रविवार, 25 अक्टूबर 2026
विज्ञापन • ADVERTISEMENT
हरियाणापानीपत ब्रेकिंग

हरियाणा में चेक बाउंस मामलों के निपटारे के लिए 21 नवंबर को विशेष लोक अदालत: पलवल में त्वरित न्याय की बड़ी पहल

हरियाणा के पलवल जिले में 21 नवंबर को चेक बाउंस मामलों के समाधान हेतु विशेष लोक अदालत का आयोजन होगा। सीजेएम हरीश गोयल ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की अपील की है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
25 अक्टूबर 2026 को 08:10 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
शेयर करें:
हरियाणा में चेक बाउंस मामलों के निपटारे के लिए 21 नवंबर को विशेष लोक अदालत: पलवल में त्वरित न्याय की बड़ी पहल
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •21 नवंबर 2026 को पलवल जिला न्यायालय और उपमंडलीय न्यायालयों में विशेष लोक अदालत का आयोजन होगा।
  • •चेक बाउंस (धारा 138 NI Act) से संबंधित लंबित और नए मामलों का मौके पर ही होगा निपटारा।
  • •पलवल के साथ-साथ होडल और हथीन के न्यायालय परिसरों में भी नागरिकों को मिलेगा सुलभ न्याय का मंच।
  • •सीजेएम हरीश गोयल ने पक्षकारों से आपसी सहमति के जरिए कानूनी उलझनों को समाप्त करने का आह्वान किया।

हरियाणा की न्यायिक प्रणाली में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और आम नागरिकों को लंबी कानूनी प्रक्रियाओं से राहत दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आगामी 21 नवंबर 2026 को प्रदेश के पलवल जिले में विशेष राज्य लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अदालत का मुख्य केंद्र बिंदु चेक बाउंस से जुड़े मामले होंगे, जो व्यापारिक और व्यक्तिगत लेन-देन के चलते न्यायालयों में लंबित पड़े हैं। यह पहल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा की जा रही है, जिसका उद्देश्य न्याय को अधिक सुलभ, सस्ता और त्वरित बनाना है।

विशेष लोक अदालत का आयोजन केवल पलवल जिला मुख्यालय तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के अन्य प्रमुख उपमंडलीय न्यायालयों जैसे होडल और हथीन में भी इसके लिए विशेष बेंचों का गठन किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। लोक अदालत उन पक्षकारों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं और अब आपसी समझौते के माध्यम से अपने विवाद को जड़ से समाप्त करना चाहते हैं।

लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य और आयोजन का विवरण

चेक बाउंस के मामले अक्सर व्यापारिक जगत और आम जनता के बीच तनाव का कारण बनते हैं। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दर्ज ये मामले कई बार वर्षों तक चलते हैं, जिससे दोनों पक्षों का समय और धन बर्बाद होता है। इसी समस्या के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) हरीश गोयल ने इस विशेष राज्य लोक अदालत की रूपरेखा तैयार की है।

विशेषताविवरण
आयोजन की तिथि21 नवंबर 2026
प्रमुख स्थानजिला न्यायालय परिसर पलवल
उपमंडलीय केंद्रहोडल और हथीन न्यायालय
संबंधित कानूनधारा 138, एनआई एक्ट (चेक बाउंस)
प्रक्रिया का स्वरूपआपसी सहमति और सुलह आधारित

अधिकारियों और विधिक सेवा प्राधिकरण का रुख

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम हरीश गोयल ने इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि लोक अदालत का प्राथमिक उद्देश्य पक्षकारों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहाँ वे बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि चेक बाउंस के मामलों में अक्सर आपसी बातचीत की गुंजाइश होती है, लेकिन सही मंच न मिलने के कारण मामले खिंचते चले जाते हैं। लोक अदालत इसी कमी को पूरा करती है और विधिक प्रक्रिया के दायरे में रहते हुए समाधान सुनिश्चित करती है।

"लोक अदालत न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने का एक सशक्त माध्यम है। विशेष रूप से चेक बाउंस जैसे मामलों में, जहाँ वित्तीय लेन-देन मुख्य मुद्दा होता है, आपसी सहमति से किया गया फैसला दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत (Win-Win) की स्थिति पैदा करता है। हम सभी संबंधित पक्षकारों से अपील करते हैं कि वे 21 नवंबर को आयोजित होने वाली इस विशेष अदालत का हिस्सा बनें और अपने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करें।" - हरीश गोयल, सचिव, DLSA एवं सीजेएम।

स्थानीय जनजीवन और व्यापारियों पर प्रभाव

पलवल और आसपास के क्षेत्रों में कृषि और छोटे उद्योगों का बड़ा जाल फैला हुआ है। यहाँ के स्थानीय व्यापारियों और किसानों के बीच अक्सर चेक के माध्यम से भुगतान की परंपरा है। ऐसे में चेक बाउंस के मामलों की संख्या भी काफी अधिक रहती है। इस विशेष लोक अदालत से उन छोटे व्यापारियों को सबसे अधिक लाभ होगा जिनके पैसे लंबे समय से फंसे हुए हैं या जो कानूनी नोटिस के डर से व्यापारिक गतिविधियों में बाधा महसूस कर रहे हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लोक अदालत में होने वाले फैसले की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके खिलाफ किसी उच्च न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती, क्योंकि यह फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से होता है। इससे न केवल कोर्ट का समय बचता है, बल्कि पक्षकारों के बीच के कड़वे रिश्ते भी फिर से सुधरने की संभावना बनी रहती है। 21 नवंबर को होने वाली इस अदालत के लिए प्राधिकरण द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

आगे की कार्रवाई और सहभागिता की प्रक्रिया

जिन नागरिकों के मामले वर्तमान में पलवल, होडल या हथीन की अदालतों में लंबित हैं, वे अपने संबंधित अधिवक्ता के माध्यम से या सीधे न्यायालय में आवेदन देकर अपने मामले को 21 नवंबर की लोक अदालत में स्थानांतरित करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जो मामले अभी तक कोर्ट नहीं पहुंचे हैं लेकिन विवाद की स्थिति में हैं, उन्हें भी 'प्री-लिटिगेशन' स्तर पर यहाँ सुलझाया जा सकता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस दिन भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और बैठने की उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि न्याय की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से चल सके।

प्रायोजित • SPONSORED
इस खबर को अपने दोस्तों व ग्रुप्स में शेयर करें:
व्हाट्सएप

पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

पानीपत शहर, समालखा, मतलौडा, इसराना, सनौली व टेक्सटाइल हब की 24x7 ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम

पानीपत लाइव (panipatlive.com) पानीपत जिले का प्रमुख और स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क है। हमारी संपादकीय टीम का मुख्य उद्देश्य पानीपत के नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं तक धरातल की हर प्रमाणित और निष्पक्ष खबर सबसे पहले पहुंचाना है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

पानीपत ब्रेकिंग सुर्खियां

हरियाणा में चेक बाउंस मामलों के निपटारे के लिए 21 नवंबर को विशेष लोक अदालत: पलवल में त्वरित न्याय की बड़ी पहल | पानीपत लाइव - Panipat Live