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हिसार में 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की तैयारी, 1500 करोड़ के बजट पर मंथन

हरियाणा के हिसार जिले में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
27 अक्टूबर 2026 को 05:35 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हिसार में 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की तैयारी, 1500 करोड़ के बजट पर मंथन
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हिसार शहर के बाहरी हिस्से में 41 किलोमीटर लंबा नया रिंग रोड विकसित किया जाएगा।
  • •परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • •वित्त पोषण के लिए दो अलग-अलग विकल्पों पर प्रशासनिक स्तर पर विचार चल रहा है।
  • •दीपावली के आसपास इस महत्वाकांक्षी आधारभूत संरचना परियोजना की औपचारिक घोषणा की संभावना है।

हरियाणा के हिसार जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बढ़ती यातायात की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिलावासियों को जाम के झंझट से पूरी तरह मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से शहर के चारों ओर एक नया बाईपास नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 41 किलोमीटर लंबे रिंग रोड का निर्माण किया जाना है, जिससे न केवल शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा बल्कि आवागमन भी पूरी तरह से सुगम हो जाएगा।

इस वृहद सड़क नेटवर्क के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बेहद अहम है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट में जमीन क्रय करने और मुआवजा देने पर लगभग 1500 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। सड़क के दायरे में आने वाले विभिन्न गांवों की जमीन को लेकर फिलहाल उच्च स्तर पर मंथन जारी है ताकि किसानों और भू-स्वामियों को उनकी भूमि का उचित और समयबद्ध मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।

परियोजना के वित्त पोषण के लिए दो प्रमुख विकल्प

हिसार रिंग रोड परियोजना को वित्तीय रूप से धरातल पर उतारने के लिए सरकार के समक्ष मुख्य रूप से दो प्रस्ताव विचाराधीन हैं। पहले विकल्प के तहत केंद्र और राज्य सरकार आपसी सहमति से आधी-आधी यानी 75-750 करोड़ रुपये की राशि साझा करेंगी। वहीं, दूसरे विकल्प में जमीन की रजिस्ट्री से प्राप्त होने वाले टैक्स रेवेन्यू का दो प्रतिशत हिस्सा अगले 15 वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन दोनों ही वित्तीय मॉडलों पर वित्तीय विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा गहराई से समीक्षा की जा रही है।

चार सदस्यीय समिति ने सौंपी अपनी विस्तृत रिपोर्ट

परियोजना के क्रियान्वयन को गति देने और वित्तपोषण के विकल्पों का अध्ययन करने के लिए एक विशेष चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस कमेटी ने अपनी गहन रिपोर्ट संबंधित विभागों को सौंप दी है। रिपोर्ट आने के बाद इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि रिंग रोड के निर्माण कार्य को जमीन पर उतारने की दिशा में बाधाएं दूर हो चुकी हैं। प्रशासनिक रूप से इस कार्य को आगामी वर्षों में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है ताकि तय समयसीमा में कार्य पूर्ण हो सके।

परियोजना विवरणमुख्य बिंदु
प्रस्तावित लंबाई41 किलोमीटर
अनुमानित बजट (भूमि अधिग्रहण)1500 करोड़ रुपये
प्रमुख लाभयातायात जाम से मुक्ति और तीव्र परिवहन
प्रस्तावित लक्ष्यवर्ष 2027 तक भूमि अधिग्रहण शुरू करने की योजना

समयसीमा और आगामी प्रशासनिक कदम

योजना के वर्तमान खाके के अनुसार, सब कुछ यदि निर्धारित रणनीति के तहत आगे बढ़ा तो वर्ष 2027 तक जमीन अधिग्रहण की आधिकारिक प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी। इस परियोजना के आने से न केवल हिसार बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परिवहन व्यवस्था बेहतर होने से औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश के नए द्वार खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

"हिसार में प्रस्तावित 41 किलोमीटर लंबा रिंग रोड क्षेत्र के आधारभूत ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस परियोजना से न केवल शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी, बल्कि आर्थिक प्रगति के नए द्वार भी खुलेंगे।"

क्षेत्रीय विकास और आवागमन पर दूरगामी प्रभाव

इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय निवासियों का सफर सुगम होगा, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ कनेक्टिविटी भी बेहद मजबूत हो जाएगी। भारी वाहनों के शहर के बाहर से ही गुजर जाने के कारण स्थानीय शहरी मार्गों पर दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी और प्रदूषण स्तर भी नियंत्रित रहेगा। प्रशासनिक अमला इस बात को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि आगामी त्योहारों के सीजन के आसपास इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई बड़ी आधिकारिक घोषणा की जा सके, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को सकारात्मक सौगात मिल सके।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

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