त्योहारों के नजदीक आते ही पानीपत जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में पानीपत शहर के नूरवाला इलाके में खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक मिठाई निर्माण इकाई पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान उत्पादन केंद्र पर साफ-सफाई के भारी अभाव और निर्धारित खाद्य मानकों की अनदेखी पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की।
यह कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष डीसी सर्विलांस टीम के निर्देशों के तहत की गई। टीम में डेजिग्नेटेड ऑफिसर डॉ. वीरेंद्र यादव, तहसीलदार मनोज कुमार और संबंधित क्षेत्र के फूड सेफ्टी ऑफिसर समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासनिक दल जब नूरवाला स्थित पूजा मॉडल स्कूल के पास बनी इस फैक्टरी के भीतर दाखिल हुआ, तो वहां बड़े पैमाने पर मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। अधिकारियों ने तुरंत निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और वहां की स्वच्छता व्यवस्था की गहन जांच पड़ताल शुरू कर दी।
छापेमारी के दौरान मिला कमियों का अंबार और मौके पर नष्ट हुई सामग्री
जांच के दौरान टीम ने पाया कि फैक्टरी के भीतर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों की अनदेखी की जा रही थी। मौके पर तैयार किए जा रहे सफेद रसगुल्ले और गुलाब जामुन तय गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा कार्यस्थल पर साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद चिंताजनक थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से उन मिठाइयों को अमानक घोषित कर दिया। फैक्टरी परिसर में मौजूद कर्मचारियों से उन मिठाइयों को हटवाया गया और मौके पर ही उन्हें नाले में बहाकर नष्ट कर दिया गया।
इसके साथ ही अधिकारियों ने रसगुल्ले और गुलाब जामुन के आधिकारिक सैंपल भी सुरक्षित कर लिए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए मोहाली स्थित राज्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद फैक्टरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन का यह कदम यह स्पष्ट करने के लिए काफी है कि त्योहारी सीजन में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
| छापेमारी विवरण | तथ्य एवं प्रशासनिक कार्रवाई |
|---|---|
| स्थान | नूरवाला, पूजा मॉडल स्कूल के पास, पानीपत |
| जांच दल | डीसी सर्विलांस टीम (स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभाग) |
| प्रमुख कार्रवाई | अमानक रसगुल्ले व गुलाब जामुन नाले में नष्ट, सैंपल सील |
| पिछली कार्रवाई | बेरी वाली मस्जिद के पास से 120 किलो गुलाब जामुन नष्ट |
अधिकारियों की दो टूक: मिलावटखोरों पर जारी रहेगा शिकंजा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में बिकने वाली हर मिठाई की गुणवत्ता को पूरी तरह सुरक्षित बनाना है। दीपावली और अन्य बड़े पर्वों के अवसर पर मांग बढ़ने के कारण कई बार असंगठित या छोटे स्तर पर बिना लाइसेंस के भी मिठाइयों का उत्पादन शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह नियमित निरीक्षण अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि केवल गुप्त सूचनाओं के आधार पर ही नहीं, बल्कि रूटीन चेकिंग के तहत भी पूरे पानीपत जिले में मिठाई विक्रेताओं और निर्माताओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। लाइसेंस की वैधता से लेकर निर्माण स्थल की स्वच्छता तक, हर बिंदु पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
"त्योहारों के इस सीजन में आम जनता की सेहत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन भी खाद्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी करते समय सजग रहें।" - डॉ. वीरेंद्र यादव, डेजिग्नेटेड ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग
स्थानीय बाजार और नागरिकों पर व्यापक प्रभाव
प्रशासन द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के बाद पानीपत के मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। कई छोटे और बड़े निर्माताओं ने अपनी दुकानों और कारखानों में साफ-सफाई की व्यवस्था को अचानक दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। शहर के बाजारों में इस बात की चर्चा है कि इस बार प्रशासन मिलावट के मामलों में किसी भी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
दूसरी ओर, आम नागरिकों ने इस प्रशासनिक कदम की सराहना की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि त्योहारों के समय बाजार में मिलावटी खोया, पनीर और मिठाइयों की बिक्री बढ़ जाती है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराता रहता है। यदि इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहें, तो मिलावटखोरों के हौसले पस्त होंगे और लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सकेगी।
आगे की प्रशासनिक रणनीति और आगामी कदम
विभाग की ओर से यह भी घोषणा की गई है कि दीपावली के पर्व तक सैंपलिंग का यह अभियान शहर के कोने-कोने में युद्ध स्तर पर जारी रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी वार्डों तक स्थित सभी प्रमुख हलवाइयों और फैक्ट्रियों की रडार पर जांच की जा रही है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर खाद्य सामग्री में मिलावट या अस्वच्छता की आशंका हो, तो वे तुरंत विभाग को सूचित करें ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।




