार होने वाले अग्निकांड सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करते हैं। स्थानीय व्यापारियों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। गनीमत यह रही कि इस हादसे में अभी तक किसी जानी नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, सभी कर्मचारी समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
आगामी कार्रवाई और जांच के बिंदु
फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की पड़ताल कर रहा है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट-सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फैक्टरी मालिक द्वारा नुकसान का ब्यौरा तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद बीमा कंपनी और संबंधित विभाग अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर सकता है कि क्या फैक्टरी में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम और एनओसी (NOC) मौजूद थी या नहीं।




