पानीपत जिले के तहसील कैंप थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुरी चौक के पास शुक्रवार दोपहर को एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई, जहां नौवीं कक्षा के मात्र 15 वर्षीय छात्र ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई स्तब्ध है। मृतक की पहचान चिराग के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा और दो बहनों का भाई था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार मूल रूप से फतेहपुरी चौक के नजदीक पूर्ण डॉक्टर वाली गली में एक किराए के मकान में निवास करता है। चिराग की माता कविता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार था और स्थानीय विक्टर पब्लिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहा था। परिवार की आर्थिक और पारिवारिक स्थिति सामान्य थी, जिसमें एक बेटी कॉलेज में अध्ययनरत है और दूसरी बहन ट्यूशन पढ़ाकर परिवार का सहयोग करती है। इस अचानक हुई दुर्घटना ने पूरे परिवार को अंदर से झकझोर कर रख दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना का सिलसिलेवार घटनाक्रम और परिजनों के गंभीर आरोप
शुक्रवार को घटी इस घटना के बाद परिजनों ने स्कूल प्रशासन और एक शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि करीब तीन महीने पहले स्कूल परिसर के भीतर बच्चों के आपसी विवाद के दौरान एक शिक्षक ने चिराग को थप्पड़ जड़ दिया था। परिजनों का कहना है कि उस घटना के बाद से ही बच्चा मानसिक रूप से काफी तनाव में रहने लगा था और लगातार डरा हुआ महसूस कर रहा था। घटना वाले दिन भी चिराग ने अपने पिता राकेश से तबीयत खराब होने की बात कही थी, जिसके बाद पिता अपनी फैक्टरी चले गए और माताजी सब्जी खरीदने बाजार चली गईं।
जब दोपहर करीब डेढ़ बजे मां वापस घर लौटीं, तो उन्होंने देखा कि चिराग फंदे पर लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों की सहायता से उसे नीचे उतारा और आनन-फानन में जिला नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचीं। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद चिराग को मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक समाचार ने माता-पिता और बहनों की दुनिया ही उजाड़ दी है। घटना की सूचना पाकर तहसील कैंप थाना पुलिस बल तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचा तथा साक्ष्य जुटाए।
| घटना का विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| घटना का स्थान | फतेहपुरी चौक के पास, तहसील कैंप, पानीपत |
| मृतक की आयु व कक्षा | 15 वर्ष, नौवीं कक्षा |
| अध्ययनरत संस्थान | विक्टर पब्लिक स्कूल, तहसील कैंप |
| प्रमुख आरोप | तीन महीने पहले शिक्षक द्वारा थप्पड़ मारने और मानसिक प्रताड़ना |
| पुलिस कार्रवाई | शवगृह में रखवाया गया शव, शनिवार को होगा पोस्टमार्टम |
स्कूल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले में जब स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया गया तो उन्होंने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विक्टर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विक्रम गांधी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिजनों के दावे पूरी तरह से निराधार और असत्य हैं। स्कूल के सभी शिक्षकों से इस संबंध में पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि करीब दो-तीन महीने पहले स्कूल के बाहर कुछ बच्चों के बीच मामूली आपसी विवाद जरूर हुआ था, जिसे प्रबंधन ने तुरंत मौके पर ही हस्तक्षेप कर सुलझा दिया था और सभी बच्चों के बीच सुलह करवा दी थी।
प्रबंधक ने आगे कहा कि किसी भी शिक्षक ने चिराग के साथ मारपीट या उसे प्रताड़ित नहीं किया था। स्कूल परिवार इस कठिन और दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी सहानुभूति रखता है और पुलिस की निष्पक्ष जांच में हरसंभव सहयोग करने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, मामले की जांच कर रहे डीएसपी सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस को छात्र की मौत की सूचना मिल चुकी है और शनिवार को मृतक के शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की आधिकारिक शिकायत और उनके बयानों को आधार बनाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
"तहसील कैंप क्षेत्र में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिली है। शनिवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों द्वारा दी जाने वाली लिखित शिकायत और बयानों के आधार पर ही नियमानुसार आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।" - सुरेश कुमार, डीएसपी, पानीपत
स्थानीय समाज और शिक्षा संस्थानों पर पड़ता प्रभाव
इस प्रकार की दर्दनाक घटनाएं न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात पहुंचाती हैं। पानीपत के स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों के बीच इस घटना के बाद से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और स्कूलों में अनुशासन के तौर-तरीकों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। शिक्षाविदों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों और अभिभावकों के बीच संवाद का स्तर मजबूत होना चाहिए ताकि बच्चे किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या तनाव का शिकार होने से बच सकें। स्कूलों में मनोवैज्ञानिक परामर्श सत्रों की अनिवार्यता पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि छात्र अपनी भावनाओं को खुलकर साझा कर सकें।
पानीपत लाइव की ग्राउंड टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच करें ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या प्रताड़ना की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।




