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हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी का बजट विवाद पहुंचा सीएम नायब सैनी के दरबार, झींडा ने रखी ऑल इंडिया एक्ट की मांग

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का बजट पास न होने का मामला मुख्यमंत्री नायब सैनी तक पहुंच गया है।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
5 नवंबर 2026 को 08:07 pm बजे2 मिनट पठन1 व्यूज
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी का बजट विवाद पहुंचा सीएम नायब सैनी के दरबार, झींडा ने रखी ऑल इंडिया एक्ट की मांग
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से की मुलाकात
  • •कमेटी के कुछ वरिष्ठ सदस्यों पर बैठक में शामिल न होकर बजट पास कराने में रोड़ा अटकाने का लगाया गंभीर आरोप
  • •मुख्यमंत्री के समक्ष देश के सभी गुरुद्वारों के लिए 'ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट' बनाने की पुरजोर मांग रखी गई
  • •लेह लद्दाख से शुरू किए गए जनजागरण अभियान के तहत सीएम सैनी को इस महत्वपूर्ण विषय पर सौंपी गई विस्तृत जानकारी

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के भीतर लंबे समय से चल रहा अंदरूनी कलह और प्रशासनिक गतिरोध अब प्रदेश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के दरवाजे तक पहुंच चुका है। संस्था का बजट पारित न होने और महत्वपूर्ण विकास कार्यों के ठप पड़ने से उपजी चिंताओं को लेकर कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान जत्थेदार झींडा ने मुख्यमंत्री को सांगठनिक कामकाज में आ रही बाधाओं और वित्तीय संकट से जुड़े तमाम पहलुओं से विस्तार से अवगत कराया, ताकि समय रहते इस प्रशासनिक अवरोध को दूर किया जा सके।

मुलाकात के दौरान प्रधान झींडा ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट किया कि संगत की प्राथमिक अपेक्षाओं और धार्मिक संस्था के सुचारू संचालन के लिए बजट का पास होना अनिवार्य है। इसके लिए कार्यकारिणी समिति की कई बार बैठकें आहूत करने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ पदाधिकारी लगातार अनुपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि हरियाणा कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह, कनिष्ठ उप प्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर, कार्यकारिणी समिति के सदस्य जगतार सिंह और टीपी सिंह नारनौल बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं, जिसके कारण वैधानिक प्रक्रिया के तहत बजट को स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।

पदाधिकारियों के असहयोग से रुकी विकास गतिविधियां और बढ़ रही समस्याएं

संगठन के भीतर आम सहमति के अभाव और कुछ सदस्यों द्वारा बैठकों में हिस्सा न लेने के कारण हरियाणा भर के गुरुद्वारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण और कल्याणकारी कार्य अधर में लटके हुए हैं। जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि बजट के अभाव में कर्मचारियों के वेतन से लेकर धार्मिक आयोजनों और ढांचागत विकास से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कमेटी के सामने आ रही इन व्यावहारिक दिक्कतों के चलते सिख संगत में भी चिंता का माहौल है, क्योंकि संस्था का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी और सुचारू प्रबंध सुनिश्चित करना है जो फिलहाल आंतरिक गतिरोध की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।

इस प्रतिनिधिमंडल में प्रधान झींडा के साथ संयुक्त सचिव बलविंदर सिंह भिंडर, कार्यकारिणी समिति के सदस्य पलविंदर सिंह चीमा, रुपिंदर सिंह पंजोखरा साहिब और कमेटी मेंबर मेजर सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर असहयोग कर रहे सदस्यों से बातचीत करें और संस्था के हित में जल्द से जल्द बजट पारित करवाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करें ताकि सिख संगत के धार्मिक व सामाजिक कार्यों को गति मिल सके।

विषय / विवरणस्थिति / तथ्य
मुलाकात का मुख्य उद्देश्यHSGMC का रुका हुआ बजट पास करवाना और प्रशासनिक रोड़े हटाना
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्वप्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा
बैठकों से दूरी बनाने वाले पदाधिकारीवरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह, कनिष्ठ उप प्रधान गुरबीर सिंह तलाकौर व अन्य
प्रमुख अतिरिक्त मांगदेशभर के गुरुद्वारों के लिए 'ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट' का गठन
अभियान की शुरुआतलेह लद्दाख क्षेत्र से ज्ञापन सौंपकर की गई थी शुरुआत

ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट की मांग और लेह-लद्दाख अभियान का विस्तार

वित्तीय संकट और प्रशासनिक अड़चनों के समाधान की अपील के अलावा, इस बैठक का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू देशव्यापी धार्मिक प्रबंधन से जुड़ा रहा। जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष 'ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट' (All India Gurdwara Act) बनाने का राष्ट्रीय मुद्दा भी मजबूती से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर गहन विचार-विमर्श किया और इसकी वर्तमान अपरिहार्यता पर प्रकाश डाला। झींडा का तर्क है कि देश के सभी प्रमुख गुरुद्वारा साहिबान के प्रबंधन को एक सुसंगत और पारदर्शी कानूनी दायरे में लाने के लिए यह कानून बनना समय की सबसे बड़ी मांग है।

जानकारी के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत हाल ही में लेह लद्दाख से की गई थी, जहां जत्थेदार झींडा ने वहां के राज्यपाल को इस संबंध में औपचारिक ज्ञापन भी सौंपा था। उनका मानना है कि जब तक पूरे देश के गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए एक समग्र और केंद्रीय अधिनियम नहीं बनता, तब तक विभिन्न राज्यों में स्थानीय स्तर पर इस तरह के प्रशासनिक और वैधानिक गतिरोध उत्पन्न होते रहेंगे। एक केंद्रीय एक्ट के अस्तित्व में आने से सिख संस्थानों का प्रबंध और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह हो सकेगा, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और संस्था की गरिमा दोनों सुरक्षित रहेंगी।

"हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के बजट को पारित कराने में कुछ सदस्य जानबूझकर रोड़ा अटका रहे हैं और बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। हमने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें ताकि संगत के कार्यों में कोई बाधा न आए। साथ ही, देशहित में ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बनाने की आवश्यकता से भी सीएम को अवगत कराया गया है।" - जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा, प्रधान, HSGMC

शासन स्तर पर हस्तक्षेप की उम्मीद और आगामी प्रशासनिक कदम

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद एचएसजीएमसी के भीतर सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्रदेश सरकार इस मामले में किस प्रकार का मध्यस्थता रुख अपनाती है और क्या असहयोग कर रहे सदस्यों को मनाने के लिए कोई प्रशासनिक या राजनीतिक पहल की जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि सरकार के स्तर पर कोई सकारात्मक संवाद स्थापित होता है, तो जल्द ही बजट सत्र या कार्यकारिणी की विशेष बैठक बुलाकर वित्तीय मोर्चे पर फंसे पेच को सुलझाया जा सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर धार्मिक संस्थाओं के आंतरिक प्रबंधन और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली में अनुशासन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। जहां एक ओर हरियाणा कमेटी के पदाधिकारी अपने रूके हुए विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट का यह मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर सिख राजनीति और धार्मिक बहसों के केंद्र में आ सकता है। पानीपत लाइव इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए रखेगा और हर अपडेट अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाएगा।

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