गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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पानीपत के डाहर गांव में दर्दनाक हादसा: बारिश के दौरान 11 केवी का तार टूटने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत

पानीपत के मतलौडा अंतर्गत गांव डाहर में बारिश के बीच टूटा 11 केवी का बिजली का तार। करंट लगने से 11 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया।

पानीपत लाइव ब्यूरो✓ वेरिफाइड ग्राउंड रिपोर्टर
पानीपत लाइव डिजिटल नेटवर्क
29 अक्टूबर 2026 को 01:31 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पानीपत के डाहर गांव में दर्दनाक हादसा: बारिश के दौरान 11 केवी का तार टूटने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत
फोटो: पानीपत लाइव ग्राउंड रिपोर्टिंग ब्यूरोpanipatlive.com

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •पानीपत जिले के मतलौडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव डाहर में हुआ यह हृदयविदारक हादसा।
  • •बारिश के दौरान अचानक 11 केवी हाई-वोल्टेज बिजली का तार टूटकर सीधे 11 वर्षीय मासूम पंकज पर गिरा।
  • •दुकान से सामान लेकर सर्विस लेन से लौट रहा था बच्चा, अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें।
  • •उत्तर प्रदेश के पीलीभीत मूल का परिवार गांव डाहर में किराए पर रहकर एक स्थानीय फैक्ट्री में करता है मजदूरी।

पानीपत जिले के मतलौडा ब्लॉक के अधीन आने वाले गांव डाहर से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां गुरुवार सुबह आसमान से बरस रही फुहारों के बीच एक परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। मूसलाधार बारिश के दौरान अचानक बिजली वितरण निगम की 11 केवी की जर्जर हाई-वोल्टेज लाइन का एक तार टूटकर सीधे जमीन पर चल रहे एक मासूम बच्चे पर आ गिरा। इस भीषण हादसे में करंट की चपेट में आने से 11 वर्षीय बालक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जिसे परिजन और स्थानीय लोग तुरंत पानीपत सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और बिजली निगम की लचर कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना गुरुवार सुबह के वक्त पेश आई। मृतक बच्चे की पहचान 11 वर्षीय पंकज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला पीलीभीत के अंतर्गत आने वाले गांव बरगदा का रहने वाला था। पंकज का परिवार वर्तमान में रोजी-रोटी की तलाश में पानीपत के गांव डाहर में एक किराए के मकान में जीवन गुजार रहा है। बच्चे के पिता राम अवतार पास ही स्थित एक स्थानीय औद्योगिक इकाई (फैक्ट्री) में बतौर मजदूर अपनी सेवाएं देते हैं। सुबह के समय अचानक मौसम खराब होने और तेज बारिश शुरू होने के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया था, तभी यह अनहोनी घटित हो गई, जिसने एक हंसते-खेल्ते परिवार की दुनिया ही उजाड़ कर रख दी।

दुकान से सामान लेकर घर लौटते समय रास्ते में हुआ भीषण हादसा

घटना के विस्तृत सिलसिलेवार घटनाक्रम के मुताबिक, गुरुवार को सुबह जब तेज बारिश ने रफ्तार पकड़ी, तो 11 वर्षीय पंकज घर के किसी काम से नजदीकी दुकान पर गया हुआ था। वह दुकान से दैनिक उपयोग का सामान खरीदकर जीटी रोड के पास बनी सर्विस लेन के रास्ते से होते हुए अपने आशियाने की तरफ वापस लौट रहा था। बारिश की वजह से चारों तरफ पानी भरा हुआ था और बच्चा खुद को भींगने से बचाने के लिए और जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाते हुए अपनी माता-पिता की ओर बढ़ रहा था। तभी ऊपर से गुज़र रही बिजली विभाग की 11 केवी क्षमता वाली भारी-भरकम लाइन का एक पुराना तार अचानक टूट गया और सीधे सर्विस लेन पर चल रहे पंकज के ऊपर आ गिरा। तार में प्रवाहित हो रहे तेज करंट के कारण बच्चे को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह मौके पर ही अहोश होकर गिर पड़ा।

आसपास से गुजर रहे राहगीरों और दुकानदारों ने जब बच्चे को बिजली के तार से चिपकते और गिरते हुए देखा, तो उनके होश उड़ गए। लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाने के प्रयास किए और सूझबूझ दिखाते हुए लाठी-डंडों की मदद से बच्चे को तार से अलग किया। इसके बाद फौरन परिजनों को सूचित किया गया और बिना एक पल गंवाए लहूलुहान व अचेत अवस्था में बच्चे को पानीपत के सामान्य नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। आपातकालीन कक्ष में मौजूद वरिष्ठ चिकित्सकों ने जब पंकज का स्वास्थ्य परीक्षण किया, तो उन्होंने अत्यधिक करंट लगने से उसकी पहले ही मौत हो जाने की पुष्टि कर दी। अस्पताल के डॉक्टरों के इस बयान के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और अस्पताल परिसर में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।

