सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई ऑनलाइन यूपीआई भुगतान और स्कैन-एंड-रजिस्टर सुविधा

हरियाणा सरकार ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए प्रदेशभर के 610 स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी और अन्य सेवाओं के लिए डिजिटल यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
25 अक्टूबर 2026 को 02:34 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई ऑनलाइन यूपीआई भुगतान और स्कैन-एंड-रजिस्टर सुविधा
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •प्रदेश के 610 स्वास्थ्य संस्थानों और जिला नागरिक अस्पतालों में डिजिटल पेमेंट सिस्टम लागू किया गया है।
  • •कुल 118 स्वास्थ्य संस्थानों में स्कैन एंड रजिस्टर की नई तकनीक शुरू की गई है, जिससे लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
  • •मरीज अब घर बैठे ही मोबाइल के जरिए ओपीडी, आईपीडी और मेडिको-लीगल मामलों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।
  • •खुट्टे-पैसे की समस्या से निजात मिलने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में पूरी तरह से वित्तीय पारदर्शिता आएगी।

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को पर्ची बनवाने या अन्य शुल्कों के भुगतान के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने पूरे राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में डिजिटल क्रांति लाते हुए ऑनलाइन यूपीआई (UPI) भुगतान प्रणाली को अधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है, जिससे आम जनता को खासी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के कुल 610 विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल भुगतान के दायरे में लाया गया है। खास बात यह है कि इनमें से 118 प्रमुख संस्थानों में 'स्कैन एंड रजिस्टर' की अत्याधुनिक सुविधा भी शुरू कर दी गई है। इस तकनीक के आने से मरीजों को अस्पताल पहुंचते ही काउंटर पर पर्ची कटवाने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके चंद सेकेंडों में अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तृत दायरा और श्रेणीवार विवरण

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए इस जनहित कदम का विस्तार पूरे प्रदेश में समान रूप से किया गया है, ताकि सुदूर ग्रामीण अंचलों तक के मरीजों को इसका पूरा लाभ मिल सके। आंकड़ों के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था को राज्य के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों के साथ-साथ 52 उप-नागरिक अस्पतालों में पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और 414 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है।

अब इन सभी चिकित्सा इकाइयों में आने वाले नागरिक ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD) और मेडिको-लीगल (MLC) जैसे विभिन्न आवश्यक मामलों में डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, मेडिकल प्रमाण पत्र या अन्य जरूरी आधिकारिक दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए लगने वाली फीस का भुगतान भी अब पूरी तरह से कैशलेस हो गया है, जिससे कागजी कार्रवाई और वित्तीय लेन-देन में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी।

स्वास्थ्य संस्थान का प्रकारकुल संख्याउपलब्ध डिजिटल सुविधाएं
जिला नागरिक अस्पताल23यूपीआई भुगतान और स्कैन एंड रजिस्टर
नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पताल52ऑनलाइन फीस और ओपीडी पंजीकरण
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)121कैशलेस मेडिकल सेवाएं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)414डिजिटल हेल्थ ट्रांजैक्शन

पारदर्शिता और कतार मुक्त व्यवस्था का लाभ

अबतक की पारंपरिक व्यवस्था में मरीजों को अस्पताल के परिसरों में लंबी लाइनों का सामना करना पड़ता था। ओपीडी पंजीकरण के लिए मामूली 5 रुपये की फीस भी कई बार छुट्टे न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती थी। इस छोटी सी बाधा के कारण कई बार पंजीकरण काउंटर पर अनावश्यक भीड़ जमा हो जाती थी। नई ऑनलाइन प्रणाली शुरू होने से अब डिजिटल वॉलेट्स या क्यूआर कोड स्कैन करके सटीक भुगतान किया जा सकता है, जिससे समय की भारी बचत होगी।

विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मरीज अब अस्पताल की चारदीवारी के बाहर अपने घर से ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे अस्पताल पहुंचने पर उन्हें केवल डॉक्टर को दिखाने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना होगा, न कि प्रशासनिक औपचारिकताओं में उलझना पड़ेगा। यह कदम डिजिटल इंडिया के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।

"प्रदेश के सभी जिला नागरिक अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल भुगतान और स्कैन एंड रजिस्टर सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोग घर बैठे पंजीकरण कर सकेंगे और कतारों से मुक्ति मिलेगी।" - डॉ. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार

प्रशासनिक तैयारी और आगामी कार्ययोजना

स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी परियोजना की मॉनिटरिंग राज्य मुख्यालय से की जा रही है ताकि किसी भी तकनीकी बाधा को तुरंत दूर किया जा सके। अस्पतालों के प्रशासनिक स्टाफ को भी इस नई डिजिटल प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शुरुआती दौर में जिन मरीजों को स्मार्टफोन या ऑनलाइन भुगतान में कठिनाई आ रही है, उनके लिए सहायता डेस्क (Help Desk) भी बनाए गए हैं, जहां कर्मचारी उनकी मदद कर रहे हैं।

आने वाले समय में इस बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की योजना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के हर नागरिक तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का डिजिटल लाभ सहजता से पहुंच सके। इस पहल से न केवल अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, बल्कि भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश भी न के बराबर रह गई है।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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