पानीपत लाइव ब्यूरो: पानीपत जिले की मिट्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिले के गांव बबैल निवासी युवा एथलीट शौर्य ग्रोवर ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आयोजित 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि 600 मीटर दौड़ में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड (National Record) भी कायम किया है। शौर्य की इस स्वर्णिम सफलता से पूरे पानीपत जिले और हरियाणा के खेल जगत में उत्सव जैसा माहौल है।
चेन्नई में 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित इस पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के शीर्ष युवा धावकों ने भाग लिया था। अंडर-16 आयु वर्ग की प्रतिस्पर्धा में उतरे शौर्य ग्रोवर ने शुरुआत से ही अपनी तकनीक और गति पर नियंत्रण बनाए रखा। फिनिशिंग लाइन की तरफ बढ़ते ही उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और 1 मिनट 17.63 सेकंड के अविश्वसनीय समय के साथ पहला स्थान हासिल कर स्वर्णिम सफलता प्राप्त की।
600 मीटर दौड़ में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
शौर्य ग्रोवर की यह जीत इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि उन्होंने केवल पदक ही नहीं जीता, बल्कि इस स्पर्धा के इतिहास को भी नए सिरे से लिखा है। इससे पूर्व अंडर-16 वर्ग की 600 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड 1 मिनट 18.48 सेकंड का था। शौर्य ने इस पुराने कीर्तिमान को 0.85 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ते हुए नया नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया। उनके ट्रैक पर उतरते ही दर्शकों और तकनीकी अधिकारियों की निगाहें उनकी टाइमिंग बोर्ड पर टिकी हुई थीं, और जैसे ही नया समय फ्लैश हुआ, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हरियाणा का दबदबा अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भी देखने को मिला। अंडर-16 लड़कों की 1000 मीटर मेडले रिले टीम ने भी बेहतरीन तालमेल का परिचय देते हुए 1 मिनट 54.38 सेकंड के समय के साथ नया राष्ट्रीय और मीट रिकॉर्ड स्थापित किया और राज्य के खाते में एक और स्वर्ण पदक जोड़ा।
| प्रतियोगिता का नाम | खिलाड़ी का नाम | गांव/जिला | स्पर्धा / वर्ग | दर्ज समय (Time) | उपलब्धि |
|---|---|---|---|---|---|
| 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स | शौर्य ग्रोवर | बबैल (पानीपत) | 600 मीटर (अंडर-16) | 1:17.63 मिनट | गोल्ड मेडल (नया नेशनल रिकॉर्ड) |
| 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स | हरियाणा टीम | हरियाणा राज्य | 1000 मीटर मेडले रिले | 1:54.38 मिनट | गोल्ड मेडल (मीट व नेशनल रिकॉर्ड) |
गांव बबैल में भव्य स्वागत और सम्मान समारोह
राष्ट्रीय स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित कर जब शौर्य ग्रोवर अपने गृह गांव बबैल पहुंचे, तो ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उनका ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। खिलाड़ी के सम्मान में गांव में एक विशेष नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं ने शिरकत की।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रसिद्ध समाजसेवी अरविंद कादियान ने शौर्य ग्रोवर की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही, खिलाड़ी को निखारने वाले उनके दोनों कोचों को भी 5100-5100 रुपये का नगद पुरस्कार देकर उनके मार्गदर्शन की सराहना की गई।
"शौर्य ग्रोवर ने बेहद कम उम्र में अपनी लगन और कठिन परिश्रम से पूरे देश में पानीपत का नाम रोशन किया है। ऐसी ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को सही समय पर प्रोत्साहन और संसाधन मिलना आवश्यक है। शौर्य की भावी खेल यात्रा और उत्तम पोषण के लिए उनकी डाइट का संपूर्ण खर्च मैं व्यक्तिगत रूप से वहन करूंगा।"
— अरविंद कादियान, स्थानीय समाजसेवी व खेल संरक्षक
स्थानीय युवा खेल प्रतिभाओं के लिए बना प्रेरणा का स्रोत
पानीपत जिले के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बावजूद शौर्य ग्रोवर जैसे युवाओं की सफलता यह साबित करती है कि यदि हौसला बुलंद हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। शौर्य के इस राष्ट्रीय रिकॉर्ड ने जिले के शिवाजी स्टेडियम और ग्रामीण अखाड़ों व ट्रैकों पर पसीना बहा रहे सैकड़ों युवा धावकों में नया उत्साह भर दिया है।
स्थानीय खेल प्रशिक्षकों का मानना है कि शौर्य की यह तकनीक और गति आने वाले समय में उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी तिरंगा लहराने का अवसर देगी। शौर्य ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, कोचों के दिशा-निर्देशन और अपनी निरंतर ट्रेनिंग को दिया है।
आगे की रणनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर नजर
राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अब शौर्य ग्रोवर का अगला लक्ष्य आगामी खेलो इंडिया यूथ गेम्स और एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना है। एथलेटिक्स विशेषज्ञों के अनुसार, 600 मीटर की दौड़ में शौर्य का यह टाइमिंग पेस भविष्य के मध्यम दूरी के धावकों के लिए एक नया मानक तय करता है। खेल विभाग और स्थानीय खेल संघों ने भी खिलाड़ी को हर संभव प्रशासनिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।




