हरियाणा के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। राज्य के विद्यालय शिक्षा निदेशालय द्वारा आगामी त्योहारों और विशेष ऐतिहासिक दिवसों के मद्देनजर स्थानीय अवकाशों का नया और संशोधित कैलेंडर जारी कर दिया गया है। इस आधिकारिक आदेश के लागू होने से प्रदेशभर के स्कूलों में कुछ चुनिंदा तिथियों पर अवकाश रहेगा, जिससे विद्यार्थियों को अपने पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों में सहभागिता करने का अवसर प्राप्त होगा। शिक्षा विभाग की तरफ से यह कदम शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही उठाए गए प्रशासनिक निर्णयों की कड़ी के रूप में उठाया गया है, ताकि सभी शिक्षण संस्थान समय रहते अपनी परीक्षाओं और पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर सकें।
जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन प्रमुख पर्वों और दिवसों को स्थानीय अवकाश के दायरे में रखा गया है, उनमें करवा चौथ, छोटी दिवाली और सिख पंथ के महान गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस प्रमुख रूप से शामिल हैं। निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चूंकि इन त्योहारों की तिथियां और पंचांग के अनुसार गणना अब पूरी तरह निश्चित हो चुकी है, इसलिए सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में औपचारिक पत्र भेज दिया गया है। आदेश की प्रतियां राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) गुरुग्राम के अलावा प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को आवश्यक अनुपालना के लिए प्रेषित कर दी गई हैं ताकि जमीनी स्तर पर किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।
त्योहारों और विशेष दिवसों के अनुसार अवकाश की विस्तृत तिथियां
शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी किए गए संशोधित अवकाश निर्देशों में विभिन्न महत्वपूर्ण तिथियों को शामिल किया गया है। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार, साल के शुरुआती दौर में यानी 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा का अवकाश निर्धारित किया गया था। इसके उपरांत, शरद ऋतु और वर्ष के अंतिम महीनों में आने वाले पर्वों को ध्यान में रखते हुए तिथियों को अंतिम रूप दिया गया है। निदेशालय के पत्र के अनुसार आगामी महीनों में विद्यार्थियों को मिलने वाली छुट्टियों की फेरहिस्त काफी स्पष्ट कर दी गई है ताकि स्कूल प्रबंधन और अभिभावक अपनी आगामी गतिविधियों की योजना उसी अनुसार बना सकें।
इन घोषित छुट्टियों में सबसे पहले 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) को करवा चौथ के पावन पर्व पर स्थानीय अवकाश रहेगा। इसके ठीक कुछ दिनों बाद, दीपावली के पावन पर्व की श्रृंखला में 7 नवंबर 2026 (शनिवार) को छोटी दिवाली के अवसर पर भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त, इतिहास के पन्नों में अमिट योगदान देने वाले गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर 14 दिसंबर 2026 (सोमवार) को पूरे राज्य में स्थानीय अवकाश रहेगा। इन सभी तिथियों के तय होने से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षण स्टाफ को भी अपने व्यक्तिगत और आधिकारिक कार्यों को निपटाने में सहूलियत होगी।
| क्र.सं. | त्योहार / विशेष दिवस | निश्चित तिथि | दिन |
|---|---|---|---|
| 1 | बुद्ध पूर्णिमा | 1 मई 2026 | शुक्रवार |
| 2 | करवा चौथ | 29 अक्टूबर 2026 | वीरवार |
| 3 | छोटी दिवाली | 7 नवंबर 2026 | शनिवार |
| 4 | गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस | 14 दिसंबर 2026 | सोमवार |
प्रशासनिक और विभागीय तंत्र की तैयारियां व निर्देश
इस प्रकार के अवकाशों की घोषणा के पीछे राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पारंपारिक और सांस्कृतिक पर्वों के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की अकादमिक असुविधा का सामना न करना पड़े। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने अपने पत्र में यह भी ताकीद की है कि जिन विद्यालयों में इन निर्धारित अवकाशों के दिन कोई पूर्व-नियोजित परीक्षाएं या विशेष प्रायोगिक सत्र निर्धारित थे, वे अपने स्तर पर उनमें संशोधन कर सकते हैं। हालांकि, अधिकांश मामलों में स्थानीय अवकाश सभी मान्यता प्राप्त सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होते हैं, जिससे प्रशासनिक एकरूपता बनी रहती है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस बार का कैलेंडर बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि सप्ताह के बीच में या सप्ताहांत के नजदीक आने वाले पर्वों का प्रबंधन बेहतर ढंग से हो सके। उदाहरण के तौर पर, 14 दिसंबर को सोमवार का दिन होने के कारण विद्यार्थियों को एक लंबा सप्ताहांत (Weekend) मिलने की संभावना है, जिसका उपयोग वे अपने गृहकार्य और पुनरावृत्ति (Revision) के लिए कर सकते हैं। शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों में इन आदेशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करवाएं, ताकि किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी न हो सके।
"विद्यालय शिक्षा निदेशालय, हरियाणा द्वारा सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और एससीईआरटी को प्रेषित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2026 के दौरान निर्धारित स्थानीय अवकाशों के नियमों का सख्ती से पालन किया जाए ताकि विद्यार्थी और शिक्षक अपनी सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों का संतुलन बनाए रख सकें।"
अभिभावकों, विद्यार्थियों और स्थानीय जनजीवन पर प्रभाव
शिक्षा विभाग द्वारा लिए गए इन निर्णयों का सीधा सकारात्मक प्रभाव हरियाणा के लाखों स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के जीवन पर पड़ेगा। आधुनिक समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में बच्चों को अपने परिवार के साथ पारंपरिक त्योहार मनाने के लिए बहुत कम समय मिल पाता है। ऐसे में करवा चौथ और छोटी दिवाली जैसे पारिवारिक पर्वों पर आधिकारिक अवकाश मिलने से बच्चों को अपने पारिवारिक परिवेश को नजदीक से समझने और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने का पूरा अवसर मिलता है। इसके अलावा, शिक्षक वर्ग भी इन छुट्टियों का उपयोग अपने गैर-शैक्षणिक अभिलेखों को दुरुस्त करने के लिए कर सकता है।
व्यापक स्तर पर देखें तो जब शिक्षण संस्थान बंद रहते हैं, तो स्थानीय परिवहन और बाजारों में भी इसका हल्का असर देखने को मिलता है, विशेषकर त्योहारी सीजन के दौरान जब बच्चों की उपस्थिति शिक्षण संस्थानों में नहीं होती, तो अभिभावक अपनी खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों को अधिक सुगमता से पूरा कर पाते हैं। पानीपत समेत पूरे हरियाणा के अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के इस स्पष्ट और समयबद्ध कैलेंडर का स्वागत किया है, क्योंकि इससे भविष्य की छुट्टियों का पूर्वानुमान लगाना आसान हो गया है और किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति का अंत हो गया है।