घटना का विवरणतथ्य एवं जानकारी
घटना का स्थानगांव डाहर, मतलौडा, पानीपत (हरियाणा)
हादसे का कारणबारिश के दौरान 11 केवी हाई-वोल्टेज बिजली का तार टूटना
पीड़ित का विवरणपंकज (उम्र 11 वर्ष), पुत्र श्री राम अवतार
मूल निवासगांव बरगदा, जिला पीलीभीत, उत्तर प्रदेश
अस्पताल व कार्रवाईपानीपत सिविल अस्पताल (मृत घोषित), पुलिस जांच जारी

इस दुखद प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस महकमा और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत पानीपत सिविल अस्पताल पहुंची और मृतक बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या बिजली के तार की जर्जर हालत की कोई पूर्व शिकायत विभाग को दी गई थी या नहीं। यदि लापरवाही का कोई भी पहलू सामने आता है, तो उचित कानूनी धाराओं के तहत आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

दूसरी ओर, बिजली निगम के अधिकारियों ने भी इस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का संज्ञान लिया है। हालांकि शुरुआती तौर पर मौसम की खराबी और बारिश को मुख्य वजह बताया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण इस तर्क को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि समय रहते बिजली के पुराने तारों को बदल दिया जाता या उनकी सही ढंग से मेंटेनेंस (रखरखाव) की जाती, तो आज एक मासूम को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। स्थानीय निवासियों ने विद्युत निगम के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पीड़ित गरीब मजदूर परिवार को उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए ताकि इस दुख की घड़ी में उन्हें थोड़ी आर्थिक संबलता मिल सके।

"हम रोजाना की तरह अपनी मजदूरी करने फैक्ट्रियों की तरफ निकले थे और बच्चा सामान्य दिनों की तरह घर के पास था। हमें क्या पता था कि यह बारिश हमारे परिवार पर ऐसा कहर ढाएगी कि हमारा इकलौता बेटा हमेशा के लिए हमसे छिन जाएगा। प्रशासन को ऐसे जर्जर तारों को तुरंत ठीक कराना चाहिए ताकि किसी अन्य माता-पिता को यह दर्द न झेलना पड़े।" - स्थानीय पीड़ित परिवार और ग्रामीण

स्थानीय जनजीवन, अभिभावकों की चिंता और व्यवस्था पर गहरा प्रभाव

पानीपत के मतलौडा क्षेत्र के डाहर गांव में हुई इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके के ग्रामीण सहमे हुए हैं। बारिश के मौसम में बिजली के खुले तारों, जर्जर खंभों और ढीले ट्रांसफॉर्मरों को लेकर लोगों के मन में डर बैठ गया है। माता-पिता इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि जब उनके बच्चे स्कूल या बाजार जाने के लिए घर से बाहर निकलते हैं, तो सिर पर मंडराता यह मौत का साया उनकी सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा बन चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक रूप से बिजली निगम के स्थानीय कार्यालयों में जर्जर तारों को बदलने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है। नतीजतन, आम जनता को अपनी जान देकर इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

इस प्रकार की घटनाएं न केवल व्यवस्था की पोल खोलती हैं, बल्कि यह भी याद दिलाती हैं कि ग्रामीण अंचलों में बुनियादी विद्युत ढांचे को दुरुस्त करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कितनी बड़ी प्रशासनिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है। एक तरफ जहां हरियाणा सरकार डिजिटल और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं धरातल पर पानीपत जैसे औद्योगिक और ग्रामीण जिलों में आज भी कई जगह जानलेवा जर्जर तार खुलेआम मौत को दावत दे रहे हैं।

प्रशासनिक व कानूनी कदम तथा आगामी कार्रवाई

इस पूरे मामले में पानीपत पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि और पुख्ता कानूनी पहलुओं को जोड़ते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि मृतक मजदूर परिवार को न्याय और उचित मुआवजा नहीं मिला, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। 'पानीपत लाइव' इस संवेदनशील मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है और पल-पल की अपडेट अपने पाठकों तक पहुंचाता रहेगा।

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पानीपत लाइव ग्राउंड न्यूज़रूम ब्यूरोPanipatLive.com

पानीपत शहर, समालखा, मतलौडा, इसराना, सनौली व टेक्सटाइल हब की 24x7 ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम

पानीपत लाइव (panipatlive.com) पानीपत जिले का प्रमुख और स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क है। हमारी संपादकीय टीम का मुख्य उद्देश्य पानीपत के नागरिकों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं तक धरातल की हर प्रमाणित और निष्पक्ष खबर सबसे पहले पहुंचाना है।

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